फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   On the petition of the devotees of Ram Rahim, the Haryana government said, will answer after checking the facts

हरियाणा : भक्तों ने याचिका में राम रहीम को उनके विवाह में शामिल होने देने की मांगी अनुमति, हरियाणा सरकार ने कहा, तथ्यों की जांच के बाद देंगे जवाब

Sat, 18 Dec 2021 02:33 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 18 Dec 2021 02:33 AM IST
विज्ञापन
On the petition of the devotees of Ram Rahim, the Haryana government said, will answer after checking the facts
चंडीगढ़। राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा के दो भक्तों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके विवाह में डेरा प्रमुख राम रहीम के शामिल होकर आशीर्वाद देने की अनुमति की मांग की है। याचिका पर हरियाणा सरकार ने कहा कि वह तथ्यों की जांच के बाद ही इस मामले में कोई जवाब दाखिल कर सकते हैं। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वो डेरे व राम रहीम के अनुयायी हैं। उनकी शादी की रस्म को पूरा करने के लिए राम रहीम का आशीर्वाद आवश्यक है। इसके बिना उनका आयोजन पूरा नहीं होगा। सिरसा और चंडीगढ़ के दो लोगों ने हाईकोर्ट में यह याचिका दाखिल की है। दोनों का विवाह अलग-अलग दिन है।
विज्ञापन

याची ने बताया कि भारतीय संस्कृति के अनुसार ईश्वर, पवित्र अग्नि, पवित्र पुस्तक और भगवान की मूर्ति को साक्षी मानकर अपने जीवन साथी को स्वीकार किया जाता है। इसी तरह डेरा की रस्मों के अनुसार डेरा प्रमुख को वो भगवान मानते हैं और भगवान के रूप में लोग उनके आशीर्वाद से उनके सामने शादी करते हैं। यह प्रथा डेरा की स्थापना से जारी है। याचिकाकर्ता इस प्रथा को देखते हुए बड़े हुए हैं और कई जाने-माने लोगों ने इस तरह से अपनी शादियां की हैं। याचिका में हरियाणा के डीजीपी, गृह सचिव व रोहतक जेल के अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने नौ नवंबर को रोहतक में जेल अधिकारियों को एक मांग पत्र देकर इस मामले में कार्रवाई करने का अनुरोध किया ताकि उन्हें डेरा प्रमुख का आशीर्वाद मिल सके लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। याचिका में दलील दी गई है कि डेरा प्रमुख का आडियो/वीडियो या पत्र की सुविधाओं से इनकार करना न केवल उनके व्यक्तिगत अधिकारों का हनन है बल्कि याचिकाकर्ताओं को डेरा शिष्यों के रीति-रिवाजों को निभाने से भी रोकता है। याचिकाकर्ताओं ने इस मामले में गृह सचिव हरियाणा, डीजीपी व सुनारिया जेल अधीक्षक रोहतक को प्रतिवादी बनाया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, भारत का संविधान और हिंदू विवाह अधिनियम 1955 नागरिकों को उनके रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करने की अनुमति देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed