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हुक्का पिलाने के खिलाफ उतरेंगे जिले के निवासी
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पंचकूला। जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद जिले में चोरी छिपे चलने वाले हुक्काबार पर रोक लगाने के लिए शहर के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन को सख्त कार्यवाई कर हुक्के पर लगाम लगाना चाहिए। इस संबंध में पंचकूला की कुछ आरडब्लूए के सदस्यों ने सख्त कार्यवाई की मांग की है।
रेजीडेंट्स का कहना है कि हुक्का परोसने पर सख्ती की जानी चाहिए। शहर के लोगों का कहना है कि हर्बल हुक्का युवाओं को नशे की चपेट में ले रहा है। जिला प्रशासन के आदेश पर सख्ती दिखाकर टीमों को पंचकूला के रेस्टोरेंट, क्लबों और बार की नियमित तौर पर जांच करनी चाहिए।
देर रात पार्टी के दौरान कई क्लबों में हुक्का अब आम बात हो गई है। ऐसे में धुआं और नशे का माहौल बन जाता है। जिसका असर उन युवाओं पर भी पड़ सकता है जो कि नशे की गिरफ्त मेें नहीं हैं। ऐसे में युवा भी हुक्के की तरफ न आकर्षित हो जाएं, यह डर लगा रहता है। यह समाज के लिए गंभीर समस्या है। इसको रोका जाना चाहिए। - अशोक नारंग, निवासी, पंचकूला
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प्रतिभाशाली युवाओं को हमको ज्यादा अच्छा माहौल देना चाहिए। इसलिए रेस्टोरेंट, कैफे, बार और रेस्टोरेंट से हुक्का कल्चर को खत्म किया जाना चाहिए। युवा जो कुछ अपने सामने होते देखते हैं उसी कल्चर को अपनाने में लग जाते हैं। यही वजह है कि बड़ी सोसायटी में बैठने के चक्कर में युवा नशे की लत में पड़ जाते हैं। इसको बंद किया जाना चाहिए। - दीपक अरोड़ा, निवासी, पंचकूला
हुक्का तो युवा पीढ़ी तो नशे की ओर ढकेल रहा है। क्लबों और बार में हुक्का परोसने में सख्त पाबंदी लगाई जानी चाहिए। क्लबों में जाने वाले युवा हुक्के से धुएं के अलग अलग प्रकार के छल्ले बनाते हैं, हुक्के का साथ अन्य व्यसन भी करते हैं। ऐसी स्थिति में वह अपनी दिशा से पूरी तरह से भटक रहे हैं। - प्रमोद अग्रवाल, निवासी पंचकूला
हुक्के की वजह से समस्या बढ़ती जा रही है। हुक्के की लत इतनी ज्यादा लगती जा रही है कि युवा शाम होते ही हुक्का पीने के लिए रेस्टोरेंट और कैफे में पहुंच जाते हैं। इससे सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, आर्थिक रूप से भी काफी नुकसान होता है। यह गंभीर स्थिति है। प्रशासन को इस मामले में सख्ती करनी चाहिए। - नरिंदर शर्मा, निवासी, पंचकूला
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रेजीडेंट्स का कहना है कि हुक्का परोसने पर सख्ती की जानी चाहिए। शहर के लोगों का कहना है कि हर्बल हुक्का युवाओं को नशे की चपेट में ले रहा है। जिला प्रशासन के आदेश पर सख्ती दिखाकर टीमों को पंचकूला के रेस्टोरेंट, क्लबों और बार की नियमित तौर पर जांच करनी चाहिए।
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देर रात पार्टी के दौरान कई क्लबों में हुक्का अब आम बात हो गई है। ऐसे में धुआं और नशे का माहौल बन जाता है। जिसका असर उन युवाओं पर भी पड़ सकता है जो कि नशे की गिरफ्त मेें नहीं हैं। ऐसे में युवा भी हुक्के की तरफ न आकर्षित हो जाएं, यह डर लगा रहता है। यह समाज के लिए गंभीर समस्या है। इसको रोका जाना चाहिए। - अशोक नारंग, निवासी, पंचकूला
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प्रतिभाशाली युवाओं को हमको ज्यादा अच्छा माहौल देना चाहिए। इसलिए रेस्टोरेंट, कैफे, बार और रेस्टोरेंट से हुक्का कल्चर को खत्म किया जाना चाहिए। युवा जो कुछ अपने सामने होते देखते हैं उसी कल्चर को अपनाने में लग जाते हैं। यही वजह है कि बड़ी सोसायटी में बैठने के चक्कर में युवा नशे की लत में पड़ जाते हैं। इसको बंद किया जाना चाहिए। - दीपक अरोड़ा, निवासी, पंचकूला
हुक्का तो युवा पीढ़ी तो नशे की ओर ढकेल रहा है। क्लबों और बार में हुक्का परोसने में सख्त पाबंदी लगाई जानी चाहिए। क्लबों में जाने वाले युवा हुक्के से धुएं के अलग अलग प्रकार के छल्ले बनाते हैं, हुक्के का साथ अन्य व्यसन भी करते हैं। ऐसी स्थिति में वह अपनी दिशा से पूरी तरह से भटक रहे हैं। - प्रमोद अग्रवाल, निवासी पंचकूला
हुक्के की वजह से समस्या बढ़ती जा रही है। हुक्के की लत इतनी ज्यादा लगती जा रही है कि युवा शाम होते ही हुक्का पीने के लिए रेस्टोरेंट और कैफे में पहुंच जाते हैं। इससे सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, आर्थिक रूप से भी काफी नुकसान होता है। यह गंभीर स्थिति है। प्रशासन को इस मामले में सख्ती करनी चाहिए। - नरिंदर शर्मा, निवासी, पंचकूला