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थर्मल मे क्लोरिन गैस लीक, 4 फायर कर्मी समेत 5 गैस के प्रभाव से बेहोश, ठेकेदार फरार
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:20 AM IST
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थर्मल में क्लोरीन गैस लीक, 4 फायर कर्मी समेत पांच बेहोश, ठेकेदार फरार
अमर उजाला ब्यूरो
थर्मल (पानीपत)।
पानीपत थर्मल पावर स्टेशन की बंद पड़ी यूनिट नंबर 3 व 4 के पास लगे क्लोरिनेशन प्लांट में मंगलवार दोपहर के समय क्लोरीन गैस लीक हो गई। गैस के प्रभाव से फायरकर्मी नीरज रोहिला, नानक चन्द, सुनील कुमार, खालिद व रमेश कुमार बेहोश हो गए। इंजीनियरों ने गैस पर किसी प्रकार से काबू पाया और सभी बेहोश कर्मचारियों को थर्मल के अस्पताल में ले लाया गया। शाम तक सभी बेहोश कर्मचारियों को होश आया, इसके बाद इन्हें छुट्टी दे दी गई। इस घटना के बाद ठेकेदार घटनास्थल से फरार हो गया।
हरियाणा बिजली बोर्ड कर्मचारी परिषद थर्मल यूनिट प्रधान राम मेहर सैनी ने बताया कि एक साल पहले भी इसी प्रकार गैस लीकेज हो गई थी। उस समय आठ थर्मल कर्मी बेहोश हो गए थे, जो कि तीन दिन तक अस्पताल में रहे थे। इस बार भी गैस लीक ठेकेदार की लापरवाही से हुई है।
क्या काम आती थर्मल मे क्लोरीन गैस :
पानीपत थर्मल पावर स्टेशन में यूनिटों के कुलिंग टावरों को ठंडा करने के लिए उन पर पानी गिराया जाता है। पानी की हार्डनेस कम करने के लिए क्लोरीन गैस का उपयोग होता है। इसके साथ ही पीने के पानी को भी क्लोरिनेशन प्लांट में इसी गैस से साफ किया जाता है।
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घटना के बाद आवासीय कालोनी के पीने के पानी की सप्लाई बंद:
पानी मे क्लोरीन की मात्रा बढ़ने के कारण थर्मल प्रशासन ने कालोनी में पानी की सप्लाई बंद कर दी। जिसके कारण थर्मल कॉलोनी के लोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
20 मिनट में ही गैस लीकेज पर काबू पा लिया गया था। हादसे में किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी कर्मचारी ठीक हैं। मामले की जांच कराई जा रही है।
सतीश कुमार, चीफ इंजीनियर, थर्मल
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अमर उजाला ब्यूरो
थर्मल (पानीपत)।
पानीपत थर्मल पावर स्टेशन की बंद पड़ी यूनिट नंबर 3 व 4 के पास लगे क्लोरिनेशन प्लांट में मंगलवार दोपहर के समय क्लोरीन गैस लीक हो गई। गैस के प्रभाव से फायरकर्मी नीरज रोहिला, नानक चन्द, सुनील कुमार, खालिद व रमेश कुमार बेहोश हो गए। इंजीनियरों ने गैस पर किसी प्रकार से काबू पाया और सभी बेहोश कर्मचारियों को थर्मल के अस्पताल में ले लाया गया। शाम तक सभी बेहोश कर्मचारियों को होश आया, इसके बाद इन्हें छुट्टी दे दी गई। इस घटना के बाद ठेकेदार घटनास्थल से फरार हो गया।
हरियाणा बिजली बोर्ड कर्मचारी परिषद थर्मल यूनिट प्रधान राम मेहर सैनी ने बताया कि एक साल पहले भी इसी प्रकार गैस लीकेज हो गई थी। उस समय आठ थर्मल कर्मी बेहोश हो गए थे, जो कि तीन दिन तक अस्पताल में रहे थे। इस बार भी गैस लीक ठेकेदार की लापरवाही से हुई है।
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क्या काम आती थर्मल मे क्लोरीन गैस :
पानीपत थर्मल पावर स्टेशन में यूनिटों के कुलिंग टावरों को ठंडा करने के लिए उन पर पानी गिराया जाता है। पानी की हार्डनेस कम करने के लिए क्लोरीन गैस का उपयोग होता है। इसके साथ ही पीने के पानी को भी क्लोरिनेशन प्लांट में इसी गैस से साफ किया जाता है।
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घटना के बाद आवासीय कालोनी के पीने के पानी की सप्लाई बंद:
पानी मे क्लोरीन की मात्रा बढ़ने के कारण थर्मल प्रशासन ने कालोनी में पानी की सप्लाई बंद कर दी। जिसके कारण थर्मल कॉलोनी के लोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
20 मिनट में ही गैस लीकेज पर काबू पा लिया गया था। हादसे में किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी कर्मचारी ठीक हैं। मामले की जांच कराई जा रही है।
सतीश कुमार, चीफ इंजीनियर, थर्मल