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Panchkula News: दस साल में दूसरी बार मेला ग्राउंड शपथ ग्रहण समारोह का बनेगा साक्षी
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। 10 साल बाद एक बार फिर मेला ग्राउंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह का साक्षी बनेगा। इस बार फर्क इतना रहेगा कि मनोहर लाल की जगह मुख्यमंत्री के रूप में नायब सिंह सैनी शपथ लेंगे। एक चेहरा सबके सामने शपथ ले रहा होगा। इतना ही नहीं 2014 के हरियाणा की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में चार मुख्यमंत्री समारोह के साक्षी बने थे, लेकिन इस बार भाजपा महाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव को साधने के लिए देश के 16 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भाजपा ने न्योता भेजा है। आयोजन में पीएम मोदी के साथ अमित शाह, राजनाथ सिंह और अन्य कई दिग्गज नेता शिरकत करेंगे।
नायब सिंह सैनी ने दस साल पहले 2014 का इतिहास दोहराया है। वह हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। मनोहर लाल की तरह वे मंगलवार की शाम शपथ ग्रहण समारोह से पहले सेक्टर-5 मेला ग्राउंड में सरप्राइज विजिट पर पहुंच गए। उन्होंने करीब एक घंटे तक समारोह स्थल पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया और लोगों से बात की।
जगह-सुरक्षा के चलते बदला शपथ ग्रहण समारोह स्थल
साल 2014 की तरह इस बार भी हरियाणा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का स्थल बदल गया है। दस साल पहले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सबसे पहले सेक्टर-तीन के ताऊ देवीलाल स्टेडियम को चुना गया था, लेकिन बाद में 24 घंटे की सुरक्षा, पार्किंग जैसी तमाम व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर दूसरी जगह के रूप में मेला ग्राउंड को तय किया गया। इस बार भी पार्किंग, सुरक्षा सहित अन्य मानकों को ध्यान में रखकर परेड ग्राउंड की जगह मेला ग्राउंड को ही शपथ ग्रहण समारोह के लिए चुना गया है। 2014 में 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था थी, इस बार भी 50 हजार लोग नई सरकार की शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनेंगे।
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हुड्डा के पहुंचने पर संशय बरकरार
हरियाणा में भाजपा की पहली सरकार 2014 में बनी थी। उस समय भी भारतीय जनता पार्टी ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे थे। इस बार भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पंचकूला सेक्टर-5 के मेला ग्राउंड में आने पर संशय बरकरार है।
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पंचकूला। 10 साल बाद एक बार फिर मेला ग्राउंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह का साक्षी बनेगा। इस बार फर्क इतना रहेगा कि मनोहर लाल की जगह मुख्यमंत्री के रूप में नायब सिंह सैनी शपथ लेंगे। एक चेहरा सबके सामने शपथ ले रहा होगा। इतना ही नहीं 2014 के हरियाणा की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में चार मुख्यमंत्री समारोह के साक्षी बने थे, लेकिन इस बार भाजपा महाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव को साधने के लिए देश के 16 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भाजपा ने न्योता भेजा है। आयोजन में पीएम मोदी के साथ अमित शाह, राजनाथ सिंह और अन्य कई दिग्गज नेता शिरकत करेंगे।
नायब सिंह सैनी ने दस साल पहले 2014 का इतिहास दोहराया है। वह हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। मनोहर लाल की तरह वे मंगलवार की शाम शपथ ग्रहण समारोह से पहले सेक्टर-5 मेला ग्राउंड में सरप्राइज विजिट पर पहुंच गए। उन्होंने करीब एक घंटे तक समारोह स्थल पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया और लोगों से बात की।
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जगह-सुरक्षा के चलते बदला शपथ ग्रहण समारोह स्थल
साल 2014 की तरह इस बार भी हरियाणा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का स्थल बदल गया है। दस साल पहले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सबसे पहले सेक्टर-तीन के ताऊ देवीलाल स्टेडियम को चुना गया था, लेकिन बाद में 24 घंटे की सुरक्षा, पार्किंग जैसी तमाम व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर दूसरी जगह के रूप में मेला ग्राउंड को तय किया गया। इस बार भी पार्किंग, सुरक्षा सहित अन्य मानकों को ध्यान में रखकर परेड ग्राउंड की जगह मेला ग्राउंड को ही शपथ ग्रहण समारोह के लिए चुना गया है। 2014 में 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था थी, इस बार भी 50 हजार लोग नई सरकार की शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनेंगे।
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हुड्डा के पहुंचने पर संशय बरकरार
हरियाणा में भाजपा की पहली सरकार 2014 में बनी थी। उस समय भी भारतीय जनता पार्टी ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे थे। इस बार भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पंचकूला सेक्टर-5 के मेला ग्राउंड में आने पर संशय बरकरार है।