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गन्ने के वजन में सात प्रतिशत कटौती किसानों के साथ अन्याय : हुड्डा

Thu, 24 Nov 2022 08:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 24 Nov 2022 08:00 AM IST
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Seven percent reduction in the weight of sugarcane is injustice to the farmers: Hooda
चंडीगढ़। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गन्ने की फसल पर प्रति क्विंटल 7 प्रतिशत वजन कटौती के फैसले को किसानों के साथ अन्याय करार दिया है। हुड्डा ने कहा कि पिछले साल हारवेस्टर से कटाई वाली फसल पर 5 प्रतिशत वजन कटौती की गई थी, जिसे इस बार बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। पंजाब समेत अन्य राज्यों में हरियाणा से कम कटौती होती है।
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पंजाब में निजी और सरकारी दोनों तरह की बिकवाली पर सिर्फ 3 प्रतिशत कटौती होती है। वजन कटौती में बढ़ोतरी कर सरकार ने गन्ना किसानों को दोहरी मार मारी है। एक तरफ कम कीमत पर उनकी फसल खरीदी जा रही है और दूसरा वजन कटौती के नाम पर ठगा जा रहा है। स्थिति यह है कि गन्ने की खोई ?400 प्रति क्विंटल के रेट पर बिक रही है और गन्ना सिर्फ 360 रुपये प्रति क्विंटल। किसानों को गन्ने का रेट कम से कम 400 रुपये प्रति क्विंटल रेट मिलना चाहिए।
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हुड्डा ने खाद के लिए परेशान हो रहे किसानों का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को वक्त पर पूरी खाद देने में नाकाम साबित हुई है। हरेक सीजन की तरह इस बार भी किसानों को कई-कई दिन और घंटों लंबी कतारों में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वक्त पर खाद नहीं मिलने से किसानों को उत्पादन में घाटे का डर सताने लगा है। सरकार को अन्नदाता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तुरंत खाद की किल्लत को दूर करना चाहिए।
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