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.स्वच्छता सर्वेक्षण में पानीपत को मिले 5 हजार में से 23

Thu, 07 Mar 2019 01:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 07 Mar 2019 01:08 AM IST
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.स्वच्छता सर्वेक्षण में पानीपत को मिले 5 हजार में से 23
स्वच्छता सर्वेक्षण में पानीपत को मिले 5 हजार में से 2387.59 अंक
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पानीपत। केंद्र सरकार की तरफ से किए स्वच्छता सर्वेक्षण में पानीपत को 188वां स्थान मिला है। वहीं हरियाणा में स्वच्छता सर्वेक्षण में पानीपत को 8वां स्थान प्राप्त हुआ है। पानीपत ने 2017 में 335वां स्थान प्राप्त किया था। उसके बाद निगम के अधिकारियों ने नए-नए संसाधनों का प्रयोग करना शुरू किया। फिर उसके बाद पानीपत को 2018 में 255वां स्थान था। अब 2019 में जनवरी में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम घोषित किया है जिसमें 188वां स्थान प्राप्त हुआ है। नगर निगम अधिकारी राजीव सोनी का कहना है कि उनको टॉप टेन मेें आने की उम्मीद जिसको अब पूरा नहीं कर पाए, लेकिन खुशी है कि पिछले साल की अपेक्षा अबकी बार अंक में बढ़ोत्तरी हुई है। पानीपत को 5 हजार में से 2387.59 अंक प्राप्त हुए हैं।
प्रदेश में स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप टेन शहर
शहर रेंक 2019 स्कोर 2019 2018 2017
1.करनाल 24 3735.72 41 65
2.रोहतक 69 3082.76 89 295
3.पंचकूला 71 3055.89 142 211
4.गुरूग्राम 83 2975.41 105 112
5.अंबाला 146 2628.56 159 308
6.सोनीपत 161 2530.23 156 243
7. हिसार 173 2472.63 146 291
8.पानीपत 188 2387.59 255 335
9.यमुनानगर 218 2204.8 313 346
10.जींद 223 2170.14 274 265
इन चार लेवल पर हुआ था स्वच्छता सर्वेक्षण
-सर्विस लेवल प्रोग्रेस सात स्तर पर जांचा गया था। जिसमें निगम की ऑनलाइन सेवाओं और पोर्टल को देखा गया। यह रिपोर्ट बेस और मौका मुआयना दोनों पर आधारित की गई थी। जिसमें 1250 अंक पानीपत मिलने थे
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-डायरेक्टर ऑब्जर्वेशन
इसमें शहर की सुंदरता पर आधारित नंबर दिए। इसके अंदर पेंटिंग और बैनर की रिपोर्ट जांची गई। फुटपाथ के साथ नालों की सफाई और शहर में जलभराव की स्थिति भी जांची गई। सहायक एलिवेटिड हाइवे के नीचे 220 पिलरों पर पेंटिंग करने और लघु सचिवालय व स्काई लार्क की चहारदीवारी पर लिखे गए स्लोगन को भी इनमें ऐड किया है।
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-सिटीजन फीडबैक
सिटीजन फीडबैक में सात सवाल शहर की जनता से पूछे गए थे। ये नंबर उनके जवाबों पर आधारित थे। इन सात सवालों के 800 नंबर दिए जाने थे। वहीं 400 नंबर स्वच्छता एप डाउनलोडिंग के थे।
-सर्टिफिकेशन
: सर्टिफिकेशन में कचरा मुक्त शहर गारबेज फ्री सिटी और ओडीएफ फ्री से संबंधित सवाल किए। सब्जी मंडी में साफ सफाई की स्थिति को भी जांचा गया था। इसमें सबसे बड़ा विषय शहर ओडीएफ फ्री होना था। जिसमें शहर को 150 अंक मिलने थे।
पानीपत ने 2017 में हुआ था शामिल
पानीपत ने स्वच्छता सर्वेक्षण में 2017 में शामिल हुआ था। जिसमें उसको 335 स्थान प्राप्त हुआ था। उसके बाद पानीपत को 2018 में 255वां स्थान प्राप्त हुआ। उसके बाद नगर निगम ने नए नए संसाधनों का प्रयोग किया। शौचालय बनवाए, कूड़ेदान लगवाए, स्वच्छता एप बनवाई आदि कार्य किए, जिसके बाद पानीपत को 188वां स्थान प्राप्त हुआ। इसके अलावा निगम के अधिकारियों को कहना है कि 2020 में उनकी टॉप 50 में आने की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हो रही है।
निगम ने किए यह दस कार्य
1.शहर वासियों को स्वच्छता एप के बारे में बताया और एप के बारे में जानकारी दी।
2. शहर शौचालयों की संख्या को बढ़ाया गया, जिससे लोग खुले में शौच ना कर सके।
3. सफाई करने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या व संसाधनों को बढ़ाया गया।
4. स्वच्छता रथ के माध्यम से लोगों को सफाई रखने के लिए जागरूक किया गया।
5. शहर जगह- जगह कूड़ेदान लगवाए गए, जिससे लोग कूड़े को नीचे डालने की बजाय उस कूड़े को कूड़ेदान में डाल सकें।
6. कूड़े को कंपोस्ट करने के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
7. शहर में मुख्य बिंदुओं पर स्वच्छता पर जागरूकता की पेंटिंग बनाई गई।
8. डंपिंग प्वाइंट को शहर से बाहर लाया गया, जिससे शहर के अंदर गंदगी ना फैल सके।
9.सर्विस लाइन पर कब्जा हटवाया और उसका मेनटेनेेेंस कार्य करवाया।
10. बच्चों के माध्यम से स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली गई।
निगम के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने किया अच्छा कार्य : राजीव सोनी
नगर निगम के अधिकारी राजीव सोनी का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित शहर के सभी वासियों का योगदान रहा है। उनका कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में उनको टॉप 50 मेेें आने की उम्मीद थी। अभी भी उनको खुशी है कि शहर को पिछले साल की अपेक्षा में 67 कदम जीत तरफ बढ़ा है।
प्रशासन के लिए है शर्मनाक बात : भूपेंद्र सिंह
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह का कहना है कि प्रशासन के लिए शर्मनाक बात है कि शहर को चार करोड़ रुपये प्रतिमाह मिलने के बाद भी 188वां स्थान मिला है। इसमें कही ना कही प्रशासनिक अधिकारियों के कारनामे देखने को मिल रहे है। निगम के अधिकारियों को 188 वां नहीं देखना चाहिए उनको 1 नंबर पर रहने वाले शहर को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी चाहे तो कुछ दिनों में ही पूरा शहर साफ हो सकता है और अगर अधिकारी नहीं चाहते तो पूरा शहर कुछ ही दिनों में नरक बन जाता है।

शहर को नंबर 1 लाने में और करेंगे मेहनत : वीना हुड्डा
नगर निगम आयुक्त वीना हुड्डा का कहना है कि शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर 1 लाने में और अधिक मेेेहनत करेंगे । इसके अलावा संसाधनों व सफाई कर्मचारियों की संख्या को भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में पानीपत ने 67 कदम स्वच्छता की तरफ बढ़ाए है जो कि शहर के वासियों के लिए खुशी की बात है। शहर को और स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी जिससे शहर स्वच्छ बनाया जा सकेगा।
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