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Panchkula News: केंद्रीय बजट से उद्योग और मध्यम वर्ग को बड़ी उम्मीदें
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टैक्स छूट, जीएसटी सरलीकरण और पीएलआई विस्तार पर पंचकूला उद्योग जगत ने रखे सुझाव
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। आगामी केंद्रीय बजट को लेकर उद्योग जगत में सकारात्मक उम्मीदें बनी हुई हैं। पंचकूला चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन अरुण ग्रोवर ने सरकार के समक्ष उद्योग एवं मध्यम वर्ग से जुड़े कई अहम सुझाव रखे हैं। उन्होंने आयकर छूट सीमा बढ़ाने और टैक्स स्लैब का युक्तिकरण करने की मांग की, ताकि मध्यम वर्ग के हाथ में अधिक खर्च योग्य आय पहुंचे और घरेलू मांग को मजबूती मिले।
अरुण ग्रोवर ने कहा कि मध्यम वर्ग को सशक्त करना सतत आर्थिक विकास का सबसे तेज़ और प्रभावी माध्यम है। इससे रिटेल, एफएमसीजी, टेक्सटाइल और एमएसएमई सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के दायरे को टेक्सटाइल, गारमेंट्स और वैल्यू-एडेड अपैरल तक बढ़ाने की सिफारिश की। साथ ही टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग पर जीएसटी को सरल और समान दर में लागू करने पर जोर दिया।
उद्यमी राकेश गर्ग ने बजट को लेकर जीएसटी रिटर्न प्रक्रिया को सरल बनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर छूट देने और व्यापारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार की मांग की। उन्होंने सभी नागरिकों के लिए व्यापक स्वास्थ्य कवर योजना लागू करने का भी सुझाव दिया, जिससे व्यापारिक समुदाय और कर्मचारियों को प्राथमिक से लेकर गंभीर बीमारियों तक इलाज की सुविधा मिल सके। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि इन सिफारिशों को बजट में शामिल किया गया, तो इससे छोटे और मझोले उद्योगों को मजबूती मिलेगी और देश की आर्थिक रफ्तार को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। आगामी केंद्रीय बजट को लेकर उद्योग जगत में सकारात्मक उम्मीदें बनी हुई हैं। पंचकूला चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन अरुण ग्रोवर ने सरकार के समक्ष उद्योग एवं मध्यम वर्ग से जुड़े कई अहम सुझाव रखे हैं। उन्होंने आयकर छूट सीमा बढ़ाने और टैक्स स्लैब का युक्तिकरण करने की मांग की, ताकि मध्यम वर्ग के हाथ में अधिक खर्च योग्य आय पहुंचे और घरेलू मांग को मजबूती मिले।
अरुण ग्रोवर ने कहा कि मध्यम वर्ग को सशक्त करना सतत आर्थिक विकास का सबसे तेज़ और प्रभावी माध्यम है। इससे रिटेल, एफएमसीजी, टेक्सटाइल और एमएसएमई सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के दायरे को टेक्सटाइल, गारमेंट्स और वैल्यू-एडेड अपैरल तक बढ़ाने की सिफारिश की। साथ ही टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग पर जीएसटी को सरल और समान दर में लागू करने पर जोर दिया।
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उद्यमी राकेश गर्ग ने बजट को लेकर जीएसटी रिटर्न प्रक्रिया को सरल बनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर छूट देने और व्यापारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार की मांग की। उन्होंने सभी नागरिकों के लिए व्यापक स्वास्थ्य कवर योजना लागू करने का भी सुझाव दिया, जिससे व्यापारिक समुदाय और कर्मचारियों को प्राथमिक से लेकर गंभीर बीमारियों तक इलाज की सुविधा मिल सके। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि इन सिफारिशों को बजट में शामिल किया गया, तो इससे छोटे और मझोले उद्योगों को मजबूती मिलेगी और देश की आर्थिक रफ्तार को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
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