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नाराजगी : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सांकेतिक हड़ताल का मथुरादास फाउंडेशन ने किया समर्थन
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पंचकूला। सरकारी और निजी अस्पतालों में दाखिल मरीजों के साथ किसी प्रकार की अनहोनी होने पर मरीज के परिजन डाक्टरों को ही दोषी मानते हैं और उनके साथ मारपीट करते हैं। लोगों के ऐसे ही रवैये के रोष स्वरूप जहां इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने शुक्रवार को पूरे देश में एक साथ एक घंटे की सांकेतिक हड़ताल कर सरकार से इस ओर ध्यान देने की मांग की। वहीं, समाज सेवी संस्था श्री मथुरादास लाजवंती सुभाष हितैषी फाउंडेशन के चेयरमैन भारत हितैषी ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मांग की है कि देश के डाक्टरों और हेल्थ वर्करों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए और चिकित्सा पद्धति के बारे में भ्रम फैलाने को दंडनीय अपराध घोषित किया जाए।
शुक्रवार को देशभर के करीब साढ़े तीन लाख डाक्टरों द्वारा विरोध दिवस मनाए जाने का पूर्ण समर्थन कर भारत हितैषी ने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को लिखे पत्र में रोष जताया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में अपने और परिवार का जीवन दांव पर लगाकर डाक्टर और हेल्थ वर्कर दिन रात लोगों को बचाने में जुटे हैं। उन्हीं डाक्टरों और हेल्थ वर्करों के साथ जनता द्वारा हिंसा, मारपीट की जाती है।
फाउंडेशन के वाइस चेयरमैन कुलभूषण हितैषी, एनसी स्वामी, मुख्य मार्गदर्शक एसके शर्मा, मुख्य सलाहकार प्रोफेसर वीके गुप्ता, संयोजक नरेश गिल्होत्रा, सह संयोजक राजिंद्र मिढा, प्रकल्प प्रभारी प्रवीण चावला, मार्गदर्शक कुसुम अरोड़ा व अमित गुप्ता ने कहा कि महामारी के इस दौर में कुछ तथाकथित बाबाओं द्वारा चिकित्सा पद्धति पर प्रश्नचिह्न लगाना व एलोपैथी के बारे में आधारहीन भ्रांतियां फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस लिए फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से चिकित्सा पद्धति पर भ्रम फैलाने को दंडनीय अपराध घोषित किए जाने की मांग की है।
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शुक्रवार को देशभर के करीब साढ़े तीन लाख डाक्टरों द्वारा विरोध दिवस मनाए जाने का पूर्ण समर्थन कर भारत हितैषी ने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को लिखे पत्र में रोष जताया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में अपने और परिवार का जीवन दांव पर लगाकर डाक्टर और हेल्थ वर्कर दिन रात लोगों को बचाने में जुटे हैं। उन्हीं डाक्टरों और हेल्थ वर्करों के साथ जनता द्वारा हिंसा, मारपीट की जाती है।
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फाउंडेशन के वाइस चेयरमैन कुलभूषण हितैषी, एनसी स्वामी, मुख्य मार्गदर्शक एसके शर्मा, मुख्य सलाहकार प्रोफेसर वीके गुप्ता, संयोजक नरेश गिल्होत्रा, सह संयोजक राजिंद्र मिढा, प्रकल्प प्रभारी प्रवीण चावला, मार्गदर्शक कुसुम अरोड़ा व अमित गुप्ता ने कहा कि महामारी के इस दौर में कुछ तथाकथित बाबाओं द्वारा चिकित्सा पद्धति पर प्रश्नचिह्न लगाना व एलोपैथी के बारे में आधारहीन भ्रांतियां फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस लिए फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से चिकित्सा पद्धति पर भ्रम फैलाने को दंडनीय अपराध घोषित किए जाने की मांग की है।
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