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फिर से घाटे में गए 10 करोड़ के टेंडर
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15 नवंबर 2021 को पेज नंबर एक पर प्रकाशित समाचार।
- फोटो : Panipat
पानीपत। नगर निगम में एक बार फिर से विकास कार्यों के टेंडर लेने के लिए एजेंसी और ठेकेदारों के बीच मुकाबला तगड़ा हो गया है। इसके चलते फिर से निगम ने 10 करोड़ रुपये के 30 टेंडर खोले, जिनमें से ज्यादातर टेंडर 30 प्रतिशत तक घाटे में गए। घाटे में लेने के बाद अब इन कामों को पूरा करना ठेकेदारों के लिए मुसीबत और अधिकारियों के लिए चुनौती बन चुका है।
इस पर निगम ने टेंडर लेने वाले ठेकेदारों को बैंक गारंटी देने के लिए नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि अगर ठेकेदारों ने बैंक गारंटी जमा नहीं करवाई तो उनके टेंडर की ईएमडी को जब्त कर लिया जाएगा। इसके बाद फिर से टेंडर को लगाया जाएगा।
बता दें कि ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से लगातार घाटे में जा रहे इन टेंडरों की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें अक्तूबर और नवंबर 2021 में निगम को करीब 24.38 करोड़ रुपये के 52 टेंडर रद करने पड़े थे। वहीं, निगम ने इन टेंडरों की करीब 25 लाख रुपये ईएमडी को भी जब्त कर लिया था। इसके बाद निगम ने घाटे में टेंडर लेने वाले ठेकेदारों से बैंक गारंटी की डिमांड रखनी शुरू कर दी थी। अब एक बार फिर से वही प्रक्रिया दोहराई जा रही है।
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ये होती है बैंक गारंटी
निगम अधिकारियों ने बताया कि किसी भी विकास कार्य को लेने के लिए किसी भी एजेंसी या ठेकेदार को दस प्रतिशत घाटे तक की छूट दी जाती है। इसके ऊपर जितने प्रतिशत का घाटा होगा उतने प्रतिशत की एजेंसी को निगम में बैंक गारंटी जमा करवानी होगी। मान लीजिए एक टेंडर एक करोड़ रुपये की लागत है और 25 प्रतिशत घाटे में गया। अब इसकी दस प्रतिशत छूट को छोड़कर 15 प्रतिशत की एजेंसी को बैंक गारंटी निगम को जमा करवानी होगी, जो कि करीब 15 लाख रुपये बनती है।
...इसलिए जमा कराते हैं
अगर ठेकेदार संबंधित काम को पूरा नहीं करवा पाए तो निगम उसे बैंक गारंटी से पूरा करवा सके। वहीं, अगर ठेकेेदार संबंधित काम का वर्क ऑर्डर ही नहीं लेता या काम नहीं करता या बैंक गारंटी जमा नहीं करवाता तो उसके टेंडर की ईएमडी को जब्त कर टेंडर रद कर दिया जाता है।
ये हो चुके हैं टेंडर रद
अक्तूबर 2021 में 17 से 44 प्रतिशत तक के घाटे में गए 20.17 करोड़ के टेंडर रद हुए थे। निगम ने इनकी 17 लाख रुपये की ईएमडी को जब्त किया था। इसके बाद नवंबर 2021 में 4.21 करोड़ के आठ टेंडर रद किए गए। निगम ने इनकी आठ लाख रुपये की ईएमडी को जब्त किया था। दोनों मुद्दे ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से अपने अंक में प्रकाशित किए, जिस पर निगम को कार्रवाई करनी पड़ी थी।
बोले अधिकारी
निगम के कनिष्ठ अभियंता अजय छौक्कर ने बताया कि पहले भी निगम ने ज्यादा घाटे में गए टेंडरों की ईएमडी को जब्म कर टेंडर को रद किया था। अब फिर से कई टेंडर 30 प्रतिशत तक घाटे में जा रहे हैं। इसे लेकर ठेकेदारों को बैंक गारंटी का नोटिस भेजा जा रहा है।
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इस पर निगम ने टेंडर लेने वाले ठेकेदारों को बैंक गारंटी देने के लिए नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि अगर ठेकेदारों ने बैंक गारंटी जमा नहीं करवाई तो उनके टेंडर की ईएमडी को जब्त कर लिया जाएगा। इसके बाद फिर से टेंडर को लगाया जाएगा।
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बता दें कि ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से लगातार घाटे में जा रहे इन टेंडरों की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें अक्तूबर और नवंबर 2021 में निगम को करीब 24.38 करोड़ रुपये के 52 टेंडर रद करने पड़े थे। वहीं, निगम ने इन टेंडरों की करीब 25 लाख रुपये ईएमडी को भी जब्त कर लिया था। इसके बाद निगम ने घाटे में टेंडर लेने वाले ठेकेदारों से बैंक गारंटी की डिमांड रखनी शुरू कर दी थी। अब एक बार फिर से वही प्रक्रिया दोहराई जा रही है।
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ये होती है बैंक गारंटी
निगम अधिकारियों ने बताया कि किसी भी विकास कार्य को लेने के लिए किसी भी एजेंसी या ठेकेदार को दस प्रतिशत घाटे तक की छूट दी जाती है। इसके ऊपर जितने प्रतिशत का घाटा होगा उतने प्रतिशत की एजेंसी को निगम में बैंक गारंटी जमा करवानी होगी। मान लीजिए एक टेंडर एक करोड़ रुपये की लागत है और 25 प्रतिशत घाटे में गया। अब इसकी दस प्रतिशत छूट को छोड़कर 15 प्रतिशत की एजेंसी को बैंक गारंटी निगम को जमा करवानी होगी, जो कि करीब 15 लाख रुपये बनती है।
...इसलिए जमा कराते हैं
अगर ठेकेदार संबंधित काम को पूरा नहीं करवा पाए तो निगम उसे बैंक गारंटी से पूरा करवा सके। वहीं, अगर ठेकेेदार संबंधित काम का वर्क ऑर्डर ही नहीं लेता या काम नहीं करता या बैंक गारंटी जमा नहीं करवाता तो उसके टेंडर की ईएमडी को जब्त कर टेंडर रद कर दिया जाता है।
ये हो चुके हैं टेंडर रद
अक्तूबर 2021 में 17 से 44 प्रतिशत तक के घाटे में गए 20.17 करोड़ के टेंडर रद हुए थे। निगम ने इनकी 17 लाख रुपये की ईएमडी को जब्त किया था। इसके बाद नवंबर 2021 में 4.21 करोड़ के आठ टेंडर रद किए गए। निगम ने इनकी आठ लाख रुपये की ईएमडी को जब्त किया था। दोनों मुद्दे ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से अपने अंक में प्रकाशित किए, जिस पर निगम को कार्रवाई करनी पड़ी थी।
बोले अधिकारी
निगम के कनिष्ठ अभियंता अजय छौक्कर ने बताया कि पहले भी निगम ने ज्यादा घाटे में गए टेंडरों की ईएमडी को जब्म कर टेंडर को रद किया था। अब फिर से कई टेंडर 30 प्रतिशत तक घाटे में जा रहे हैं। इसे लेकर ठेकेदारों को बैंक गारंटी का नोटिस भेजा जा रहा है।

31 अक्तूबर 2021 को पेज नंबर एक पर प्रकाशित समाचार।- फोटो : Panipat