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डीआरएम के आने पर सफाई का सीन, बाकी दिन नहीं उठता डस्टबिन
Updated Tue, 28 Nov 2017 12:26 AM IST
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डीआरएम के आने पर सफाई का सीन, बाकी दिन नहीं उठता डस्टबिन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मॉर्डन रेलवे स्टेशन बताए जाने वाले पानीपत रेलवे जंक्शन पर सिर्फ निरीक्षण के समय पर ही सफाई की जाती है, आम दिनों में सफाईकर्मियों द्वारा ठीक ढंग से रेलवे स्टेशन पर सफाई न करने के कारण चारों तरफ कूड़ा पड़ा रहता है।
डीआरएम ने 23 नवंबर को सोनीपत, पानीपत, करनाल व कुरुक्षेत्र स्टेशनों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने रेलवे अधिकारियों को प्रतिदिन ऐसे ही सफाई करने की हिदायत दी थी। सफाई व्यवस्था पर उन्होंने अधिकारियों से पूछा की निरीक्षण के समय पर ही ऐसी सफाई रहती है या बाकी दिनों में भी रखते हो तो रेलवे अधिकारियों ने कहा कि, ऐसी ही सफाई व्यवस्था रखी जाती हैै। रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म व रेलवे लाइनों के बीच लगे गंदगी के ढेर अधिकारियों के वादे की पोल खोल रहे हैं।
प्लेटफार्म नंबर एक से हटाईं थी रेहड़ियां, फिर से लगीं
वीरवार को डीआरएम ने निरीक्षण के समय प्लेटफार्म नंबर एक पर लगी सभी रेहड़ियों को हटा दिया गया था। लेकिन जैसे ही डीआरएम स्पेशल ट्रेन से करनाल के लिए रवाना हुए उसके करीब आधे घंटे के बाद ही रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक से हटाई गई रेहड़ियों को फिर से लगा दिया गया, मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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सफाई कर्मियों को ठेकेदार देता है मात्र पांच हजार
रेलवे स्टेशन पानीपत में तैनात सफाई कर्मियों ने बताया कि वे ठेकेदार के साथ काम करते हैं। ठेकेदार प्रतिमाह के उन्हें मात्र पांच हजार रुपये देता है। जिससे उनके घर का खर्च चलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं कर्मियों ने बताया कि ठेकेदार ये भी रुपये कभी पांच सौ तो कभी हजार कर के देता है। वहीं ठेकेदार उनसे 12 घंटे की ड्यूटी दिलवाता है।
बच्चों के भरोसे सफाई व्यवस्था
नई सोच फाउंडेशन के द्वारा दो अक्तूबर 2017 से आदर्श पानीपत अभियान के अंतर्गत सफाई अभियान का शुभारंभ किया गया था। जिसमें प्रत्येक रविवार को पानीपत रेलवे स्टेशन के पांचों प्लेटफार्मों की सफाई करना था। जिसमें संस्था के अंतर्गत स्टडी करने वाले करीब 90 बच्चे इस सफाई अभियान में भाग लेकर सफाई करते हैं। बावजूद इसके भी रेलवे स्टेशन पर सफाई व्यवस्था बहुत अधिक खराब है। वहीं रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब से रेलवे ने विभाग से सफाई कर्मी हटाए और ठेके पर सफाई व्यवस्था को दिया है, तब से पानीपत रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था की दयनीय स्थिति है।
रेलवे स्टेशन पर सफाई व्यवस्था को ठीक रखने के लिए 15 कर्मचारी हैं। कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन सफाई की जाती है। वहीं समय-समय पर रेहड़ी लगाने वालों को कूड़े को डस्टबिन में डालने की हिदायतें दी जाती हैं। वहीं ऐसा न करने पर वेंडरों का चालान भी किया जाता है।
धीरज कपूर, एसएस, रेलवे स्टेशन पानीपत।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मॉर्डन रेलवे स्टेशन बताए जाने वाले पानीपत रेलवे जंक्शन पर सिर्फ निरीक्षण के समय पर ही सफाई की जाती है, आम दिनों में सफाईकर्मियों द्वारा ठीक ढंग से रेलवे स्टेशन पर सफाई न करने के कारण चारों तरफ कूड़ा पड़ा रहता है।
डीआरएम ने 23 नवंबर को सोनीपत, पानीपत, करनाल व कुरुक्षेत्र स्टेशनों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने रेलवे अधिकारियों को प्रतिदिन ऐसे ही सफाई करने की हिदायत दी थी। सफाई व्यवस्था पर उन्होंने अधिकारियों से पूछा की निरीक्षण के समय पर ही ऐसी सफाई रहती है या बाकी दिनों में भी रखते हो तो रेलवे अधिकारियों ने कहा कि, ऐसी ही सफाई व्यवस्था रखी जाती हैै। रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म व रेलवे लाइनों के बीच लगे गंदगी के ढेर अधिकारियों के वादे की पोल खोल रहे हैं।
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प्लेटफार्म नंबर एक से हटाईं थी रेहड़ियां, फिर से लगीं
वीरवार को डीआरएम ने निरीक्षण के समय प्लेटफार्म नंबर एक पर लगी सभी रेहड़ियों को हटा दिया गया था। लेकिन जैसे ही डीआरएम स्पेशल ट्रेन से करनाल के लिए रवाना हुए उसके करीब आधे घंटे के बाद ही रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक से हटाई गई रेहड़ियों को फिर से लगा दिया गया, मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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सफाई कर्मियों को ठेकेदार देता है मात्र पांच हजार
रेलवे स्टेशन पानीपत में तैनात सफाई कर्मियों ने बताया कि वे ठेकेदार के साथ काम करते हैं। ठेकेदार प्रतिमाह के उन्हें मात्र पांच हजार रुपये देता है। जिससे उनके घर का खर्च चलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं कर्मियों ने बताया कि ठेकेदार ये भी रुपये कभी पांच सौ तो कभी हजार कर के देता है। वहीं ठेकेदार उनसे 12 घंटे की ड्यूटी दिलवाता है।
बच्चों के भरोसे सफाई व्यवस्था
नई सोच फाउंडेशन के द्वारा दो अक्तूबर 2017 से आदर्श पानीपत अभियान के अंतर्गत सफाई अभियान का शुभारंभ किया गया था। जिसमें प्रत्येक रविवार को पानीपत रेलवे स्टेशन के पांचों प्लेटफार्मों की सफाई करना था। जिसमें संस्था के अंतर्गत स्टडी करने वाले करीब 90 बच्चे इस सफाई अभियान में भाग लेकर सफाई करते हैं। बावजूद इसके भी रेलवे स्टेशन पर सफाई व्यवस्था बहुत अधिक खराब है। वहीं रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब से रेलवे ने विभाग से सफाई कर्मी हटाए और ठेके पर सफाई व्यवस्था को दिया है, तब से पानीपत रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था की दयनीय स्थिति है।
रेलवे स्टेशन पर सफाई व्यवस्था को ठीक रखने के लिए 15 कर्मचारी हैं। कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन सफाई की जाती है। वहीं समय-समय पर रेहड़ी लगाने वालों को कूड़े को डस्टबिन में डालने की हिदायतें दी जाती हैं। वहीं ऐसा न करने पर वेंडरों का चालान भी किया जाता है।
धीरज कपूर, एसएस, रेलवे स्टेशन पानीपत।