{"_id":"5fc408fe8ebc3e5be028d76a","slug":"it-is-necessary-to-unite-for-the-protection-of-liberty-pkl-office-news-pkl3956009177","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाधीनता की सुरक्षा के लिए एकजुट होना आवश्यक: विवेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाधीनता की सुरक्षा के लिए एकजुट होना आवश्यक: विवेक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचकूला। केंद्रीय आर्य युवक परिषद हरियाणा के तत्वाधान में स्वाधीनता की सुरक्षा के उपाय विषय पर एक संगोष्ठी गूगल मीट और फेसबुक पर आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य केंद्रीय सभा पानीपत के प्रधान सुरेश गुगलानी ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष धनेश अदलखा और हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के सदस्य बीबी सिंघल रहे।
परिषद के हरियाणा प्रधान स्वतंत्र कुकरेजा ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम की शुरुआत चंडीगढ़ से मीना सेठी ने गीतों से किया। हरियाणा सरकार के राज्य औषधि नियंत्रक व केंद्रीय आर्य युवक परिषद के हरियाणा प्रभारी नरेंद्र आहूजा विवेक ने स्वाधीनता की सुरक्षा के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह स्वतंत्रता के ऊपर आयोजित होने वाली संगोष्ठी का दूसरा भाग है। हमें अपनी पुरातन सनातन वैदिक संस्कृति की जड़ों से जुड़ना होगा। पाखंडों और अंधविश्वास के दीमक से बचना होगा, आपसी फूट के रोग से बचना होगा, स्वदेशी अपना कर वोकल फॉर लोकल होना होगा। ब्रेन ड्रेन को रोककर स्वदेशी अनुसंधान पर बल देना होगा। उग्रवाद, आतंकवाद, नक्सलवाद जैसी वामपंथी मानसिकता का सच जानना आवश्यक है। सृष्टि में रहने वाले सभी लोगों के लिए ईश्वर ने आचार संहिता के रूप में वेद का ज्ञान प्रदान किया है उसको मानना अत्यंत आवश्यक है।
धर्म से जुड़कर ही हम पाश्चात्य संस्कृति के कुप्रभाव जैसे भोगवाद और विलासिता से मुक्ति पा सकते हैं। केंद्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने हरियाणा की समस्त इकाई को कार्यक्रम की सफलता के लिए आशीर्वाद दिया। उन्होंने स्वतंत्रता की इस व्याख्यान सीरीज को लंबा चलाने का भी सुझाव दिया। कार्यक्रम में मुख्य रुप से रोशन बिआला, संजय भारती वाशी चौधरी, संतोष अग्रवाल, शांति प्रकाश आर्य, सुमित्रा कुकरेजा, सतपाल गुप्ता, विनय मल्होत्रा, भारत भूषण, रोशन आर्य, अंजू आहूजा, नरेश सोनी बिठमड़ा, नीरज अरोड़ा, रमन महाजन आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
परिषद के हरियाणा प्रधान स्वतंत्र कुकरेजा ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम की शुरुआत चंडीगढ़ से मीना सेठी ने गीतों से किया। हरियाणा सरकार के राज्य औषधि नियंत्रक व केंद्रीय आर्य युवक परिषद के हरियाणा प्रभारी नरेंद्र आहूजा विवेक ने स्वाधीनता की सुरक्षा के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह स्वतंत्रता के ऊपर आयोजित होने वाली संगोष्ठी का दूसरा भाग है। हमें अपनी पुरातन सनातन वैदिक संस्कृति की जड़ों से जुड़ना होगा। पाखंडों और अंधविश्वास के दीमक से बचना होगा, आपसी फूट के रोग से बचना होगा, स्वदेशी अपना कर वोकल फॉर लोकल होना होगा। ब्रेन ड्रेन को रोककर स्वदेशी अनुसंधान पर बल देना होगा। उग्रवाद, आतंकवाद, नक्सलवाद जैसी वामपंथी मानसिकता का सच जानना आवश्यक है। सृष्टि में रहने वाले सभी लोगों के लिए ईश्वर ने आचार संहिता के रूप में वेद का ज्ञान प्रदान किया है उसको मानना अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन
धर्म से जुड़कर ही हम पाश्चात्य संस्कृति के कुप्रभाव जैसे भोगवाद और विलासिता से मुक्ति पा सकते हैं। केंद्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने हरियाणा की समस्त इकाई को कार्यक्रम की सफलता के लिए आशीर्वाद दिया। उन्होंने स्वतंत्रता की इस व्याख्यान सीरीज को लंबा चलाने का भी सुझाव दिया। कार्यक्रम में मुख्य रुप से रोशन बिआला, संजय भारती वाशी चौधरी, संतोष अग्रवाल, शांति प्रकाश आर्य, सुमित्रा कुकरेजा, सतपाल गुप्ता, विनय मल्होत्रा, भारत भूषण, रोशन आर्य, अंजू आहूजा, नरेश सोनी बिठमड़ा, नीरज अरोड़ा, रमन महाजन आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन