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चंडीगढ़ में जर्जर सड़कों पर हाईकोर्ट ने फटकारा तो मेयर राजबाला मलिक बोलीं- बताएं कहां हैं खराब
Tue, 11 Feb 2020 01:37 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Feb 2020 01:37 PM IST
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मेयर राजबाला मलिक
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ की जर्जर सड़कों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट नगर निगम को फटकार लगा रहा है, वहीं मेयर राजबाला मलिक पूछ रहीं हैं कि सड़कें कहां खराब हैं। मुझे लेकर चलो और दिखाओ। हालांकि, इस संबंध में एडिशनल कमिश्नर ने बचाव करते हुए कहा कि 15 फरवरी से सड़कों का काम भी शुरू हो जाएगा।
ईज ऑफ लिविंग सर्वे को लेकर सोमवार को मेयर की प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। इस दौरान सर्वे में पूछे जाने वाले सवालों में से एक था कि ‘आप किस हद तक सहमत हैं कि आपके शहर में आवागमन सुरक्षित है?’ इस दौरान मेयर से शहर की जर्जर सड़कों को लेकर एक सवाल पूछा गया। मेयर ने कहा कि मुझे तो कहीं सड़कें खराब नजर नहीं आती हैं। कहां सड़क खराब है मुझे लेकर चलो।
ज्ञात हो कि हाल ही में हुई बजट के विशेष बैठक में जर्जर सड़कों को लेकर मुद्दा काफी गरमाया था। विपक्ष ने कहा था कि जिस हिसाब से सड़कें खराब हैं, इतने फंड में बस गड्ढे भरे जा सकेंगे। कमिश्नर केके यादव ने जबाव देते हुए कहा था कि सड़कों के लिए काफी फंड है। फिलहाल सर्दियां हैं। मौसम ठीक होते ही 15 फरवरी से सड़कों की मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा।
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हाईकोर्ट से मांगा है जून तक का समय
हाईकोर्ट की फटकार के बाद निगम ने सड़कों का पूरा शेड्यूल पेश किया था, जिसमें मार्च से लेकर जून तक सड़कों की मरम्मत करने को कहा गया है। इसके लिए प्रशासन ने अलग से बजट भी निगम को दिया है।
अब 25 फरवरी से बनेंगी शहर की सड़कें
चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह का कहना है कि अभी भी मौसम में ठंडक होने के कारण 15 फरवरी तक सड़कें नहीं बन पाएंगी। इस दौरान बिटुमिन पूरी तरह से सड़क से नहीं चिपकेगा और सड़क उखड़ जाएगी, इसलिए अब 25 फरवरी के बाद सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू कराएंगे। तब तक ठेकेदारों के साथ बैठक कर प्राथमिकता के आधार पर सड़कें तय कर ली जाएंगी। उसके बाद काम शुरू कराया जाएगा।
बजट में 61 सड़कों की मरम्मत को माना था प्राथमिकता
निगम ने हाल ही में जारी बजट में साल 2019-20 की 61 सबसे ज्यादा खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता बताया था। इनके लिए निगम 55 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसकेअलावा वर्ष 2017-2018 व 2018-2019 की 150 सड़कें और वर्ष 2019-2020 व 2020-2021 कीं 44 सड़कों का निर्माण कार्य निगम को करना है। इसके लिए निगम ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर से अनुबंध किया है। सेंटर की रिपोर्ट के आधार पर निगम शहर की सड़कों को बेहतर बनाने का दावा कर रहा है।
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ईज ऑफ लिविंग सर्वे को लेकर सोमवार को मेयर की प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। इस दौरान सर्वे में पूछे जाने वाले सवालों में से एक था कि ‘आप किस हद तक सहमत हैं कि आपके शहर में आवागमन सुरक्षित है?’ इस दौरान मेयर से शहर की जर्जर सड़कों को लेकर एक सवाल पूछा गया। मेयर ने कहा कि मुझे तो कहीं सड़कें खराब नजर नहीं आती हैं। कहां सड़क खराब है मुझे लेकर चलो।
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ज्ञात हो कि हाल ही में हुई बजट के विशेष बैठक में जर्जर सड़कों को लेकर मुद्दा काफी गरमाया था। विपक्ष ने कहा था कि जिस हिसाब से सड़कें खराब हैं, इतने फंड में बस गड्ढे भरे जा सकेंगे। कमिश्नर केके यादव ने जबाव देते हुए कहा था कि सड़कों के लिए काफी फंड है। फिलहाल सर्दियां हैं। मौसम ठीक होते ही 15 फरवरी से सड़कों की मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा।
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हाईकोर्ट से मांगा है जून तक का समय
हाईकोर्ट की फटकार के बाद निगम ने सड़कों का पूरा शेड्यूल पेश किया था, जिसमें मार्च से लेकर जून तक सड़कों की मरम्मत करने को कहा गया है। इसके लिए प्रशासन ने अलग से बजट भी निगम को दिया है।
अब 25 फरवरी से बनेंगी शहर की सड़कें
चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह का कहना है कि अभी भी मौसम में ठंडक होने के कारण 15 फरवरी तक सड़कें नहीं बन पाएंगी। इस दौरान बिटुमिन पूरी तरह से सड़क से नहीं चिपकेगा और सड़क उखड़ जाएगी, इसलिए अब 25 फरवरी के बाद सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू कराएंगे। तब तक ठेकेदारों के साथ बैठक कर प्राथमिकता के आधार पर सड़कें तय कर ली जाएंगी। उसके बाद काम शुरू कराया जाएगा।
बजट में 61 सड़कों की मरम्मत को माना था प्राथमिकता
निगम ने हाल ही में जारी बजट में साल 2019-20 की 61 सबसे ज्यादा खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता बताया था। इनके लिए निगम 55 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसकेअलावा वर्ष 2017-2018 व 2018-2019 की 150 सड़कें और वर्ष 2019-2020 व 2020-2021 कीं 44 सड़कों का निर्माण कार्य निगम को करना है। इसके लिए निगम ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर से अनुबंध किया है। सेंटर की रिपोर्ट के आधार पर निगम शहर की सड़कों को बेहतर बनाने का दावा कर रहा है।