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Panchkula News: वन विभाग के कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग, 17 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
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वेतन, ईपीएफ-ईएसआई, पदोन्नति और न्यूनतम 26 हजार रुपये मानदेय समेत कई मांगें उठाईं
यूनियन ने ठेकेदारी प्रथा बंद कर पुराने वन मजदूरों को काम पर रखने की भी मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। वन विभाग मजदूर यूनियन हरियाणा ने कच्चे और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विभाग के समक्ष 17 सूत्रीय मांग पत्र रखा है। यूनियन ने कर्मचारियों को नियमित करने के साथ समय पर वेतन, ईपीएफ-ईएसआई, पदोन्नति और न्यूनतम 26 हजार रुपये वेतन देने की मांग की है। साथ ही ठेकेदारी प्रथा बंद कर पुराने वन मजदूरों को काम पर रखने की मांग भी की गई है।
यूनियन के अनुसार कई मजदूरों को रजिस्ट्री के नाम पर कई-कई माह तक वेतन नहीं दिया जाता। मांग पत्र में सभी वन मजदूरों को बढ़ा हुआ मानदेय और एरियर दिलाने तथा वर्ष 2017 से ईपीएफ और ईएसआई का लाभ देने की मांग की गई है। गेटमैन के वेतन को ध्यान में रखते हुए मजदूरों को न्यूनतम 26 हजार रुपये देने की मांग भी शामिल है।
यूनियन ने विभाग में कार्यरत सभी वन मजदूरों की वरिष्ठता सूची तैयार करने, पहचान पत्र, वर्दी और जूते उपलब्ध करवाने की मांग की है। 5 से 30 वर्ष तक सेवा दे चुके कर्मचारियों को उनके अनुभव, पुरस्कार और उच्च कुशल श्रेणी का लाभ देने की मांग भी रखी गई है।
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सामाजिक सुरक्षा के तहत सभी वन मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्ड से पंजीकृत करवाने और दुर्घटना में घायल होने वाले मजदूरों को पांच लाख रुपये की सहायता देने की मांग की गई है। मांग पत्र में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 23, 24 और 31 दिसंबर 2026 के आदेशों के अनुसार वन मजदूरों को नियमित करने तथा 10वीं-12वीं पास कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देने की मांग भी शामिल है।
इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये देने, ठेकेदारी प्रथा बंद कर मजदूर प्रणाली लागू करने और पुराने वन मजदूरों को दोबारा कार्य पर रखने की मांग की गई है। यूनियन ने विभाग में खाली पदों पर भर्ती करने तथा पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में वन मजदूरों को प्राथमिकता देने की भी मांग उठाई है।
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यूनियन ने ठेकेदारी प्रथा बंद कर पुराने वन मजदूरों को काम पर रखने की भी मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। वन विभाग मजदूर यूनियन हरियाणा ने कच्चे और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विभाग के समक्ष 17 सूत्रीय मांग पत्र रखा है। यूनियन ने कर्मचारियों को नियमित करने के साथ समय पर वेतन, ईपीएफ-ईएसआई, पदोन्नति और न्यूनतम 26 हजार रुपये वेतन देने की मांग की है। साथ ही ठेकेदारी प्रथा बंद कर पुराने वन मजदूरों को काम पर रखने की मांग भी की गई है।
यूनियन के अनुसार कई मजदूरों को रजिस्ट्री के नाम पर कई-कई माह तक वेतन नहीं दिया जाता। मांग पत्र में सभी वन मजदूरों को बढ़ा हुआ मानदेय और एरियर दिलाने तथा वर्ष 2017 से ईपीएफ और ईएसआई का लाभ देने की मांग की गई है। गेटमैन के वेतन को ध्यान में रखते हुए मजदूरों को न्यूनतम 26 हजार रुपये देने की मांग भी शामिल है।
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यूनियन ने विभाग में कार्यरत सभी वन मजदूरों की वरिष्ठता सूची तैयार करने, पहचान पत्र, वर्दी और जूते उपलब्ध करवाने की मांग की है। 5 से 30 वर्ष तक सेवा दे चुके कर्मचारियों को उनके अनुभव, पुरस्कार और उच्च कुशल श्रेणी का लाभ देने की मांग भी रखी गई है।
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सामाजिक सुरक्षा के तहत सभी वन मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्ड से पंजीकृत करवाने और दुर्घटना में घायल होने वाले मजदूरों को पांच लाख रुपये की सहायता देने की मांग की गई है। मांग पत्र में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 23, 24 और 31 दिसंबर 2026 के आदेशों के अनुसार वन मजदूरों को नियमित करने तथा 10वीं-12वीं पास कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देने की मांग भी शामिल है।
इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये देने, ठेकेदारी प्रथा बंद कर मजदूर प्रणाली लागू करने और पुराने वन मजदूरों को दोबारा कार्य पर रखने की मांग की गई है। यूनियन ने विभाग में खाली पदों पर भर्ती करने तथा पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में वन मजदूरों को प्राथमिकता देने की भी मांग उठाई है।