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नूरवाला की सड़कों पर एक सप्ताह से खड़ा है 2-2 फुट गंदा पानी, शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो मजबूरन चार स्कूलों को करनी पड़ी
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:18 AM IST
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सड़कों पर जमा है पानी, नहीं हुई निकासी तो तीन स्कूलों में सात दिनों की छुट्टी
-लोग बोले-कई बार विधायक से लेकर नगर निगम कमिश्नर तक लगा चुके हैं समस्या के समाधान के लिए गुहार अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नूरवाला की हरिसिंह कॉलोनी की सड़कों पर सप्ताहभर से 2-2 फुट गंदा पानी भरा हुआ है। पानी की निकासी की कोई सुविधा नहीं है। अब यहां के चार निजी स्कूलों में छुट्टियां करनी पड़ गईं। इनमें से तीन स्कूल सात दिनों के लिए और एक स्कूल 5 दिन में खुला। इस कारण ढाई हजार बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
बारिश के बाद हरि सिंह नगर की गलियां तालाब में तब्दील हो जाती हैं और आने जाने का रास्ता ब्लॉक हो जाता है। पिछले साल गंदगी के कारण नूरवाला क्षेत्र से मलेरिया के 125 केस सामने आए थे। यहां पर कई बार डायरिया भी फैल चुका है। इस कारण स्कूलों को मजबूरन बच्चों का अवकाश करना पड़ता है, जो अपने आप में एक बेहद गंभीर समस्या है। चार निजी स्कूलों से अलग कॉलोनी में एक सरकारी स्कूल भी है। सरकारी स्कूल के आसपास की गलियां तो ठीक बनी हुई हैं। परंतु कॉलोनी से जो बच्चे सरकारी स्कूल में जाते हैं, उन्हें ढाई तीन फीट पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बच्चों के पढ़ाई को प्रभावित होते देख अभिभावक भी चिंतित हैं।
कॉलोनी में चार स्कूलों में से तीन स्कूल सात दिनों के लिए बंद, एक 5 दिन में खुला
हरि सिंह कॉलोनी में चार स्कूल बने हुए हैं जो पिछले लंबे समय से इस समस्या का शिकार है। कॉलोनी के कृष्णा पब्लिक स्कूल में 600 बच्चे, पूजा मॉडर्न स्कूल में साढे़ 400 बच्चे, मोहित व चंदन कोर स्कूल में 700-700 के करीब बच्चे हैं। यानी कुल मिलाकर ढाई हजार के लगभग बच्चों की शिक्षा केवल इस वजह से प्रभावित हो रही है कि कॉलोनी में जल की निकासी नहीं है और ना ही गलियां बनी हुई हैं। कॉलोनी में स्थित तीन स्कूल कृष्णा, चंदन व मोहित एक सप्ताह से बंद हैं। जबकि पूजा मॉडर्न स्कूल ने बारिश रुकने के पांच दिन बाद गली में मलबा डलवा कर आने जाने का रास्ता बनाकर खोला गया है।
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गंदे पानी में डूबकर मर चुके हैं दो लोग
गंदे पानी की निकासी न होने के कारण पूरी कॉलोनी जलमग्न रहती है। इसमें पहले भी दो बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। गत दिनों एक फैक्टरी मजदूर की ढाई वर्ष की बच्ची इसी कॉलोनी में गंदे पानी में डूब कर अपनी जान गवां चुकी है। वहीं कॉलोनी वासियों ने बताया कि कुछ दिनों पहले एक बुजुर्ग भी पैर फिसल कर पानी में गिर गया था। कमजोर शरीर होने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
पांच दिन से था स्कूल बंद, मलबा डलवा कर बनाया रास्ता
पिछले पांच दिनों से रास्ता ब्लॉक होने के कारण स्कूल की छुट्टी की हुई थी। अपने खर्चे पर स्कूल के पीछे वाले रास्ते की गली में मलबा डलवा कर रास्ता बनवाया है। इसके बाद 450 में से करीब 200 छात्र ही स्कूल में पहुंचे है। इस साइड का रास्ता ठीक नहीं हो सका, उस तरफ के बच्चे कम संख्या में स्कूल पहुंचे हैं। इस वर्ष की तीन परीक्षाएं इसी समस्या के कारण रद्द कर दी गई थीं।
-कृष्णा, प्राचार्य, पूजा मॉडर्न स्कूल
हर बारिश के बाद करनी पड़ती हैं छुट्टियां
चंदा इकट्ठा करके गली में मलबा डलवाया जा रहा है। हर बारिश के बाद उन्हें स्कूल की छुट्टियां करनी पड़ती है। स्कूल में गर्मी व सर्दियों से ज्यादा छुट्टियां तो की मानसून के सीजन में रहती है।
- सुरेश गोयल, डायरेक्टर, कृष्णा पब्लिक स्कूल
बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
मैं और कॉलोनीवासी गलियां बनवाने व जल निकासी के लिए सैकड़ों बार शिकायत दे चुके हैं। कष्ट निवारण समिति से लेकर हर छोटे-मोटे दरबार में कॉलोनी के लोग अर्जी लगाते हैं। लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई नहीं होती। सड़के न बनने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। कॉलोनी में हर घर में वायरल बुखार फैला हुआ है।
-विनोद स्थानीय निवासी
धंस गए घरों के फर्श
जल निकासी न होने के कारण लोगों के घरों के फर्श भी बैठ गए हैं। बारिश ज्यादा होने पर लोगों के घरों में पानी घुस आता है व जो गलियां नई बनी हैं, वह भी पूरी तरह से टूट चुकी है। गलियों का पास कर दिया गया है।
-जितेंद्र सैनी, स्थानीय निवासी
चार साल बाद भी जेई कह रहे टेंडर लगाएंगे
मैंने सभी गलियों की हालत देखी है। ये पास कर दी गई हैं। जल्द ही टेंडर लगवा कर विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।
अजय, जेई, नगर निगम
सीएम विंडो में दी है शिकायत पर समाधान नहीं होता
गंदे पानी जमा होने से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। गलियों में गंदा पानी जमा है। कई बार इसकी शिकायत सीएम विंडो से लेकर नगर निगम के आला अधिकारियों को कर चुका हूं, मगर समाधान नहीं होता।
-मदन मजोका, पार्षद कमलेश के ससुर
स्कूल बंद करना सही बात नहीं
कॉलोनियों को वैध करवा दिया है। अब कॉलोनियों में टेंडर लगाने के निर्देश दिए हैं। सीवर डालने के टेंडर लगाने का काम शुरू हो चुका है। निजी स्कूलों को भी अपने आसपास सफाई करनी चाहिए। उनकी भी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। स्कूल बंद करना सही बात नहीं है।
-महिपाल ढांडा, विधायक ग्रामीण
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सड़कों पर जमा है पानी, नहीं हुई निकासी तो तीन स्कूलों में सात दिनों की छुट्टी
-लोग बोले-कई बार विधायक से लेकर नगर निगम कमिश्नर तक लगा चुके हैं समस्या के समाधान के लिए गुहार अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नूरवाला की हरिसिंह कॉलोनी की सड़कों पर सप्ताहभर से 2-2 फुट गंदा पानी भरा हुआ है। पानी की निकासी की कोई सुविधा नहीं है। अब यहां के चार निजी स्कूलों में छुट्टियां करनी पड़ गईं। इनमें से तीन स्कूल सात दिनों के लिए और एक स्कूल 5 दिन में खुला। इस कारण ढाई हजार बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
बारिश के बाद हरि सिंह नगर की गलियां तालाब में तब्दील हो जाती हैं और आने जाने का रास्ता ब्लॉक हो जाता है। पिछले साल गंदगी के कारण नूरवाला क्षेत्र से मलेरिया के 125 केस सामने आए थे। यहां पर कई बार डायरिया भी फैल चुका है। इस कारण स्कूलों को मजबूरन बच्चों का अवकाश करना पड़ता है, जो अपने आप में एक बेहद गंभीर समस्या है। चार निजी स्कूलों से अलग कॉलोनी में एक सरकारी स्कूल भी है। सरकारी स्कूल के आसपास की गलियां तो ठीक बनी हुई हैं। परंतु कॉलोनी से जो बच्चे सरकारी स्कूल में जाते हैं, उन्हें ढाई तीन फीट पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बच्चों के पढ़ाई को प्रभावित होते देख अभिभावक भी चिंतित हैं।
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कॉलोनी में चार स्कूलों में से तीन स्कूल सात दिनों के लिए बंद, एक 5 दिन में खुला
हरि सिंह कॉलोनी में चार स्कूल बने हुए हैं जो पिछले लंबे समय से इस समस्या का शिकार है। कॉलोनी के कृष्णा पब्लिक स्कूल में 600 बच्चे, पूजा मॉडर्न स्कूल में साढे़ 400 बच्चे, मोहित व चंदन कोर स्कूल में 700-700 के करीब बच्चे हैं। यानी कुल मिलाकर ढाई हजार के लगभग बच्चों की शिक्षा केवल इस वजह से प्रभावित हो रही है कि कॉलोनी में जल की निकासी नहीं है और ना ही गलियां बनी हुई हैं। कॉलोनी में स्थित तीन स्कूल कृष्णा, चंदन व मोहित एक सप्ताह से बंद हैं। जबकि पूजा मॉडर्न स्कूल ने बारिश रुकने के पांच दिन बाद गली में मलबा डलवा कर आने जाने का रास्ता बनाकर खोला गया है।
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गंदे पानी में डूबकर मर चुके हैं दो लोग
गंदे पानी की निकासी न होने के कारण पूरी कॉलोनी जलमग्न रहती है। इसमें पहले भी दो बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। गत दिनों एक फैक्टरी मजदूर की ढाई वर्ष की बच्ची इसी कॉलोनी में गंदे पानी में डूब कर अपनी जान गवां चुकी है। वहीं कॉलोनी वासियों ने बताया कि कुछ दिनों पहले एक बुजुर्ग भी पैर फिसल कर पानी में गिर गया था। कमजोर शरीर होने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
पांच दिन से था स्कूल बंद, मलबा डलवा कर बनाया रास्ता
पिछले पांच दिनों से रास्ता ब्लॉक होने के कारण स्कूल की छुट्टी की हुई थी। अपने खर्चे पर स्कूल के पीछे वाले रास्ते की गली में मलबा डलवा कर रास्ता बनवाया है। इसके बाद 450 में से करीब 200 छात्र ही स्कूल में पहुंचे है। इस साइड का रास्ता ठीक नहीं हो सका, उस तरफ के बच्चे कम संख्या में स्कूल पहुंचे हैं। इस वर्ष की तीन परीक्षाएं इसी समस्या के कारण रद्द कर दी गई थीं।
-कृष्णा, प्राचार्य, पूजा मॉडर्न स्कूल
हर बारिश के बाद करनी पड़ती हैं छुट्टियां
चंदा इकट्ठा करके गली में मलबा डलवाया जा रहा है। हर बारिश के बाद उन्हें स्कूल की छुट्टियां करनी पड़ती है। स्कूल में गर्मी व सर्दियों से ज्यादा छुट्टियां तो की मानसून के सीजन में रहती है।
- सुरेश गोयल, डायरेक्टर, कृष्णा पब्लिक स्कूल
बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
मैं और कॉलोनीवासी गलियां बनवाने व जल निकासी के लिए सैकड़ों बार शिकायत दे चुके हैं। कष्ट निवारण समिति से लेकर हर छोटे-मोटे दरबार में कॉलोनी के लोग अर्जी लगाते हैं। लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई नहीं होती। सड़के न बनने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। कॉलोनी में हर घर में वायरल बुखार फैला हुआ है।
-विनोद स्थानीय निवासी
धंस गए घरों के फर्श
जल निकासी न होने के कारण लोगों के घरों के फर्श भी बैठ गए हैं। बारिश ज्यादा होने पर लोगों के घरों में पानी घुस आता है व जो गलियां नई बनी हैं, वह भी पूरी तरह से टूट चुकी है। गलियों का पास कर दिया गया है।
-जितेंद्र सैनी, स्थानीय निवासी
चार साल बाद भी जेई कह रहे टेंडर लगाएंगे
मैंने सभी गलियों की हालत देखी है। ये पास कर दी गई हैं। जल्द ही टेंडर लगवा कर विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।
अजय, जेई, नगर निगम
सीएम विंडो में दी है शिकायत पर समाधान नहीं होता
गंदे पानी जमा होने से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। गलियों में गंदा पानी जमा है। कई बार इसकी शिकायत सीएम विंडो से लेकर नगर निगम के आला अधिकारियों को कर चुका हूं, मगर समाधान नहीं होता।
-मदन मजोका, पार्षद कमलेश के ससुर
स्कूल बंद करना सही बात नहीं
कॉलोनियों को वैध करवा दिया है। अब कॉलोनियों में टेंडर लगाने के निर्देश दिए हैं। सीवर डालने के टेंडर लगाने का काम शुरू हो चुका है। निजी स्कूलों को भी अपने आसपास सफाई करनी चाहिए। उनकी भी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। स्कूल बंद करना सही बात नहीं है।
-महिपाल ढांडा, विधायक ग्रामीण