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ग्राउंड रिपोर्ट : लावारिस पशुओं और गंदगी से अनाजमंडी बदहाल, स्पीकर की फटकार बेकार, लोग अभी भी परेशान
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पंचकूला। शहर के सेक्टर-20 स्थित अनाजमंडी में सफाई व्यवस्था बदहाल है। अनाज मंडी परिसर में पीने के ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है, वाटर कूलर लगा रखे हैं, लेकिन कुछ को बिजली से जोड़ा ही नहीं गया है, जो जुड़े भी हैं वहां भी लोगों को ठंडा पानी नहीं मिल रहा है। अनाज मंडी के कुछ लोग तो वाटर कूलर पर नहाना ही बेहतर समझते हैं। इसके अलावा मंडी परिसर में लावारिस पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। तीन दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने मंडी का दौरा कर अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी, उसके बावजूद यहां की परिस्थितियों में कोई सुधार नहीं आया है।
अमर उजाला की टीम ने सोमवार को अनाज मंडी का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया तो समस्याओं का अंबार मिला। लोगों का कहना है कि पंचकूला प्रदेश की मिनी राजधानी है। यहां रोज वीआईपी का आनाजाना लगा रहता है। इसके बावजूद अनाजमंडी का ऐसा हाल प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी को प्रदर्शित करता है। 9 अप्रैल को विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता औचक निरीक्षण करने सेक्टर-20 स्थित अनाजमंडी में पहुंचे थे। मंडी में बदहाल सफाई व्यवस्था और अन्य सुविधाएं नहीं होने पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता काफी नाराज हुए थे। उन्होंने अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। इतना ही नहीं उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों को मार्केट कमेटी के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे। मगर इसके बावजूद मंडी की व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है।
मंडी में लगाई गई हैं अवैध दुकानें
ज्ञानचंद गुप्ता ने मंडी परिसर में अवैध रूप से लगाई जा रही रेहड़ी फड़ी पर भी नाराजगी जाहिर की थी। वहीं अधिकारियों पर अवैध वसूली के आरोप भी लगे थे। सोमवार को मंडी में लगी एक दुकान पर मौजूद युवक से पूछा गया कि उसने किस की मंजूरी से दुकान लगाई है तो उसने बातों को गोलमोल किया। उसने कहा कि उसे कुछ नहीं पता, इस बारे में भैया ही बता पाएंगे, वे फिलहाल दुकान पर नहीं हैं।
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पीने के लिए ठंडा पानी नहीं
अनाजमंडी परिसर में कहने को तो छह वाटर कूलर लगाए गए हैं, मगर ठंडा पानी एक में भी नहीं आ रहा है। जैसा पानी सप्लाई में आता है, वही लोगों को पीने के लिए मिलता है। कुछ वाटर कूलर तो ऐसे भी हैं, जिनको बिजली कनेक्शन से जोड़ा ही नहीं गया है। पानी सामान्य होने के कारण लोग पीने की जगह उसका प्रयोग नहाने के लिए करते हैं। सोमवार को एक युवक अनाजमंडी में वाटर कूलर के नीचे बैठकर नहा रहा था।
लावारिस पशुओं का जमावड़ा
अनाजमंडी परिसर में लावारिस पशुओं का जमावड़ा भी लगा मिला। पशु पूरे दिन मंडी में भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं। इनमें गाय कम और सांड़ ज्यादा हैं। गर्मी का मौसम होने के कारण इनके आक्रामक होने का भय भी बना रहता है। यहां आने वाले लोग इस बात से डरते हैं कि ये लावारिस पशु कहीं उन पर हमला न कर दे।
सफाई व्यवस्था में भी सुधार नहीं
9 अप्रैल को बदहाल व्यवस्था के लिए अधिकारियों को विधानसभा अध्यक्ष की फटकार सहनी पड़ी थी, मगर उसके बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं है। यहां मंडी के डस्टबिन टूटे हैं। उनके पास कचरा भी पड़ा रहता है। जहां पर रेहड़ी और फड़ी लगाई जाती है, वहां गंदगी का आलम बना रहता है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि मंडी में नियमित रूप से सफाई कराई जा रही है।
अनाजमंडी में नियमित सफाई कराई जा रही है। कर्मचारियों और अधिकारियों को व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद कहीं कोई कमी है तो उसकी जांच करा ली जाएगी। - अनूप कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी
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अमर उजाला की टीम ने सोमवार को अनाज मंडी का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया तो समस्याओं का अंबार मिला। लोगों का कहना है कि पंचकूला प्रदेश की मिनी राजधानी है। यहां रोज वीआईपी का आनाजाना लगा रहता है। इसके बावजूद अनाजमंडी का ऐसा हाल प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी को प्रदर्शित करता है। 9 अप्रैल को विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता औचक निरीक्षण करने सेक्टर-20 स्थित अनाजमंडी में पहुंचे थे। मंडी में बदहाल सफाई व्यवस्था और अन्य सुविधाएं नहीं होने पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता काफी नाराज हुए थे। उन्होंने अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। इतना ही नहीं उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों को मार्केट कमेटी के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे। मगर इसके बावजूद मंडी की व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है।
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मंडी में लगाई गई हैं अवैध दुकानें
ज्ञानचंद गुप्ता ने मंडी परिसर में अवैध रूप से लगाई जा रही रेहड़ी फड़ी पर भी नाराजगी जाहिर की थी। वहीं अधिकारियों पर अवैध वसूली के आरोप भी लगे थे। सोमवार को मंडी में लगी एक दुकान पर मौजूद युवक से पूछा गया कि उसने किस की मंजूरी से दुकान लगाई है तो उसने बातों को गोलमोल किया। उसने कहा कि उसे कुछ नहीं पता, इस बारे में भैया ही बता पाएंगे, वे फिलहाल दुकान पर नहीं हैं।
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पीने के लिए ठंडा पानी नहीं
अनाजमंडी परिसर में कहने को तो छह वाटर कूलर लगाए गए हैं, मगर ठंडा पानी एक में भी नहीं आ रहा है। जैसा पानी सप्लाई में आता है, वही लोगों को पीने के लिए मिलता है। कुछ वाटर कूलर तो ऐसे भी हैं, जिनको बिजली कनेक्शन से जोड़ा ही नहीं गया है। पानी सामान्य होने के कारण लोग पीने की जगह उसका प्रयोग नहाने के लिए करते हैं। सोमवार को एक युवक अनाजमंडी में वाटर कूलर के नीचे बैठकर नहा रहा था।
लावारिस पशुओं का जमावड़ा
अनाजमंडी परिसर में लावारिस पशुओं का जमावड़ा भी लगा मिला। पशु पूरे दिन मंडी में भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं। इनमें गाय कम और सांड़ ज्यादा हैं। गर्मी का मौसम होने के कारण इनके आक्रामक होने का भय भी बना रहता है। यहां आने वाले लोग इस बात से डरते हैं कि ये लावारिस पशु कहीं उन पर हमला न कर दे।
सफाई व्यवस्था में भी सुधार नहीं
9 अप्रैल को बदहाल व्यवस्था के लिए अधिकारियों को विधानसभा अध्यक्ष की फटकार सहनी पड़ी थी, मगर उसके बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं है। यहां मंडी के डस्टबिन टूटे हैं। उनके पास कचरा भी पड़ा रहता है। जहां पर रेहड़ी और फड़ी लगाई जाती है, वहां गंदगी का आलम बना रहता है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि मंडी में नियमित रूप से सफाई कराई जा रही है।
अनाजमंडी में नियमित सफाई कराई जा रही है। कर्मचारियों और अधिकारियों को व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद कहीं कोई कमी है तो उसकी जांच करा ली जाएगी। - अनूप कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी