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Panchkula News: गवाही के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल, गवाह व आरोपी हो रहे फरार, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

Thu, 28 Mar 2024 05:43 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Mar 2024 05:43 AM IST
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Use of fake documents for testimony, witnesses and accused absconding, High Court takes cognizance
चंडीगढ़। जमानत के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और बाद में आरोपी व जमानती के फरार होने के बढ़ते मामलों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए अदालतों में ही आधार कार्ड सत्यापन की व्यवस्था को लेकर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) व नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर (एनआईसी) को तंत्र विकसित करने पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि फर्जी जमानतियों से बचने व उन पर शिकंजा कसने के लिए मजबूत व्यवस्था जरूरी है।
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हाईकोर्ट में हरियाणा व पंजाब के फर्जी जमानत देने वालों की नियमित जमानत याचिकाएं विचाराधीन थीं। इन सब पर एक साथ सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ा दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसी मजबूत व्यवस्था की जरूरत है ताकि इन फर्जी जमानतियों से बचा जा सके। कोर्ट ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि जमानत के समय कौन सा दस्तावेज अनिवार्य किया जाए, बल्कि मुद्दा यह है कि कौन सा दस्तावेज तुरंत सत्यापित किया जा सकता है। अदालतों के पास फिलहाल दस्तावेजों को सत्यापित करने का कोई ठोस तरीका मौजूद नहीं है। आधार कार्ड प्रणाली के तहत यूआईडीएआई द्वारा बनाए गए व्यापक डाटा बैंक और सत्यापन प्रक्रिया का इस्तेमाल बेहतर तरीके से किया जा सकता है। ऐसे में यदि कोई ऐसा सॉफ्टवेयर हो जो अदालतों में उपलब्ध करवाया जा सके जिससे तुरंत आधार कार्ड को सत्यापित कर सकें तो यह अदालतों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे फर्जी जमानतों पर लगाम लगाई जा सकेगी और दस्तावेज सत्यापन का काम भी बेहद सरल हो जाएगा।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन को ऐसी ऑनलाइन व्यवस्था विकसित करने को लेकर यूआईडीएआई व एनआईसी का पक्ष अगली सुनवाई पर रखने का आदेश दिया है। साथ ही इस मामले में अदालत का सहयोग करने के लिए एडवोकेट आदित्य सांघी को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है।
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