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Panchkula News: 58 की उम्र में डांस का जुनून... सुखना लेक को बनाया मंच, छा गए
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चंडीगढ़। उम्र 58 साल, पेशे से फार्मास्यूटिकल कंपनी में क्वालिटी हेड और दिल से डांसर। हिमाचल प्रदेश के बद्दी निवासी पंकज त्यागी के लिए डांस महज शौक नहीं बल्कि जिंदगी को अपने अंदाज में जीने का जरिया है। रिटायरमेंट में भले ही एक साल बाकी हो लेकिन डांस का जुनून आज भी वैसा ही है।
बचपन में गांव की शायद ही कोई शादी या समारोह ऐसा रहा हो, जहां पंकज ने डांस न किया हो। वह हंसते हुए बताते हैं कि अगर पिता को पता चल जाता था कि कहीं शादी है तो उन्हें यकीन होता था कि पंकज वहां जरूर पहुंच गया होगा।
एक रील ने बदल दी पहचान
हाल ही में सुखना लेक पर बन ठन चली बोलो ए जाती... गाने पर पंकज ने डांस की रील बनाई। वीडियो सोशल मीडिया पर ऐसा छाया कि इसके व्यूज 12 मिलियन यानी 1.2 करोड़ से ज्यादा पहुंच गए। करीब एक साल से रील बना रहे पंकज के लिए यह वीडियो नई पहचान लेकर आया। पंकज कहते हैं, ‘सुखना लेक ने मुझे पहचान दी। यह मेरे लिए लाखों लोगों तक पहुंचने का मंच बनी।’
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मां से मिला डांस का जुनून
पंकज को डांस का शौक अपनी मां से मिला, जिन्हें संगीत पसंद था। बेटी क्लासिकल डांस की शौकीन है और बेटे ने एमडी की पढ़ाई की है। बेटी बॉटनी विभाग में प्रोफेसर है, जबकि बेटा पंजाब में तैनात है। परिवार उनके जुनून का समर्थन करता है। हालांकि बेटा मजाक में कहता है- डांस करो, लेकिन सोशल मीडिया पर पोस्ट मत करो। उनका संदेश साफ है- ‘लोगों की परवाह करके अपने सपनों को मत रोकिए। जिस काम से खुशी मिले, वही कीजिए।’
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बचपन में गांव की शायद ही कोई शादी या समारोह ऐसा रहा हो, जहां पंकज ने डांस न किया हो। वह हंसते हुए बताते हैं कि अगर पिता को पता चल जाता था कि कहीं शादी है तो उन्हें यकीन होता था कि पंकज वहां जरूर पहुंच गया होगा।
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एक रील ने बदल दी पहचान
हाल ही में सुखना लेक पर बन ठन चली बोलो ए जाती... गाने पर पंकज ने डांस की रील बनाई। वीडियो सोशल मीडिया पर ऐसा छाया कि इसके व्यूज 12 मिलियन यानी 1.2 करोड़ से ज्यादा पहुंच गए। करीब एक साल से रील बना रहे पंकज के लिए यह वीडियो नई पहचान लेकर आया। पंकज कहते हैं, ‘सुखना लेक ने मुझे पहचान दी। यह मेरे लिए लाखों लोगों तक पहुंचने का मंच बनी।’
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मां से मिला डांस का जुनून
पंकज को डांस का शौक अपनी मां से मिला, जिन्हें संगीत पसंद था। बेटी क्लासिकल डांस की शौकीन है और बेटे ने एमडी की पढ़ाई की है। बेटी बॉटनी विभाग में प्रोफेसर है, जबकि बेटा पंजाब में तैनात है। परिवार उनके जुनून का समर्थन करता है। हालांकि बेटा मजाक में कहता है- डांस करो, लेकिन सोशल मीडिया पर पोस्ट मत करो। उनका संदेश साफ है- ‘लोगों की परवाह करके अपने सपनों को मत रोकिए। जिस काम से खुशी मिले, वही कीजिए।’