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ऑनलाइन कक्षाओं से मानसिक स्वास्थ्य हो रहा प्रभावित, सुझाव- ऑड ईवन से स्कूलों में कराएं पढ़ाई
Tue, 12 May 2020 10:49 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2020 10:49 AM IST
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हरियाणा में बंद के दौरान अब सभी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी। एक समान पाठ्यक्रम की पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। स्कूल बंद होने के कारण प्रदेश में एजुसेट व अन्य माध्यमों से विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाई जा रही है।
जिसमें यह देखने में आया है कि कुछ स्कूलों के विद्यार्थियों की करीब 6-6 घंटे भी ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसे मद्देनजर रखते हुए एनसीईआरटी ने पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए एक वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर तैयार किया है। जिससे विद्यार्थी तनावमुक्त रहकर रुचि के साथ पढ़ाई कर सकेंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, राज्य परियोजना समन्वयक, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी व स्कूल मुखिया को निर्देश दिए हैं कि एनसीईआरटी के वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर के अनुसार ही विद्यार्थियों की पढ़ाई करवाई जाए ताकि पूरे राज्य में एक जैसा पाठ्यक्त्रस्म चले।
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इससे पाठ्यक्रम के मासिक बंटवारे के अनुसार भी कार्य हो पाएगा और भविष्य में मूल्यांकन व ‘लर्निंग आऊटकम एसेसमेंट’ करने में भी आसानी होगी।स्वेच्छा से विद्यार्थियों को पढ़ाने की बजाए शिक्षक भविष्य में एनसीईआरटी के कैलेंडर के अनुसार ही पढ़ाई करवाएं। इससे बच्चे आनंद के साथ अपना सिलेबस पूरा कर सकेंगे।
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जिसमें यह देखने में आया है कि कुछ स्कूलों के विद्यार्थियों की करीब 6-6 घंटे भी ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसे मद्देनजर रखते हुए एनसीईआरटी ने पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए एक वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर तैयार किया है। जिससे विद्यार्थी तनावमुक्त रहकर रुचि के साथ पढ़ाई कर सकेंगे।
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स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, राज्य परियोजना समन्वयक, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी व स्कूल मुखिया को निर्देश दिए हैं कि एनसीईआरटी के वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर के अनुसार ही विद्यार्थियों की पढ़ाई करवाई जाए ताकि पूरे राज्य में एक जैसा पाठ्यक्त्रस्म चले।
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इससे पाठ्यक्रम के मासिक बंटवारे के अनुसार भी कार्य हो पाएगा और भविष्य में मूल्यांकन व ‘लर्निंग आऊटकम एसेसमेंट’ करने में भी आसानी होगी।स्वेच्छा से विद्यार्थियों को पढ़ाने की बजाए शिक्षक भविष्य में एनसीईआरटी के कैलेंडर के अनुसार ही पढ़ाई करवाएं। इससे बच्चे आनंद के साथ अपना सिलेबस पूरा कर सकेंगे।
ऑड ईवन सिस्टम से करवाई जा सकती है बच्चों की पढ़ाई Download Amar Ujala App for Breaking News in Hindi & Live Updates. https://www.amarujala.com/channels/downloads?tm_source=text_share
कोविड 19 के चलते प्रदेश के स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान बंद हैं। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई को सुचारू रखने के लिए सरकार ने टीवी चैनलों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। वहीं एसएमएस से भी बच्चों को पढ़ाई के टिप्स दिए जा रहे हैं। ऐसा करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है।
शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनके मन में ऐसा विचार आया है कि सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए ऑड-ईवन सिस्टम से कक्षाएं शुरू कराई जा सकती हैं। अपने विचार के बारे में बताते हुए शिक्षा मंत्री का कहना है कि 11वीं और 12वीं की कक्षाओं की एक कक्षा में 30 छात्र हैं तो एक दिन 15 छात्र और फिर दूसरे दिन 15 छात्रों बुलाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने कहा यह सिर्फ उनका विचार है। इस बारे में पहले विशेषज्ञों की राय लेने के बाद ही प्रयोग किया जा सकता है।
शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि अभी हमने सिर्फ एक विचार किया है। बहुत लंबा टाइम आगे भी लगेगा। यानि 30 बच्चों की क्लास है अगर 15 बच्चों को एक दिन बुलाया जाए तथा 15 बच्चों को दूसरे दिन बुलाया। इस प्रकार से काफी जो सिलेबस है वह कवर कर सकते हैं। पहले यह 11वीं और 12वीं में ही प्रयोग किया जा सकता है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे अन्य कक्षाओं में भी अमल में लाया जा सकता है।
हालांकि उन्होंने कहा इसके लिए विशेषज्ञों की राय ली जायेगी। वो हमें परमीशन देंगे तभी यह सिस्टम शुरू किया जा सकता है। उसके बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सोशल डिस्टेंस, मास्क, गल्ब्स, सैनिटाइजर आदि अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से बचा जा सके।
शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनके मन में ऐसा विचार आया है कि सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए ऑड-ईवन सिस्टम से कक्षाएं शुरू कराई जा सकती हैं। अपने विचार के बारे में बताते हुए शिक्षा मंत्री का कहना है कि 11वीं और 12वीं की कक्षाओं की एक कक्षा में 30 छात्र हैं तो एक दिन 15 छात्र और फिर दूसरे दिन 15 छात्रों बुलाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने कहा यह सिर्फ उनका विचार है। इस बारे में पहले विशेषज्ञों की राय लेने के बाद ही प्रयोग किया जा सकता है।
शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि अभी हमने सिर्फ एक विचार किया है। बहुत लंबा टाइम आगे भी लगेगा। यानि 30 बच्चों की क्लास है अगर 15 बच्चों को एक दिन बुलाया जाए तथा 15 बच्चों को दूसरे दिन बुलाया। इस प्रकार से काफी जो सिलेबस है वह कवर कर सकते हैं। पहले यह 11वीं और 12वीं में ही प्रयोग किया जा सकता है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे अन्य कक्षाओं में भी अमल में लाया जा सकता है।
हालांकि उन्होंने कहा इसके लिए विशेषज्ञों की राय ली जायेगी। वो हमें परमीशन देंगे तभी यह सिस्टम शुरू किया जा सकता है। उसके बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सोशल डिस्टेंस, मास्क, गल्ब्स, सैनिटाइजर आदि अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से बचा जा सके।