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भूजल स्तर की गिरावट दर को आधा करने का लक्ष्य
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने गिरते भूजल स्तर की गिरावट दर को आधा करने का लक्ष्य रखा है। अटल भूजल योजना के तहत इस पर चरणबद्ध तरीके से 2025 तक काम किया जाएगा। अभी प्रदेश में लोगों में पानी बचाने की आदत डालने पर काम चल रहा है। सोमवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुबोध यादव ने करनाल के दराड़ और कुरुक्षेत्र के बुढ़ा गांव का दौरा कर केंद्रीय योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी।
सिंचाई भवन, पंचकूला में उन्होंने बताया कि दोनों पंचायत में अटल जल मिशन के तहत पानी बचाने के प्रशिक्षण इत्यादि की गुणवत्ता व अन्य चीजों के बारे में जाना। गिरते भूजल स्तर को ऊपर उठाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार जल संग्रहण की अनेक योजनाओं पर काम कर रही हैं। अटल जल मिशन भी उसी का हिस्सा है। हरियाणा के 85 खंड भूजल के अत्याधिक दोहन वाले क्षेत्रों में आते हैं, इनमें से 36 खंड की 1669 पंचायतों में विश्व बैंक के सहयोग से भूजल संग्रहण के लिए योजनाएं लागू कर रहे हैं। जहां पानी कम संग्रहण होने के बावजूद सौ प्रतिशत से अधिक दोहन किया जा रहा है, उन खंड को अत्याधिक दोहन वाले क्षेत्रों में शामिल किया है।
सुबोध ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य भूजल की कमी वाले चुनिंदा क्षेत्रों में संसाधनों के प्रबंधन में सुधार करना है। गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में योजना के तहत काम कर रहे हैं। योजना के क्रियान्वयन में प्रगति और आगे के बारे में सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह से भी चर्चा की है। इस योजना के लक्ष्य को सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। हरियाणा में अटल जल योजना के सह परियोजना निदेशक व इंजीनियर इन चीफ डॉ. सतबीर सिंह कादियान के नेतृत्व में राज्य कार्यक्रम प्रबंधन टीम से मुलाकात की है। उन्होंने अटल जल योजना और राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।
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सिंचाई भवन, पंचकूला में उन्होंने बताया कि दोनों पंचायत में अटल जल मिशन के तहत पानी बचाने के प्रशिक्षण इत्यादि की गुणवत्ता व अन्य चीजों के बारे में जाना। गिरते भूजल स्तर को ऊपर उठाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार जल संग्रहण की अनेक योजनाओं पर काम कर रही हैं। अटल जल मिशन भी उसी का हिस्सा है। हरियाणा के 85 खंड भूजल के अत्याधिक दोहन वाले क्षेत्रों में आते हैं, इनमें से 36 खंड की 1669 पंचायतों में विश्व बैंक के सहयोग से भूजल संग्रहण के लिए योजनाएं लागू कर रहे हैं। जहां पानी कम संग्रहण होने के बावजूद सौ प्रतिशत से अधिक दोहन किया जा रहा है, उन खंड को अत्याधिक दोहन वाले क्षेत्रों में शामिल किया है।
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सुबोध ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य भूजल की कमी वाले चुनिंदा क्षेत्रों में संसाधनों के प्रबंधन में सुधार करना है। गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में योजना के तहत काम कर रहे हैं। योजना के क्रियान्वयन में प्रगति और आगे के बारे में सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह से भी चर्चा की है। इस योजना के लक्ष्य को सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। हरियाणा में अटल जल योजना के सह परियोजना निदेशक व इंजीनियर इन चीफ डॉ. सतबीर सिंह कादियान के नेतृत्व में राज्य कार्यक्रम प्रबंधन टीम से मुलाकात की है। उन्होंने अटल जल योजना और राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।
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