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ग्राम पंचायतों के हिसाब से होगा फसलों का बीमा
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2020 की चार फसलों धान, कपास, मक्का और बाजरे का प्रति एकड़ प्रीमियम और बीमा ग्राम पंचायत के हिसाब से तय करेगी। इसके लिए दरें निर्धारित कर दी गई हैं। इन चारों फसलों के लिए 31 जुलाई, 2020 तक बीमा करवाया जा सकता है।
योजना के तहत ग्राम पंचायत को बीमित इकाई माना गया है। सभी किसानों का बीमा कवरेज केंद्र सरकार के पोर्टल pmfby.gov.in पर दर्ज करवाना अनिवार्य है। प्रीमियम राशि केवल एनसीआईपी के भुगतान गेटवे पे-जीओवी से ही भेजनी होगी। सभी किसानों का आधार नंबर होना अनिवार्य है।
इस योजना में केवल कपास, बाजरा, मक्का व धान की फसल उगाने वाले किसानों को ही शामिल किया गया है। जिन किसानों ने कर्ज नहीं लिया है, वे इच्छानुसार अपनी बैंक शाखा से 31 जुलाई 2020 तक बीमा करवा सकते हैं।
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सरकार के अनुसार बड़े पैमाने पर होने वाली प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों की औसत पैदावार में कमी के आधार पर क्लेम प्रदान किया जाएगा। जल-भराव (धान की फसल को छोड़कर), ओलावृष्टि, बादल फटना व आसमानी बिजली गिरने से प्राकृतिक आग के कारण खड़ी फसलों का नुकसान होने पर क्लेम खेत स्तर पर मिलेगा। इसी तरह फसल को काटने के 14 दिनों तक सुखाने व फसल के चक्रवात से खराब होने, चक्रवातीय वर्षा, बेमौसमी वर्षा व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का भी क्लेम खेत स्तर पर दिया जाएगा। निशुल्क सहायता के लिए किसान 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं।
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योजना के तहत ग्राम पंचायत को बीमित इकाई माना गया है। सभी किसानों का बीमा कवरेज केंद्र सरकार के पोर्टल pmfby.gov.in पर दर्ज करवाना अनिवार्य है। प्रीमियम राशि केवल एनसीआईपी के भुगतान गेटवे पे-जीओवी से ही भेजनी होगी। सभी किसानों का आधार नंबर होना अनिवार्य है।
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इस योजना में केवल कपास, बाजरा, मक्का व धान की फसल उगाने वाले किसानों को ही शामिल किया गया है। जिन किसानों ने कर्ज नहीं लिया है, वे इच्छानुसार अपनी बैंक शाखा से 31 जुलाई 2020 तक बीमा करवा सकते हैं।
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सरकार के अनुसार बड़े पैमाने पर होने वाली प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों की औसत पैदावार में कमी के आधार पर क्लेम प्रदान किया जाएगा। जल-भराव (धान की फसल को छोड़कर), ओलावृष्टि, बादल फटना व आसमानी बिजली गिरने से प्राकृतिक आग के कारण खड़ी फसलों का नुकसान होने पर क्लेम खेत स्तर पर मिलेगा। इसी तरह फसल को काटने के 14 दिनों तक सुखाने व फसल के चक्रवात से खराब होने, चक्रवातीय वर्षा, बेमौसमी वर्षा व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का भी क्लेम खेत स्तर पर दिया जाएगा। निशुल्क सहायता के लिए किसान 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं।