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Panchkula News: दीवाली पर चंडीगढ़ में अपना आशियाना खरीदने का मौका, 12 प्लॉटों की लगेगी बोली
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चंडीगढ़। इस दीवाली अगर चंडीगढ़ में अपना आशियाना बनाने का सपना है तो एस्टेट ऑफिस की प्रस्तावित ई-नीलामी आपके लिए खास मौका हो सकती है। एस्टेट ऑफिस ने शहर के अलग-अलग सेक्टरों में 12 रिहायशी प्लॉटों की ई-नीलामी का प्रस्ताव तैयार किया है। ये प्लॉट सेक्टर-19, 21, 30, 33, 37, 38 और 40 में हैं और सभी फ्री होल्ड आधार पर नीलाम किए जाएंगे। हालांकि, नीलामी की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
प्रस्तावित सूची में सेक्टर-33सी का प्लॉट सबसे महंगा है। इसका आरक्षित मूल्य करीब 13 से 14 करोड़ रुपये रखा गया है। वहीं, सेक्टर-37 के दो प्लॉट सबसे कम आरक्षित मूल्य वाले हैं। इनकी शुरुआती कीमत करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये है। सभी 12 प्लॉटों के लिए आरक्षित दर 1,26,727 रुपये प्रति वर्ग गज तय की गई है। इनका क्षेत्रफल 169 से 1014 वर्ग गज तक है।
बोली लगाने से पहले देना होगा दो लाख या दो फीसदी
नीलामी में शामिल होने वाले आवेदक को प्रत्येक प्लॉट के लिए आरक्षित मूल्य की दो फीसदी राशि या दो लाख रुपये, जो भी अधिक हो, धरोहर राशि के तौर पर जमा करनी होगी। एक से ज्यादा प्लॉट के लिए बोली लगाने पर हर प्लॉट की अलग धरोहर राशि देनी होगी। कॉर्नर और पार्क के सामने वाले प्लॉट पर पांच फीसदी अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
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आखिरी पांच मिनट में बोली तो बढ़ जाएगा समय
ई-नीलामी में हर अगली बोली 50 हजार रुपये के गुणक में लगानी होगी। आरक्षित मूल्य से कम बोली स्वीकार नहीं होगी। नीलामी खत्म होने के अंतिम पांच मिनट में अगर कोई नई बोली आती है तो समय अपने आप पांच मिनट बढ़ जाएगा। नई बोली आने तक यह प्रक्रिया जारी रह सकती है। सबसे ज्यादा बोली लगाने वाला सफल बोलीदाता होगा।
90 दिन में पूरी करनी होगी 75 फीसदी रकम
सफल बोलीदाता को कुल बोली राशि का 25 फीसदी हिस्सा निर्धारित समय में जमा करवाना होगा। बाकी 75 फीसदी राशि नीलामी खत्म होने के 90 दिन के भीतर जमा करनी होगी। समय पर भुगतान नहीं करने पर आवंटन रद्द होने के साथ नियमानुसार राशि जब्त की जा सकती है। प्लॉट का कब्जा मिलने के तीन साल के भीतर निर्माण पूरा करना होगा। अतिरिक्त समय लेने पर निर्धारित शुल्क देना होगा।
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प्रस्तावित सूची में सेक्टर-33सी का प्लॉट सबसे महंगा है। इसका आरक्षित मूल्य करीब 13 से 14 करोड़ रुपये रखा गया है। वहीं, सेक्टर-37 के दो प्लॉट सबसे कम आरक्षित मूल्य वाले हैं। इनकी शुरुआती कीमत करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये है। सभी 12 प्लॉटों के लिए आरक्षित दर 1,26,727 रुपये प्रति वर्ग गज तय की गई है। इनका क्षेत्रफल 169 से 1014 वर्ग गज तक है।
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बोली लगाने से पहले देना होगा दो लाख या दो फीसदी
नीलामी में शामिल होने वाले आवेदक को प्रत्येक प्लॉट के लिए आरक्षित मूल्य की दो फीसदी राशि या दो लाख रुपये, जो भी अधिक हो, धरोहर राशि के तौर पर जमा करनी होगी। एक से ज्यादा प्लॉट के लिए बोली लगाने पर हर प्लॉट की अलग धरोहर राशि देनी होगी। कॉर्नर और पार्क के सामने वाले प्लॉट पर पांच फीसदी अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
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आखिरी पांच मिनट में बोली तो बढ़ जाएगा समय
ई-नीलामी में हर अगली बोली 50 हजार रुपये के गुणक में लगानी होगी। आरक्षित मूल्य से कम बोली स्वीकार नहीं होगी। नीलामी खत्म होने के अंतिम पांच मिनट में अगर कोई नई बोली आती है तो समय अपने आप पांच मिनट बढ़ जाएगा। नई बोली आने तक यह प्रक्रिया जारी रह सकती है। सबसे ज्यादा बोली लगाने वाला सफल बोलीदाता होगा।
90 दिन में पूरी करनी होगी 75 फीसदी रकम
सफल बोलीदाता को कुल बोली राशि का 25 फीसदी हिस्सा निर्धारित समय में जमा करवाना होगा। बाकी 75 फीसदी राशि नीलामी खत्म होने के 90 दिन के भीतर जमा करनी होगी। समय पर भुगतान नहीं करने पर आवंटन रद्द होने के साथ नियमानुसार राशि जब्त की जा सकती है। प्लॉट का कब्जा मिलने के तीन साल के भीतर निर्माण पूरा करना होगा। अतिरिक्त समय लेने पर निर्धारित शुल्क देना होगा।