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कालका-पिंजौर नगर परिषद की अधिसूचना जारी, विरोध में पूर्व पार्षद जाएंगे हाईकोर्ट
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पंचकूला। कालका-पिंजौर को पंचकूला नगर निगम से अलग करके नगर परिषद बनाने की अधिसूचना शनिवार को जारी कर दी गई है। अब यह मामला हाईकोर्ट पहुंचेगा। इस मामले में कई पूर्व पार्षद हाईकोर्ट में स्टे लगवाकर पिंजौर-कालका को फिर से नगर निगम में शामिल कराने की मांग उठाएंगे। कालका-पिंजौर नगर पालिका और कुछ पंचायतों को शामिल करके 17 मार्च 2010 को पंचकूला नगर निगम का गठन किया गया था। इसके साथ ही एडवोकेट विजय बंसल ने याचिका दायर कर निगम को भंग करने की मांग की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने 29 अक्तूबर 2010 को पंचकूला नगर निगम को भंग कर दिया था। बाद में हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब जहां सरकार ने कालका पिंजौर को पंचकूला से अलग करके नगर परिषद बनाने का एलान कर दिया है, तो कुछ पूर्व पार्षद सरकार के निर्णय के खिलाफ हैं।
पूर्व पार्षद सतिंद्र टोनी ने कहा कि नगर निगम की आम बैठक में यह प्रस्ताव पास हो चुका था कि पिंजौर-कालका निगम में शामिल रहेंगे। डिविजनल कमिश्नर ने भी इस मांग को आगे भेज दिया था। पूर्व विधायक के दबाव में नगर परिषद बनाई गई है, जिसका हम विरोध करते हैं। अब हम पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और स्टे लगवाने की कोशिश करेंगे। यह बिल्कुल गलत फैसला है। पूर्व पार्षद सुरजीत कौर ने कहा कि दोबारा नगर निगम बनना चाहिए और ऐसा नहीं होने पर हम हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे, जिसमें वह खुद भी शामिल हैं। पूर्व पार्षद सोमनाथ ने कहा कि नगर निगम में फंड्स की कमी नहीं होती, जब परिषद के पास बहुत कम फंड होते हैं। सरकार द्वारा जबरन नगर परिषद थोपकर हमारे साथ अन्याय किया जा रहा है। हम इसका विरोध करते हैं।
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पूर्व पार्षद सतिंद्र टोनी ने कहा कि नगर निगम की आम बैठक में यह प्रस्ताव पास हो चुका था कि पिंजौर-कालका निगम में शामिल रहेंगे। डिविजनल कमिश्नर ने भी इस मांग को आगे भेज दिया था। पूर्व विधायक के दबाव में नगर परिषद बनाई गई है, जिसका हम विरोध करते हैं। अब हम पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और स्टे लगवाने की कोशिश करेंगे। यह बिल्कुल गलत फैसला है। पूर्व पार्षद सुरजीत कौर ने कहा कि दोबारा नगर निगम बनना चाहिए और ऐसा नहीं होने पर हम हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे, जिसमें वह खुद भी शामिल हैं। पूर्व पार्षद सोमनाथ ने कहा कि नगर निगम में फंड्स की कमी नहीं होती, जब परिषद के पास बहुत कम फंड होते हैं। सरकार द्वारा जबरन नगर परिषद थोपकर हमारे साथ अन्याय किया जा रहा है। हम इसका विरोध करते हैं।
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