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पर्ल ग्रुप जमीन घोटाला : अवैध कमाई से जीरकपुर में खरीदा 3 करोड़ का फ्लैट

Sun, 22 Feb 2026 02:08 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Feb 2026 02:08 AM IST
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Pearl Group land scam: Illegible earnings used to buy Zirakpur flat worth Rs 3 crore
डीआरओ पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पर्ल ग्रुप की जमीन की कथित अवैध बिक्री से कमाए गए पैसों से जीरकपुर में करीब 3 करोड़ रुपये का फ्लैट खरीदे जाने का मामला सामने आया है। विजिलेंस टीम ने संबंधित बिल्डर के बयान दर्ज कर उसे बिना अनुमति फ्लैट ट्रांसफर न करने के निर्देश दिए हैं।
20 फरवरी को डीआरओ की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद विजिलेंस की टीमें डीआरओ और उसके सहयोगी नवीन के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

जमीन खरीदने वाले हाईकोर्ट पहुंचे
अक्टूबर 2025 में जिन चार लोगों के नाम जमीन की रजिस्ट्री की गई थी, उन्हें विजिलेंस ने जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया है। वहीं, इन चारों ने अपने पैसों की रिकवरी के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई जल्द होने की संभावना है
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दिसंबर के अंतिम सप्ताह और जनवरी के पहले सप्ताह में जमीन खरीदने वाले अन्य लोगों ने भी पंचकूला डीसीपी और ईओडब्ल्यू विंग को शिकायत दी है।

विजिलेंस का दावा: डीआरओ मुख्य साजिशकर्ता
कोर्ट में सुनवाई के दौरान विजिलेंस ने दावा किया कि जोगिंदर शर्मा इस पूरे प्रकरण के मुख्य साजिशकर्ता हैं। उन पर सह-अभियुक्त विक्रम सिंगला के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने का आरोप है। जांच में 2.39 करोड़ रुपये नकद और 5.74 करोड़ रुपये बैंकिंग चैनल से प्राप्त होने की बात सामने आई है। आरोप है कि बैंकिंग चैनल से आई राशि में से 1.80 करोड़ रुपये उनके भाई की फर्म और 3.90 करोड़ रुपये चचेरे भाई के खाते में ट्रांसफर किए गए।
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क्या है मामला
रायपुररानी के शाहपुर स्थित पर्ल ग्रुप की जमीन से कथित रूप से गलत तरीके से स्टे हटाकर उसकी बिक्री कर दी गई। विजिलेंस विभाग ने 30 जनवरी को केस दर्ज किया और 31 जनवरी की तड़के सुबह पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला को गिरफ्तार कर लिया, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बाद डीआरओ जोगिंदर शर्मा का नाम सामने आया। उन्होंने 12 फरवरी को अग्रिम जमानत लेकर जांच में शामिल हुए, लेकिन 20 फरवरी को कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। आरोपी बलदेव कौर की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है और वह फरार हैं। नवीन भी फरार बताया जा रहा है। विजिलेंस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।
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