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बदलावः चंडीगढ़ में शिक्षकों की एक्सटेंशन पॉलिसी होगी खत्म, विभाग ने मांगी डेपुटिड टीचरों की सूची
Sat, 29 Feb 2020 11:47 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Feb 2020 11:47 AM IST
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चंडीगढ़ के विभिन्न स्कूलों में एक्सटेंशन पर चल रहे शिक्षकों का कार्यकाल अब खत्म होने वाला है। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को पंजाब सरकार के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने शिक्षकों की एक्सटेंशन पॉलिसी को खत्म करने का ऐलान किया है।
इस ऐलान के साथ ही पंजाब से चंडीगढ़ डेपुटेशन पर आए शिक्षकों को मिले एक्सटेंशन पर भी शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर से शुक्रवार को शहर के सभी सरकारी स्कूलों के हेड और प्रिंसिपल को पत्र जारी किया गया है। पत्र में सभी स्कूलों से एक्सटेंशन पर चल रहे शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है।
रिटायरमेंट के बाद मिलता था दो साल का एक्सटेंशन
पंजाब में शिक्षकों की रिटायरमेंट की उम्र पहले 58 वर्ष थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने उन्हें 2 वर्ष का एक्सटेंशन देने का फैसला किया था। इस फैसले के बाद चंडीगढ़ में भी इस नियम को लागू किया गया। इसके बाद यूटी में कई शिक्षकों को एक्सटेंशन का लाभ मिला।
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नियमों के अनुसार अगर किसी शिक्षक की उम्र 58 वर्ष से ऊपर हो गई है और उसे एक्सटेंशन दिया गया है तो वह प्रमोशन का हकदार नहीं होता। एक्सटेंशन पर चल रहे शिक्षकों की जानकारी दो मार्च तक मांगी गई है। बता दें कि शहर में 115 सरकारी स्कूल है और इनमें पंजाब से आए शिक्षक भी पढ़ा रहे हैं।
पंजाब सरकार की ओर से शिक्षा विभाग को कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं होने तक हम कुछ नहीं कह सकते। एक्सटेंशन पर चल रहे शिक्षकों की जानकारी के लिए स्कूलों को पत्र जारी कर दिया गया है। इस मामले में कार्रवाई 31 मार्च के बाद ही कार्रवाई होगी।
- रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन
युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
पंजाब सरकार की ओर से सरकारी शिक्षकों को नौकरी में दी गई एक्सटेंशन को खत्म करने का यूटी कैडर एजुकेशनल इम्प्लाइज यूनियन स्वागत करती है। प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को एक्सटेंशन मिलने से उन्हें 58 साल की उम्र में नहीं, बल्कि 60 साल की उम्र पर सेवामुक्त किया जाता था। इस कारण युवाओं को नौकरी मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस फैसले के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो गए हैं।
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इस ऐलान के साथ ही पंजाब से चंडीगढ़ डेपुटेशन पर आए शिक्षकों को मिले एक्सटेंशन पर भी शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर से शुक्रवार को शहर के सभी सरकारी स्कूलों के हेड और प्रिंसिपल को पत्र जारी किया गया है। पत्र में सभी स्कूलों से एक्सटेंशन पर चल रहे शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है।
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रिटायरमेंट के बाद मिलता था दो साल का एक्सटेंशन
पंजाब में शिक्षकों की रिटायरमेंट की उम्र पहले 58 वर्ष थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने उन्हें 2 वर्ष का एक्सटेंशन देने का फैसला किया था। इस फैसले के बाद चंडीगढ़ में भी इस नियम को लागू किया गया। इसके बाद यूटी में कई शिक्षकों को एक्सटेंशन का लाभ मिला।
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नियमों के अनुसार अगर किसी शिक्षक की उम्र 58 वर्ष से ऊपर हो गई है और उसे एक्सटेंशन दिया गया है तो वह प्रमोशन का हकदार नहीं होता। एक्सटेंशन पर चल रहे शिक्षकों की जानकारी दो मार्च तक मांगी गई है। बता दें कि शहर में 115 सरकारी स्कूल है और इनमें पंजाब से आए शिक्षक भी पढ़ा रहे हैं।
पंजाब सरकार की ओर से शिक्षा विभाग को कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं होने तक हम कुछ नहीं कह सकते। एक्सटेंशन पर चल रहे शिक्षकों की जानकारी के लिए स्कूलों को पत्र जारी कर दिया गया है। इस मामले में कार्रवाई 31 मार्च के बाद ही कार्रवाई होगी।
- रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन
युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
पंजाब सरकार की ओर से सरकारी शिक्षकों को नौकरी में दी गई एक्सटेंशन को खत्म करने का यूटी कैडर एजुकेशनल इम्प्लाइज यूनियन स्वागत करती है। प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को एक्सटेंशन मिलने से उन्हें 58 साल की उम्र में नहीं, बल्कि 60 साल की उम्र पर सेवामुक्त किया जाता था। इस कारण युवाओं को नौकरी मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस फैसले के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो गए हैं।