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Panchkula News: अवैध माइनिंग कर राजस्थान का फर्जी ई-बे बिल दिखाकर ग्रेवल बेचा, 33.74 लाख का जुर्माना लगा

Sat, 29 Apr 2023 01:33 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Apr 2023 01:33 AM IST
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Sold gravel by showing fake e-bay bill of Rajasthan for illegal mining, fined Rs 33.74 lakh
संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। जिले में माफियाओं द्वारा अवैध माइनिंग कर फर्जी ई-बे बिल बनाकर ग्रेवल बेचने का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। पिछले दिनों माइनिंग विभाग की जांच में कुछ मामले सामने आए हैं। इसके बाद विभाग की तरफ से पुलिस में शिकायत दी गई। चंडीमंदिर पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है। माइनिंग अधिकारी ओमदत्त शर्मा की शिकायत पर रत्तेवाली के मेशर्स बालाजी वाशिंग प्लांट के खिलाफ चंडीमंदिर पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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जिला माइनिंग अधिकारी ने शिकायत में बताया कि मेशर्स बालाजी वाशिंग प्लांट की ओर से इस साल की शुरूआत में 16824 मीट्रिक टन ग्रेवल राजस्थान से खरीदे जाने का बिल माइनिंग विभाग की वेब पोर्टल पर अपलोड किया था। विभाग की ओर से उसे चेक करने पर फर्जी पाया गया। राजस्थान का ई-बे बिल फर्जी होने पर माइनिंग विभाग के निदेशक ने माइनिंग ऑफिसर से मामले की जांच करने को कहा। इसके बाद पंचकूला के माइनिंग अधिकारी ओमदत्त शर्मा ने बालाजी वाशिंग प्लांट पर टैक्स चोरी करने के एवज में 33.74 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही एजेंसी को 9 फरवरी 2023 को लेटर जारी कर जुर्माने की राशि जमा करने को कहा, लेकिन उसके बावजूद एजेंसी द्वारा जुर्माने की राशि नहीं जमा करवाया गई। इसके बाद जिला माइनिंग अधिकारी की शिकायत ने एजेंसी के खिलाफ चंडीमंदिर पुलिस में शिकायत दी गई और पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
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फर्जी बिल का लिया जा रहा है सहारा
माइनिंग विभाग की तरफ से की गई जांच में यह सामने आया है कि जिले में अवैध माइनिंग करने वाली एजेंसियां अपने कच्चे ग्रेवल को सही दिखाने के लिए फर्जी ई-बे बिल का सहारा लेते हैं। माफियाओं द्वारा दूसरे राज्यों का फर्जी ई-बे बिल माइनिंग विभाग के वेब पोर्टल पर अपलोड करते हैं जिसे बाद में जांच के दौरान पकड़ा जाता है। बताया जा रहा है कि जिले में करीब 10 से ज्यादा ऐसे माइनिंग माफिया सक्रिय हैं जो अवैध माइनिंग करने के बाद के दूसरे राज्यों का फर्जी बिल दिखाकर उसे पंचकूला में बेचने की कोशिश की जा रही है। इसमें करोड़ों रुपये के टैक्स चोरी का मामला होने की संभावना है।
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