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टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने आवासीय प्लाटों की ग्राउंड कवरेज क्षेत्र में की बढ़ोत्तरी
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पंचकूला। लाइसेंसी कालोनी, एचएसवीपी के सेक्टरों के प्लाट मालिकों और होम डेवलपर्स को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा भवन निर्माण में राहत दी गई है। अब 250 वर्ग मीटर तक के प्लाटों में ग्राउंड कवरेज 66 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी और 251 वर्ग मीटर से लेकर 1000 वर्ग मीटर तक के प्लाटों में 60 से 66 फीसदी करने का लिया निर्णय लिया है। हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में प्रस्तावित संशोधनों को सरकार ने मंजूरी दे दी है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्यालय की तरफ से इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
विभाग ने छह जनवरी 2022 को हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में रिहायशी मकानों के निर्माण में ग्राउंड कवरेज क्षेत्र बढ़ाने के लिए संशोधन प्रस्तावित किए थे। इसे लेकर विभाग की तरफ से सूचना जारी कर पांच फरवरी 2022 तक आमजन से आपत्तियां भी आमंत्रित की गई थीं। अब इमारत निर्माण में 250 वर्ग मीटर तक के प्लाटों में ग्राउंड कवरेज 66 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी और 251 वर्ग मीटर से लेकर 1000 वर्ग मीटर तक के प्लाटों में 60 फीसदी से 66 फीसदी करने का निर्णय लिया गया है।
250 वर्ग मीटर तक के प्लाटों के लिए एफएआर फ्लोर एरिया रेशो) 264 फीसदी था, जिसके तहत स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार फ्लोर का निर्माण किया जाता था। हर फ्लोर पर 66 फीसदी के हिसाब से निर्माण होता था, लेकिन ग्राउंड कवरेज कम होने की वजह से लोग इमारत में 66 फीसदी का पूरा निर्माण नहीं कर पाते थे और कटआउट छोड़ना पड़ता था। लिफ्ट और सीढ़ियों का एरिया भी एफएआर में शामिल किया जाता था, जिससे निर्माण में काफी दिक्कतें आती थीं।
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यह होंगे इसके फायदे
कवरेज बढ़ने से लोगों को लगभग कटआउट नहीं छोड़ना पड़ेगा। लिफ्ट एरिया और सीढ़ियों का एरिया भी एफएआर से बाहर हो जाएगा। ओसी के बाद इमारतों में नियमों का उल्लंघन होता था। कटआउट भरने की सूरत में एन्फोर्समेंट विभाग की कार्रवाई का सामना करना पड़ता था।
नए नियमों में इमारत के पीछे खाली छोड़ने वाले एरिया में अब बालकनी का निर्माण नहीं किया जा सकता। पहले जोनिंग एरिया में बालकनी का निर्माण कर लिया जाता था। इसकी वजह से अब किसी भी प्लाट साइज के मकान में 2-3 फुट तक बिल्डिंग छोटी होगी। संशोधित नियम लागू होने के बाद प्लाटों में भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन नहीं होगा। इमारतों का निर्माण बिना परेशानियों के हो सकेगा। सेट बैक नियमों में किए बदलाव से थोड़ी दिक्कत होगी। उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सेट बैक के पुराने नियमों का लागू करने की मांग की गई है। - सुरेश अग्रवाल, प्रधान, हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर्स एसोसिएशन
होम डेवलपर्स और प्लाट होल्डर एसोसिएशन की इस मांग को पूरा कर सरकार ने रिहायशी प्लाट मालिकों और होम डेवलपर्स को बड़ी राहत दी है। इससे मकानों के निर्माण में काफी राहत मिलेगी। - जसवीर गोयत, प्रॉपर्टी कारोबारी
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विभाग ने छह जनवरी 2022 को हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में रिहायशी मकानों के निर्माण में ग्राउंड कवरेज क्षेत्र बढ़ाने के लिए संशोधन प्रस्तावित किए थे। इसे लेकर विभाग की तरफ से सूचना जारी कर पांच फरवरी 2022 तक आमजन से आपत्तियां भी आमंत्रित की गई थीं। अब इमारत निर्माण में 250 वर्ग मीटर तक के प्लाटों में ग्राउंड कवरेज 66 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी और 251 वर्ग मीटर से लेकर 1000 वर्ग मीटर तक के प्लाटों में 60 फीसदी से 66 फीसदी करने का निर्णय लिया गया है।
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250 वर्ग मीटर तक के प्लाटों के लिए एफएआर फ्लोर एरिया रेशो) 264 फीसदी था, जिसके तहत स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार फ्लोर का निर्माण किया जाता था। हर फ्लोर पर 66 फीसदी के हिसाब से निर्माण होता था, लेकिन ग्राउंड कवरेज कम होने की वजह से लोग इमारत में 66 फीसदी का पूरा निर्माण नहीं कर पाते थे और कटआउट छोड़ना पड़ता था। लिफ्ट और सीढ़ियों का एरिया भी एफएआर में शामिल किया जाता था, जिससे निर्माण में काफी दिक्कतें आती थीं।
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यह होंगे इसके फायदे
कवरेज बढ़ने से लोगों को लगभग कटआउट नहीं छोड़ना पड़ेगा। लिफ्ट एरिया और सीढ़ियों का एरिया भी एफएआर से बाहर हो जाएगा। ओसी के बाद इमारतों में नियमों का उल्लंघन होता था। कटआउट भरने की सूरत में एन्फोर्समेंट विभाग की कार्रवाई का सामना करना पड़ता था।
नए नियमों में इमारत के पीछे खाली छोड़ने वाले एरिया में अब बालकनी का निर्माण नहीं किया जा सकता। पहले जोनिंग एरिया में बालकनी का निर्माण कर लिया जाता था। इसकी वजह से अब किसी भी प्लाट साइज के मकान में 2-3 फुट तक बिल्डिंग छोटी होगी। संशोधित नियम लागू होने के बाद प्लाटों में भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन नहीं होगा। इमारतों का निर्माण बिना परेशानियों के हो सकेगा। सेट बैक नियमों में किए बदलाव से थोड़ी दिक्कत होगी। उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सेट बैक के पुराने नियमों का लागू करने की मांग की गई है। - सुरेश अग्रवाल, प्रधान, हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर्स एसोसिएशन
होम डेवलपर्स और प्लाट होल्डर एसोसिएशन की इस मांग को पूरा कर सरकार ने रिहायशी प्लाट मालिकों और होम डेवलपर्स को बड़ी राहत दी है। इससे मकानों के निर्माण में काफी राहत मिलेगी। - जसवीर गोयत, प्रॉपर्टी कारोबारी