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Panchkula News: आवेदन किया न कनेक्शन लिया, पानी का बिल आया भारी भरकम
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धामण गांव के ग्रामीण बोले- प्राकृतिक स्रोत पर हैं निर्भर, घरों तक अभी तक जनस्वास्थ्य विभाग की पाइप लाइन भी नहीं पहुंची है पंचायत के 20 घरों को विभाग ने एक साल का बिल 900 से 1500 रुपये तक भेजा है, ग्रामीण इस अव्यवस्था से परेशान हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। धामण पंचायत में जनस्वास्थ्य विभाग उन ग्रामीणों को पानी के बिल भेज रहा है, जिनके पास पानी के कनेक्शन ही नहीं हैं। इन लोगों ने कभी पानी के कनेक्शन के लिए अप्लाई भी नहीं किया है। पानी के बिलों से परेशान करीब 20 घरों तक विभाग की पाइप लाइन भी आज तक नहीं पहुंची है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग ने ऐसा सिर्फ अपने अधिकारियों को गुमराह करने के लिए किया है। विभाग द्वारा एक साल 900 से 1500 रुपये तक के भेजे पानी के बिलों की कहानी ग्रामीणों के हलक से नीचे नहीं उतर रही है। पानी के बिलों की कहानी ने जनस्वास्थ्य विभाग के उन दावों की भी पोल खोल दी है, जिसमें सालभर पहले पूरे जिले के प्रत्येक घर को पानी की सप्लाई देने का दावा किया गया था।
सरपंच खेमराज सिंह ने बताया कि धामण पंचायत में कई ऐसे परिवार हैं, जिन्होंने कभी पानी का कनेक्शन अप्लाई ही नहीं किया है। अगर विभाग ने कनेक्शन कागजों में जारी किए हैं, तो प्रत्येक घर तक पानी पहुंचाना चाहिए था। पानी तो पहुंचाया नहीं विभाग ने भारी भरकम बिल जरूर भेज दिए हैं। ग्रामीण चरण सिंह, नराता राम, राम सिंह, सतपाल सिंह और ग्रामीण सिंह ने बताया कि उनके गांव में सप्लाई का पानी नहीं आता है। पूरा गांव पानी के प्राकृतिक स्रोत पर निर्भर है। ग्रामीणों को माह में एक बार आने वाले विभाग के पानी की आवश्यकता भी नहीं है। इसलिए उनके इन फर्जी बिलों को खारिज किया जाए। मोहन लाल, मुल्तान सिंह और लेखराज ने भी विभाग के अधिकारियों से इस गलती को सुधारने की मांग की है।
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तकनीकी परेशानी की वजह से पानी के बिल जारी हुए हैं। इसको ठीक किया जा रहा है। जल्द लोगों को राहत मिल जाएगी। -विनोद सैनी, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, रायपुररानी-मोरनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। धामण पंचायत में जनस्वास्थ्य विभाग उन ग्रामीणों को पानी के बिल भेज रहा है, जिनके पास पानी के कनेक्शन ही नहीं हैं। इन लोगों ने कभी पानी के कनेक्शन के लिए अप्लाई भी नहीं किया है। पानी के बिलों से परेशान करीब 20 घरों तक विभाग की पाइप लाइन भी आज तक नहीं पहुंची है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग ने ऐसा सिर्फ अपने अधिकारियों को गुमराह करने के लिए किया है। विभाग द्वारा एक साल 900 से 1500 रुपये तक के भेजे पानी के बिलों की कहानी ग्रामीणों के हलक से नीचे नहीं उतर रही है। पानी के बिलों की कहानी ने जनस्वास्थ्य विभाग के उन दावों की भी पोल खोल दी है, जिसमें सालभर पहले पूरे जिले के प्रत्येक घर को पानी की सप्लाई देने का दावा किया गया था।
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सरपंच खेमराज सिंह ने बताया कि धामण पंचायत में कई ऐसे परिवार हैं, जिन्होंने कभी पानी का कनेक्शन अप्लाई ही नहीं किया है। अगर विभाग ने कनेक्शन कागजों में जारी किए हैं, तो प्रत्येक घर तक पानी पहुंचाना चाहिए था। पानी तो पहुंचाया नहीं विभाग ने भारी भरकम बिल जरूर भेज दिए हैं। ग्रामीण चरण सिंह, नराता राम, राम सिंह, सतपाल सिंह और ग्रामीण सिंह ने बताया कि उनके गांव में सप्लाई का पानी नहीं आता है। पूरा गांव पानी के प्राकृतिक स्रोत पर निर्भर है। ग्रामीणों को माह में एक बार आने वाले विभाग के पानी की आवश्यकता भी नहीं है। इसलिए उनके इन फर्जी बिलों को खारिज किया जाए। मोहन लाल, मुल्तान सिंह और लेखराज ने भी विभाग के अधिकारियों से इस गलती को सुधारने की मांग की है।
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तकनीकी परेशानी की वजह से पानी के बिल जारी हुए हैं। इसको ठीक किया जा रहा है। जल्द लोगों को राहत मिल जाएगी। -विनोद सैनी, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, रायपुररानी-मोरनी