{"_id":"61770edf737a74007b456e77","slug":"13-more-dengue-patients-found-in-the-city-panipat-news-knl87683877","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में डेंगू के 13 और मरीज मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में डेंगू के 13 और मरीज मिले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। शहर में डेंगू का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि शहर में 50 निजी अस्पतालों में डेंगू के टेस्ट की संख्या प्रतिदिन 700 पार हो चुकी है। निजी अस्पताल कार्ड टेस्ट ही कर रहे हैं, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने अमान्य करार दिया है। सोमवार को जिले में डेंगू के 13 और केस मिले हैं। ये भी सरकारी एवं निजी अस्पतालों में दाखिल हैं। इनमें से चार मरीजों की रिपोर्ट खानपुर मेडिकल कॉलेज से प्राप्त हुई है। अब जिले में डेंगू के रोगियों की संख्या 79 हो चुकी है।
सोमवार को 188 सैंपल की जांच हुई थी। इनमें से हर 20वीं जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। स्वास्थ्य विभाग अब मरीजों को ट्रेस कर रहा है। वहां पर एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई जाएगी। आस-पास के 60 मकानों की जांच होगी। उस क्षेत्र में जो वायरल से पीड़ित हैं उनकी स्लाइड तैयार होगी। उधर, सिविल अस्पताल में अब वायरल के रोगियों की ओपीडी 300 के पार हो चुकी है। डेंगू के खौफ से अब वायरल के रोगी भी एलाइजा टेस्ट करवा रहे हैं। सिविल अस्पताल में अब हर रोज 45-50 एलाइजा टेस्ट हो रहे हैं।
वायरल रोगियों में बच्चों की संख्या अधिक है। डॉ. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि मौसम में अचानक हुए बदलाव से वायरल के रोगी बढ़े हैं। वायरल का मतलब डेंगू नहीं होता, लोगों को यह समझने की जरूरत है। इस मौसम में अपना व बच्चों का ख्याल रखे और ठंडी चीजों से परहेज करें।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में महज एक रोगी हुआ दाखिल
जिले में अब तक डेंगू के 79 केस मिल चुके हैं लेकिन इनमें से महज एक रोगी ही सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा है। अन्य सभी मरीजों का इलाज निजी व खानपुर मेडिकल कॉलेज में हुआ है। सिविल अस्पताल महज डेंगू के टेस्ट की कंफर्म रिपोर्ट जांचने तक ही सीमित रह गया है। डॉक्टर जिले भर से रोगियों के सैंपल आने के बाद एक ही दिन में दो किट के सैंपल लगाता है। एक किट में 94 सैंपल जांच के लिए लगते हैं। इसलिए मरीजों को डेंगू के अनुसार इलाज लेने के लिए 3-4 दिन इंतजार करना पड़ता है।
घटते-बढ़ते रहे डेंगू केस
2016- 12
2017-469
2018-133
2019- 04
2020-272
2021- 79 (25 अक्तूबर तक)
निजी अस्पतालों को हर मरीज की रिपोर्ट भेजने के निर्देश
डेंगू को लेकर भय का माहौल ना बनाए। निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर मरीज की रिपोर्ट उनके पास भेजें। जो भी मरीज वहां दाखिल हो रहा है उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास होनी चाहिए। डेंगू से डरने की बजाए जागरूकता जरूरी है। -डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन, पानीपत।
डेंगू के लक्षण
सिर दर्द
मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द
जी मिचलाना
उल्टी लगना
आंखों के पीछे दर्द
ग्रंथियों में सूजन
त्वचा पर लाल चकत्ते होना
शरीर में न होने दें पानी की कमी
दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। डिहाइड्रेशन से भी कई बीमारियां होती हैं, लिहाजा आपको अपने शरीर में पर्याप्त पानी की मात्रा पहुंचानी चाहिए। बहुत सारे तरल पदार्थ डेंगू से जल्दी ठीक होने की कुंजी हैं।
डेंगू रोगी क्या खाएं
पपीते के पत्ते का रस
वेजिटेबल जूस
नारियल पानी
अनार
कीवी
डेंगू से कैसे बचें
अपने आसपास की जगह साफ कर मच्छरों को पनपने से रोका जा सकता है। दरअसल, किसी जगह पर रुके हुए पानी में डेंगू मच्छर पनपते हैं। जिन बर्तनों का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होना हो उनमें रखे हुए पानी को नियमित रूप से बदलते रहें। कूलर, गमलों के पानी को भी हर हफ्ते बदलते रहें।
विज्ञापन
सोमवार को 188 सैंपल की जांच हुई थी। इनमें से हर 20वीं जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। स्वास्थ्य विभाग अब मरीजों को ट्रेस कर रहा है। वहां पर एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई जाएगी। आस-पास के 60 मकानों की जांच होगी। उस क्षेत्र में जो वायरल से पीड़ित हैं उनकी स्लाइड तैयार होगी। उधर, सिविल अस्पताल में अब वायरल के रोगियों की ओपीडी 300 के पार हो चुकी है। डेंगू के खौफ से अब वायरल के रोगी भी एलाइजा टेस्ट करवा रहे हैं। सिविल अस्पताल में अब हर रोज 45-50 एलाइजा टेस्ट हो रहे हैं।
विज्ञापन
वायरल रोगियों में बच्चों की संख्या अधिक है। डॉ. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि मौसम में अचानक हुए बदलाव से वायरल के रोगी बढ़े हैं। वायरल का मतलब डेंगू नहीं होता, लोगों को यह समझने की जरूरत है। इस मौसम में अपना व बच्चों का ख्याल रखे और ठंडी चीजों से परहेज करें।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में महज एक रोगी हुआ दाखिल
जिले में अब तक डेंगू के 79 केस मिल चुके हैं लेकिन इनमें से महज एक रोगी ही सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा है। अन्य सभी मरीजों का इलाज निजी व खानपुर मेडिकल कॉलेज में हुआ है। सिविल अस्पताल महज डेंगू के टेस्ट की कंफर्म रिपोर्ट जांचने तक ही सीमित रह गया है। डॉक्टर जिले भर से रोगियों के सैंपल आने के बाद एक ही दिन में दो किट के सैंपल लगाता है। एक किट में 94 सैंपल जांच के लिए लगते हैं। इसलिए मरीजों को डेंगू के अनुसार इलाज लेने के लिए 3-4 दिन इंतजार करना पड़ता है।
घटते-बढ़ते रहे डेंगू केस
2016- 12
2017-469
2018-133
2019- 04
2020-272
2021- 79 (25 अक्तूबर तक)
निजी अस्पतालों को हर मरीज की रिपोर्ट भेजने के निर्देश
डेंगू को लेकर भय का माहौल ना बनाए। निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर मरीज की रिपोर्ट उनके पास भेजें। जो भी मरीज वहां दाखिल हो रहा है उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास होनी चाहिए। डेंगू से डरने की बजाए जागरूकता जरूरी है। -डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन, पानीपत।
डेंगू के लक्षण
सिर दर्द
मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द
जी मिचलाना
उल्टी लगना
आंखों के पीछे दर्द
ग्रंथियों में सूजन
त्वचा पर लाल चकत्ते होना
शरीर में न होने दें पानी की कमी
दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। डिहाइड्रेशन से भी कई बीमारियां होती हैं, लिहाजा आपको अपने शरीर में पर्याप्त पानी की मात्रा पहुंचानी चाहिए। बहुत सारे तरल पदार्थ डेंगू से जल्दी ठीक होने की कुंजी हैं।
डेंगू रोगी क्या खाएं
पपीते के पत्ते का रस
वेजिटेबल जूस
नारियल पानी
अनार
कीवी
डेंगू से कैसे बचें
अपने आसपास की जगह साफ कर मच्छरों को पनपने से रोका जा सकता है। दरअसल, किसी जगह पर रुके हुए पानी में डेंगू मच्छर पनपते हैं। जिन बर्तनों का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होना हो उनमें रखे हुए पानी को नियमित रूप से बदलते रहें। कूलर, गमलों के पानी को भी हर हफ्ते बदलते रहें।