शराब घोटाला की जांच कर रही एसईटी का कार्यकाल दो माह बढ़ा, एडीजीपी अकील मोहम्मद शामिल
हरियाणा में शराब घोटाले की जांच कर रही एसईटी का कार्यकाल दो माह के लिए बढ़ा दिया गया है। सीएम मनोहर लाल ने एसईटी का कार्यकाल बढ़ाने की फाइल को अनुमति दे दी है। अब एसईटी में सुभाष यादव के स्थान पर गुरुग्राम पुलिस कमिश्रर एडीजीपी अकील मोहम्मद को शामिल किया गया है। सुभाष यादव 31 मई को रिटायर हो जाएंगे।
हालांकि गृह मंत्री अनिल विज ने रोहतक रेंज के एडीजीपी संदीप खिरवार का नाम एसईटी में शामिल करने के लिए सुझाया था लेकिन सीएम ने अकील मोहम्मद को जिम्मेदारी दी है। विज ने बताया कि एसईटी से हमने पूछा था कि वे कब तक अपनी रिपोर्ट दे सकते हैं। जिसके बाद एसईटी के मुखिया टीसी गुप्ता ने लिखकर दिया कि दो माह का समय चाहिए। उनके कहने पर सरकार ने दो माह का समय दिया है। साथ ही विज ने यह भी कहा है कि अकील मोहम्मद अच्छे अफसर हैं।
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विज के गृह जिले अंबाला में रहते हुए भी अकील मोहम्मद ने बढ़िया काम किया है। विज ने उनकी कार्यप्रणाली पर संतोष जताया है। मालूम हो कि शुरुआत से ही एसईटी के गठन को लेकर सरकार में सियासत गरमाई रही है। वर्तमान में अनिल विज ने एसईटी की पावर बढ़ाने की मांग की थी।
इस बार भी विज की नहीं चली
एसईटी की पावर तो नहीं बढ़ी अलबत्ता सरकार ने एसईटी में खिरवार का नाम किनारे कर अकील मोहम्मद का नाम शािमल कर लिया है। पहले भी विज ने एसईटी के गठन के समय यह कोशिश की थी कि आईएएस अधिकारी अशोक खेमका की अध्यक्षता में एसईटी गठित की जाए लेकिन सरकार ने टीसी गुप्ता पर भरोसा जताया। इस बार विज संदीप खिरवार को चाह रहे थे, लेकिन इस बार भी उनकी नहीं चली।
सेक्शन 32 के तहत पावर चाहते थे विज
दरअसल इस पूरे मामले में एसईटी को एसआईटी बनवाने के लिए अनिल विज प्रयत्नशील थे। एसआईटी बनती तो उसे आरोपियों से पूछताछ की पावर मिल जाती, लेकिन कानूनी दांवपेंच आड़े आ गए।
सीआरपीसी के सेक्शन 32 के तहत विज ने पावर देने की अपील की थी, लेकिन सीआरपीसी का सेक्शन 36 आड़े आ गया और विधि परामर्शी ने राय देने से मना कर दी। सेक्शन 36 के तहत आरोपी से पूछताछ की पावर एसएचओ को होती है। बाद में इस मामले में महाधिवक्ता से राय मांगी गई। वहां से भी अनिल विज के अरमानों पर पानी फेर दिया गया।