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Panchkula News: दस हजार की आबादी परेशान, तीन ट्यूबवेलों से मिल रहा पानी, छह हुए खराब
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संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। सेक्टर-25 में रहने वाले लोग गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। क्षेत्र को पानी की आपूर्ति करने वाले नौ में से केवल तीन ट्यूबवेल ही ठीक हैं। छह ट्यूबवेल खराब हो चुके हैं। इस कारण सप्लाई बहुत कम आती है, इसके अलावा कम दबाव के कारण क्षेत्र में पानी को लेकर मारामारी रहती है। करीब दस हजार की आबादी में जिस पानी की आपूर्ति होती है, वह पीने लायक नहीं है। टीडीएस बहुत ज्यादा होने के कारण भी लोग परेशान हैं।
सेक्टर-25 के नजदीक दो डंपिंग ग्राउंड हैं। एक सेक्टर-23 के चौक पर और दूसरा झुरीवाला में। सेक्टर-23 के चौक पर बने डंपिंग ग्राउंड में अब कचरा नहीं डाला जा रहा है, मगर वहां कचरे का पूरा पहाड़ बना हुआ है। इस कचरे के कारण आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर खराब होता जा रहा है। घग्गर पार शहर में पीने के पानी का एकमात्र साधन ट्यूबवेल ही हैं। जमीन पानी खराब होने के कारण सेक्टर-25 के छह ट्यूबवेल रद्द हो चुके हैं। इस कारण उनको सील किया जा चुका है। लोगों का कहना है कि अब मात्र तीन ट्यूबवेल से ही सेक्टर में पानी की सप्लाई होती है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है।
कौशल्या डैम से पानी मिले तो हो समाधान
स्थानीय निवासियों ने कहा कि सेक्टर-5 में गंदे पानी की समस्या का एक ही समाधान है। यहां पर कौशल्या डैम से पानी की आपूर्ति की जाए। लोगों का कहना है कि इस बारे में कई बार संबंधित अधिकारियों के साथ पत्राचार भी किया जा चुका है, मगर समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है।
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पानी में टीडीएस बहुत ज्यादा होने के कारण वह पीने लायक नहीं है। लोगों को अपने घरों में आरओ लगवाने पड़ रहे हैं। छह ट्यूबवेल रद्द किए जा चुके हैं। कई दिनों से सैंपलिंग नहीं हुई है। जल्द से जल्द सैंपलिंग की जानी चाहिए ताकि पानी की गुणवत्ता का पता चल सके। -डॉ. सबरीना, निवासी सेक्टर-25
बारिश के दौरान पानी के साथ कचरे की गंदगी भी जमीन में चली जाती है। इससे जमीन का पानी खराब होता जा रहा है। सेक्टर-25 के आस-पास जमीन के नीचे पानी के रूप में जहर जमा हो रहा है। मगर प्रशासन द्वारा डंपिंग ग्राउंड को खाली नहीं किया जा रहा है। - केवल कृष्ण सिंगला, निवासी सेक्टर-25
पानी में पोटाशियम नाइट्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा है, जिसके कारण लोगों को पथरी की समस्या हो रही है। कुछ लोगों को दर्द सहन करना पड़ता है तो कुछ की हालत इतनी खराब हो जाती है कि उन्हें ऑपरेशन भी करवाना पड़ता है। अगर साफ पानी मिले तो यह समस्या नहीं रहे। - विमल रॉय गोयल, निवासी सेक्टर-25
सेक्टर के जो ट्यूबवेल चालू हालत में हैं, उन पर भी जेनरेटर की व्यवस्था नहीं है। सेक्टर का अपना फीडर भी नहीं है। इसलिए अक्सर बिजली के कट लगते रहते हैं। गर्मी में तो अघोषित कट कई गुना बढ़ जाते हैं। बिजली जाते ही पानी की सप्लाई भी बंद हो जाती है। - भगवान दास मित्तल, निवासी सेक्टर-25
सेक्टर के साथ लगते बुढ़नपुर में पिछले साल एक लड़की की मौत डायरिया से हुई थी। 500 से ज्यादा लोग डायरिया की चपेट में आए थे। इसके बावजूद यहां की सुध नहीं ली जा रही है। प्रशासन की लापरवाही लोगों की जान पर भी भारी पड़ रही है। -रामगोपाल शर्मा, निवासी सेक्टर-25
करीब 12 साल से सेक्टर-25 में रह रहा हूं। आज तक छत पर रखी पानी की टंकी पूरी नहीं भरी है। कम दबाव की बहुत ज्यादा समस्या है। जगह-जगह से पाइप लाइन लीक है। अधिकारियों से बात करते हैं तो कहते हैं कि ज्यादा दबाव से पानी छोड़ा तो पाइप लाइन फट जाएंगी। - एसआर हुड्डा, निवासी सेक्टर-25
पर्याप्त मात्रा में पानी सप्लाई किया जा रहा है। अगर इसके बावजूद भी ट्यूबवेल लगाने की मांग की जाती है तो उस पर विचार किया जाएगा। एचएसवीपी के नियमों के अनुसार लोगों को उनके दरवाजे तक पानी देने की जिम्मेवारी एचएसवीपी की है। -एनके पायल, एक्सईएन, एचएसवीपी
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सेक्टर-25 के नजदीक दो डंपिंग ग्राउंड हैं। एक सेक्टर-23 के चौक पर और दूसरा झुरीवाला में। सेक्टर-23 के चौक पर बने डंपिंग ग्राउंड में अब कचरा नहीं डाला जा रहा है, मगर वहां कचरे का पूरा पहाड़ बना हुआ है। इस कचरे के कारण आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर खराब होता जा रहा है। घग्गर पार शहर में पीने के पानी का एकमात्र साधन ट्यूबवेल ही हैं। जमीन पानी खराब होने के कारण सेक्टर-25 के छह ट्यूबवेल रद्द हो चुके हैं। इस कारण उनको सील किया जा चुका है। लोगों का कहना है कि अब मात्र तीन ट्यूबवेल से ही सेक्टर में पानी की सप्लाई होती है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है।
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कौशल्या डैम से पानी मिले तो हो समाधान
स्थानीय निवासियों ने कहा कि सेक्टर-5 में गंदे पानी की समस्या का एक ही समाधान है। यहां पर कौशल्या डैम से पानी की आपूर्ति की जाए। लोगों का कहना है कि इस बारे में कई बार संबंधित अधिकारियों के साथ पत्राचार भी किया जा चुका है, मगर समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है।
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पानी में टीडीएस बहुत ज्यादा होने के कारण वह पीने लायक नहीं है। लोगों को अपने घरों में आरओ लगवाने पड़ रहे हैं। छह ट्यूबवेल रद्द किए जा चुके हैं। कई दिनों से सैंपलिंग नहीं हुई है। जल्द से जल्द सैंपलिंग की जानी चाहिए ताकि पानी की गुणवत्ता का पता चल सके। -डॉ. सबरीना, निवासी सेक्टर-25
बारिश के दौरान पानी के साथ कचरे की गंदगी भी जमीन में चली जाती है। इससे जमीन का पानी खराब होता जा रहा है। सेक्टर-25 के आस-पास जमीन के नीचे पानी के रूप में जहर जमा हो रहा है। मगर प्रशासन द्वारा डंपिंग ग्राउंड को खाली नहीं किया जा रहा है। - केवल कृष्ण सिंगला, निवासी सेक्टर-25
पानी में पोटाशियम नाइट्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा है, जिसके कारण लोगों को पथरी की समस्या हो रही है। कुछ लोगों को दर्द सहन करना पड़ता है तो कुछ की हालत इतनी खराब हो जाती है कि उन्हें ऑपरेशन भी करवाना पड़ता है। अगर साफ पानी मिले तो यह समस्या नहीं रहे। - विमल रॉय गोयल, निवासी सेक्टर-25
सेक्टर के जो ट्यूबवेल चालू हालत में हैं, उन पर भी जेनरेटर की व्यवस्था नहीं है। सेक्टर का अपना फीडर भी नहीं है। इसलिए अक्सर बिजली के कट लगते रहते हैं। गर्मी में तो अघोषित कट कई गुना बढ़ जाते हैं। बिजली जाते ही पानी की सप्लाई भी बंद हो जाती है। - भगवान दास मित्तल, निवासी सेक्टर-25
सेक्टर के साथ लगते बुढ़नपुर में पिछले साल एक लड़की की मौत डायरिया से हुई थी। 500 से ज्यादा लोग डायरिया की चपेट में आए थे। इसके बावजूद यहां की सुध नहीं ली जा रही है। प्रशासन की लापरवाही लोगों की जान पर भी भारी पड़ रही है। -रामगोपाल शर्मा, निवासी सेक्टर-25
करीब 12 साल से सेक्टर-25 में रह रहा हूं। आज तक छत पर रखी पानी की टंकी पूरी नहीं भरी है। कम दबाव की बहुत ज्यादा समस्या है। जगह-जगह से पाइप लाइन लीक है। अधिकारियों से बात करते हैं तो कहते हैं कि ज्यादा दबाव से पानी छोड़ा तो पाइप लाइन फट जाएंगी। - एसआर हुड्डा, निवासी सेक्टर-25
पर्याप्त मात्रा में पानी सप्लाई किया जा रहा है। अगर इसके बावजूद भी ट्यूबवेल लगाने की मांग की जाती है तो उस पर विचार किया जाएगा। एचएसवीपी के नियमों के अनुसार लोगों को उनके दरवाजे तक पानी देने की जिम्मेवारी एचएसवीपी की है। -एनके पायल, एक्सईएन, एचएसवीपी