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7 साल के बच्चे और महिला को एचआईवी पॉजिटिव ब्लड चढ़ाने के मामले में दोषियों पर गिरी गाज
Sat, 10 Oct 2020 01:27 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2020 01:27 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
बठिंडा के ब्लड बैंक में गलत खून चढ़ाने की घटना के मामले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने घोर लापरवाही के लिए कर्मचारियों को मुअत्तल करने के आदेश जारी किए हैं।
शनिवार को जारी किये गए आदेशों में ब्लड बैंक में तैनात मेडिकल लैब टेक्नीशियन बलदेव सिंह रोमाना, एनएचएम बीटीओ डा. कृष्ण गोयल, सिवल अस्पताल में काम कर रहीं एमएलटी ऋचा गोयल को तत्काल प्रभाव से मुअत्तल किया गया है। साथ ही एसएसपी बठिंडा को इस मामले में दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने इस घटना के बाद जांच कमेटी गठित करने के आदेश दिए थे। उनके निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया, जांच में यह पाया गया कि बिना जांच किए रक्तदाता द्वारा दिए गए खून को जरूरतमंद को दिया गया। दिया गया खून एक एचआईवी पॉजिटिव रक्तदाता के द्वारा दिया गया था।
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जांच कर रही कमेटी ने पूरे मामले में कर्मचारियों की घोर लापरवाही उजागर हुई। कमेटी ने अग्रिम कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी। जिसके बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
क्या है मामला?
अक्तूबर के पहले सप्ताह में बठिंडा के भाई मनी सिंह सिविल अस्पताल में एक सात वर्षीय थैलेसीमिया रोगी बच्चे को एचआईवी पॉजिटिव मरीज का खून दिया गया था। अस्पताल में ब्लड बैंक ने रक्तदाता से खून लेने के बाद यूनिट जारी कर दी थी और जरूरी जांच भी नहीं की थी।
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शनिवार को जारी किये गए आदेशों में ब्लड बैंक में तैनात मेडिकल लैब टेक्नीशियन बलदेव सिंह रोमाना, एनएचएम बीटीओ डा. कृष्ण गोयल, सिवल अस्पताल में काम कर रहीं एमएलटी ऋचा गोयल को तत्काल प्रभाव से मुअत्तल किया गया है। साथ ही एसएसपी बठिंडा को इस मामले में दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को कहा गया है।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने इस घटना के बाद जांच कमेटी गठित करने के आदेश दिए थे। उनके निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया, जांच में यह पाया गया कि बिना जांच किए रक्तदाता द्वारा दिए गए खून को जरूरतमंद को दिया गया। दिया गया खून एक एचआईवी पॉजिटिव रक्तदाता के द्वारा दिया गया था।
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जांच कर रही कमेटी ने पूरे मामले में कर्मचारियों की घोर लापरवाही उजागर हुई। कमेटी ने अग्रिम कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी। जिसके बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
क्या है मामला?
अक्तूबर के पहले सप्ताह में बठिंडा के भाई मनी सिंह सिविल अस्पताल में एक सात वर्षीय थैलेसीमिया रोगी बच्चे को एचआईवी पॉजिटिव मरीज का खून दिया गया था। अस्पताल में ब्लड बैंक ने रक्तदाता से खून लेने के बाद यूनिट जारी कर दी थी और जरूरी जांच भी नहीं की थी।