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चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी और इंस्पेक्टर पर इंक्वायरी मार्क, एडवाइजर ने की कार्रवाई, पढ़ें मामला
Wed, 15 Jul 2020 01:16 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2020 01:16 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
वर्ष 2016 में पंचकूला में तैनात ईटीओ और एजेंट के 30 हजार की रिश्वत लेने के मामले में एक बार फिर फाइल खोल दी गई है। सूत्रों के अनुसार इस केस में प्रोसिक्यूशन की तरफ से पेश नहीं होने पर यूटी एडवाइजर मनोज परिदा (विजिलेंस चीफ ऑफिसर) ने तत्कालीन विजिलेंस डीएसपी सुखराज कटेवा और तत्कालीन इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश पर इंक्वायरी मार्क कर दी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2016 में चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया निवासी सतबीर सिंह की शिकायत पर चंडीगढ़ विजिलेंस ने पंचकूला में तैनात ईटीओ हनीष गुप्ता और एजेंट अमन को ट्रैप लगाकर गिरफ्तार किया था। विजिलेंस को दी शिकायत में सतबीर सिंह ने बताया था कि वह स्क्रैप व्यापारी हैं और उनकी स्क्रैप की गाड़ियां चंडीगढ़ से हिमाचल के कालाअंब वाया पंचकूला होकर जाती हैं।
आरोप था कि जब भी उनकी कोई गाड़ी निकलती है तो ईटीओ हनीष गुुप्ता उसे रोक लेते हैं और उन्हें जानबूझकर परेशान किया जाता है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ समय पहले उनकी मुलाकात सेक्टर-36 निवासी अमन से हुई थी। उसने सतबीर सिंह से कहा कि वह ईटीओ से उनकी बातचीत करवाकर उनका समझौता करवा देगा।
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इसके बाद उनकी गाड़ियां न रोकने की एवज में ईटीओ को 30 हजार रुपये देने की बात तय हुई। इसकी एवज में उनकी सभी गाड़ियां चेक किए बिना पास करवाने की बात तय हुई। इसके बाद सतबीर सिंह ने इसकी शिकायत चंडीगढ़ विजिलेंस को दी। विजिलेंस टीम ने बुधवार दोपहर में ट्रैप लगाकर पहले दलाल अमन को सेक्टर-26 स्थित ग्रेन मार्केट से रंगे हाथों पकड़ा।
इसके बाद पंचकूला स्थित ऑफिस में ट्रैप लगाकर ईटीओ हनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया था।
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गौरतलब है कि वर्ष 2016 में चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया निवासी सतबीर सिंह की शिकायत पर चंडीगढ़ विजिलेंस ने पंचकूला में तैनात ईटीओ हनीष गुप्ता और एजेंट अमन को ट्रैप लगाकर गिरफ्तार किया था। विजिलेंस को दी शिकायत में सतबीर सिंह ने बताया था कि वह स्क्रैप व्यापारी हैं और उनकी स्क्रैप की गाड़ियां चंडीगढ़ से हिमाचल के कालाअंब वाया पंचकूला होकर जाती हैं।
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आरोप था कि जब भी उनकी कोई गाड़ी निकलती है तो ईटीओ हनीष गुुप्ता उसे रोक लेते हैं और उन्हें जानबूझकर परेशान किया जाता है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ समय पहले उनकी मुलाकात सेक्टर-36 निवासी अमन से हुई थी। उसने सतबीर सिंह से कहा कि वह ईटीओ से उनकी बातचीत करवाकर उनका समझौता करवा देगा।
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इसके बाद उनकी गाड़ियां न रोकने की एवज में ईटीओ को 30 हजार रुपये देने की बात तय हुई। इसकी एवज में उनकी सभी गाड़ियां चेक किए बिना पास करवाने की बात तय हुई। इसके बाद सतबीर सिंह ने इसकी शिकायत चंडीगढ़ विजिलेंस को दी। विजिलेंस टीम ने बुधवार दोपहर में ट्रैप लगाकर पहले दलाल अमन को सेक्टर-26 स्थित ग्रेन मार्केट से रंगे हाथों पकड़ा।
इसके बाद पंचकूला स्थित ऑफिस में ट्रैप लगाकर ईटीओ हनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया था।