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नौकरी पर रार: पंजाब में बेरोजगार दिव्यांग पैरा खिलाड़ी लौटाएंगे पुरस्कार, कैप्टन पर वादाखिलाफी का आरोप
Wed, 23 Jun 2021 08:21 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jun 2021 08:21 PM IST
सार
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खिलाड़ियों को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं किया, जबकि करोड़ों रुपये के वारिस विधायकों के बेटों को रेवड़ी की तरह नौकरियां दी जा रहीं हैं।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
पंजाब में दो विधायकों के बेटों को सरकारी नौकरी देने के मामले पर विवाद छिड़ा हुआ है। इससे जहां सियासत गरमाई हुई है वहीं प्रदेश के बेरोजगार युवाओं में भी रोष है। अब प्रदेश के बेरोजगार दिव्यांग पैरा खिलाड़ियों ने अपने-अपने पुरस्कार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लौटाने का फैसला किया है।
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खिलाड़ियों का आरोप है कि राज्य के मुख्यमंत्री ने उन्हें नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक उन्हें रोजगार नहीं मिल पाया है। पुरस्कार लौटाने में महाराजा रणजीत सिंह और राज्य पुरस्कार पाने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल होंगे।
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पंजाब के दिव्यांग पैरा ओलंपिक खिलाड़ी संजीव ने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खिलाड़ियों को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं किया, जबकि करोड़ों रुपये के वारिस विधायकों के बेटों को रेवड़ी की तरह नौकरियां दी जा रहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की खिलाड़ियों के प्रति यह अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि गुरुवार को वे और उनके जैसे अन्य खिलाड़ी चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री को राज्य सरकार की ओर से मिले महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार और राज्य पुरस्कारों को वापस देंगे। यदि इसके बाद भी सरकार उनकी नहीं सुनती है तो वे मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने को विवश हो जाएंगे।