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निगम विकास का पीटते रहे ढोल, तीन दिन की बारिश ने खोली पोल
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:51 PM IST
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निगम विकास का पीटते रहे ढोल, तीन दिन की बारिश ने खोले पोल
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सरकार व नगर निगम सालभर विकास होने का ढोल पीटता रहा, लेकिन भादो माह में तीन दिन से हो रही बारिश में सरकार व निगम के सब दावों की पोल खोल दी। जीटी रोड समेत शहर की मुख्य सड़कों से पानी निकासी नहीं है। शहर की कॉलोनियों में भी हालात चिंताजनक है। बाहरी कॉलोनियों में तो पानी निकासी से लेकर गली कच्ची होने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर की कई कॉलोनियों में तो लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल पाते। उनको अपनी मोटरसाइकिल तक दूसरे लोगों के घरों में खड़ी करनी पड़ रही है। नगर निगम अब तकनीकी पहलुओं को गिनवा रहा है।
भादो माह में पिछले दिन दिन से लगातार बारिश चल रही है। शुक्रवार को भी सुबह से देर शाम तक रुक-रुककर बारिश चली। जिसके चलते जीटी रोड पर बारिश का पानी जमा हो गया। यहां पर सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ी। भारी वाहन चालक तेजी से निकलते हुए उनको परेशानी में डाल देता। वहीं शहर में जाटल रोड निर्माणाधीन होने के चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। असंध रोड पर आने वाली बसों व दूसरे भारी व्हीकलों ने आठ मरला से मॉडल से होकर असंध रोड पर आना शुरू कर दिया। जिसके चलते पॉश एरिया मॉडल टाउन के लोगों को भारी वाहनों के चलते परेशानी उठानी पड़ रही है। मौसम विशेषज्ञों की माने तो शुक्रवार को पानीपत शहर में करीब 22 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं समालखा में दो, इसराना में एक व बापौली में आठ एमएम बारिश हुई।
संतनगर में तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुसा
हुडा सेक्टर-छह के साथ लगते संत नगर में तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुस गया। स्थानीय लोगों ने पार्षद से लेकर संबंधित विभाग के प्रति रोष व्यक्त किया।
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स्थानीय निवासियों कके मुताबिक संत नगर की तमाम गलियों का गंदा पानी इसी तालाब में जाता है, लेकिन तालाब की सफाई नहीं कराई गई। बारिश आते ही तालाब ओवरफ्लो हो गया और अब इसका पानी वापस घरों में घुस आया है। वे वार्ड पार्षद एवं सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला को कई बार पानी निकासी के प्रबंध करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। अब मकानों में सीलन आकर दरार पडनी शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों को तो अपने मकान गिरने तक का भय सता रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक पंप दिया गया है, लेकिन यह केवल खानापूर्ति है। पंप थोड़ा सा चलते ही खराब हो जाता है। संत नगर वेलफेयर सोसाइटी सदस्य शमशेर सिंह राणा ने बताया कि वह मुख्यमंत्री तक को पत्र लिख चुका है, लेकिन किसी तरह का समाधान नहीं हो पा रहा है।
बाहरी कॉलोनियों में घरों से निकलना हुआ मुश्किल
नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत करीब 79 कॉलोनियों हैं। इन कॉलोनियों में बारिश के पानी निकासी व गलियों का कोई प्रबंध नहीं है। जिसके चलते बारिश का पानी गलियों में ही भरा हुआ है। ऐसे में लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल पाते। दत्ता कॉलोनी निवासी सुशील कुमार, धीरज वर्मा, मोहित सैनी व निर्मल कादियान ने बताया कि कॉलोनी की दो मुख्य गली हैं। दोनों गलियों की हालात खस्ता है। खेड़ा वाली गली में मिट्टी डालकर छोड़ दी है। बारिश आने के बाद यहां से निकल पाना मुश्किल हो गया है। उनको अपनी मोटरसाइकिल तक पड़ोस में खड़ी करनी पड़ती है। कॉलोनी की गली न बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के हिस्से में पानी निकासी तेज बारिश के चलते नहीं हो पाती। तेज बारिश होने पर पानी उतरने में एक से डेढ़ घंटे लग जाता है। बाहरी कॉलोनी में सीवर सिस्टम न होने पर पानी निकासी नहीं हो पाती। कई जगह गली निर्माणाधीन होने पर समस्या आ रही है। इन सबका जल्द ही समाधान करा दिया जाएगा।
शिव प्रसाद शर्मा, आयुक्त, नगर निगम पानीपत।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सरकार व नगर निगम सालभर विकास होने का ढोल पीटता रहा, लेकिन भादो माह में तीन दिन से हो रही बारिश में सरकार व निगम के सब दावों की पोल खोल दी। जीटी रोड समेत शहर की मुख्य सड़कों से पानी निकासी नहीं है। शहर की कॉलोनियों में भी हालात चिंताजनक है। बाहरी कॉलोनियों में तो पानी निकासी से लेकर गली कच्ची होने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर की कई कॉलोनियों में तो लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल पाते। उनको अपनी मोटरसाइकिल तक दूसरे लोगों के घरों में खड़ी करनी पड़ रही है। नगर निगम अब तकनीकी पहलुओं को गिनवा रहा है।
भादो माह में पिछले दिन दिन से लगातार बारिश चल रही है। शुक्रवार को भी सुबह से देर शाम तक रुक-रुककर बारिश चली। जिसके चलते जीटी रोड पर बारिश का पानी जमा हो गया। यहां पर सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ी। भारी वाहन चालक तेजी से निकलते हुए उनको परेशानी में डाल देता। वहीं शहर में जाटल रोड निर्माणाधीन होने के चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। असंध रोड पर आने वाली बसों व दूसरे भारी व्हीकलों ने आठ मरला से मॉडल से होकर असंध रोड पर आना शुरू कर दिया। जिसके चलते पॉश एरिया मॉडल टाउन के लोगों को भारी वाहनों के चलते परेशानी उठानी पड़ रही है। मौसम विशेषज्ञों की माने तो शुक्रवार को पानीपत शहर में करीब 22 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं समालखा में दो, इसराना में एक व बापौली में आठ एमएम बारिश हुई।
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संतनगर में तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुसा
हुडा सेक्टर-छह के साथ लगते संत नगर में तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुस गया। स्थानीय लोगों ने पार्षद से लेकर संबंधित विभाग के प्रति रोष व्यक्त किया।
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स्थानीय निवासियों कके मुताबिक संत नगर की तमाम गलियों का गंदा पानी इसी तालाब में जाता है, लेकिन तालाब की सफाई नहीं कराई गई। बारिश आते ही तालाब ओवरफ्लो हो गया और अब इसका पानी वापस घरों में घुस आया है। वे वार्ड पार्षद एवं सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला को कई बार पानी निकासी के प्रबंध करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। अब मकानों में सीलन आकर दरार पडनी शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों को तो अपने मकान गिरने तक का भय सता रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक पंप दिया गया है, लेकिन यह केवल खानापूर्ति है। पंप थोड़ा सा चलते ही खराब हो जाता है। संत नगर वेलफेयर सोसाइटी सदस्य शमशेर सिंह राणा ने बताया कि वह मुख्यमंत्री तक को पत्र लिख चुका है, लेकिन किसी तरह का समाधान नहीं हो पा रहा है।
बाहरी कॉलोनियों में घरों से निकलना हुआ मुश्किल
नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत करीब 79 कॉलोनियों हैं। इन कॉलोनियों में बारिश के पानी निकासी व गलियों का कोई प्रबंध नहीं है। जिसके चलते बारिश का पानी गलियों में ही भरा हुआ है। ऐसे में लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल पाते। दत्ता कॉलोनी निवासी सुशील कुमार, धीरज वर्मा, मोहित सैनी व निर्मल कादियान ने बताया कि कॉलोनी की दो मुख्य गली हैं। दोनों गलियों की हालात खस्ता है। खेड़ा वाली गली में मिट्टी डालकर छोड़ दी है। बारिश आने के बाद यहां से निकल पाना मुश्किल हो गया है। उनको अपनी मोटरसाइकिल तक पड़ोस में खड़ी करनी पड़ती है। कॉलोनी की गली न बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के हिस्से में पानी निकासी तेज बारिश के चलते नहीं हो पाती। तेज बारिश होने पर पानी उतरने में एक से डेढ़ घंटे लग जाता है। बाहरी कॉलोनी में सीवर सिस्टम न होने पर पानी निकासी नहीं हो पाती। कई जगह गली निर्माणाधीन होने पर समस्या आ रही है। इन सबका जल्द ही समाधान करा दिया जाएगा।
शिव प्रसाद शर्मा, आयुक्त, नगर निगम पानीपत।