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Panchkula News: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की आईडी हैक कर 34 लाख निकालने वाला आरोपी बिहार से गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पोर्टल को हैक करने में शामिल आरोपी को आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने आईडी हैक कर फर्जी खातों में 34 लाख रुपये डाल दिए थे। आरोपी की पहचान सुदेशवर राय बिहार निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर आठ दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस की जांच में पोर्टल हैक के दौरान आरोपी सुदेशवर राय की आईपी एड्रस की जानकारी मिली थी। उसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पिंजौर थाना पुलिस को महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी पिंजौर ने शिकायत में बताया कि विभाग द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर को आईडी दी गई थी। इससे डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा गर्भवती महिला को पहली गर्भावस्था में होने पर तीन किश्तों में (1000, 2000 व 2000) कुल 5000 रुपये कि रकम प्रदान की जाती है। इसका ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म भरा जाता है अधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद रकम गर्भवती महिला के खाते में आती है, लेकिन कुछ समय पहले किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पोर्टल आईडी को हैक कर लिया। पोर्टल पर फेक केस 20 मई से लेकर 30 मई तक फीड करके उनके खातों में रकम डाल दी गई। जैसे ही अधिकारियों को इसकी जानकारी लगी तो स्टेटस चेक किया तो पाया कि 1319 किश्तें (439 केस) ब्लॉक के अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्रों से भरे गए थे। जांच करने पर पाया गया कि ये सभी केस उन संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों के नहीं हैं, ना ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा भरे गए। ये केस सुपरवाइजर ने भी वेरिफाई नहीं किए थे। इस स्कीम का लाभ तीन किश्तों में दिया जाता है किसी भी लाभार्थी को एक साथ तीन किश्तों का लाभ नहीं दिया जाता और इस तरह के केस बहुत कम होता है। उक्त सभी केसों में तीनों किश्तें को एक साथ भरकर लाभ दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी थी।
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पिंजौर थाना पुलिस को महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी पिंजौर ने शिकायत में बताया कि विभाग द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर को आईडी दी गई थी। इससे डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा गर्भवती महिला को पहली गर्भावस्था में होने पर तीन किश्तों में (1000, 2000 व 2000) कुल 5000 रुपये कि रकम प्रदान की जाती है। इसका ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म भरा जाता है अधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद रकम गर्भवती महिला के खाते में आती है, लेकिन कुछ समय पहले किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पोर्टल आईडी को हैक कर लिया। पोर्टल पर फेक केस 20 मई से लेकर 30 मई तक फीड करके उनके खातों में रकम डाल दी गई। जैसे ही अधिकारियों को इसकी जानकारी लगी तो स्टेटस चेक किया तो पाया कि 1319 किश्तें (439 केस) ब्लॉक के अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्रों से भरे गए थे। जांच करने पर पाया गया कि ये सभी केस उन संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों के नहीं हैं, ना ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा भरे गए। ये केस सुपरवाइजर ने भी वेरिफाई नहीं किए थे। इस स्कीम का लाभ तीन किश्तों में दिया जाता है किसी भी लाभार्थी को एक साथ तीन किश्तों का लाभ नहीं दिया जाता और इस तरह के केस बहुत कम होता है। उक्त सभी केसों में तीनों किश्तें को एक साथ भरकर लाभ दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी थी।
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