लॉकडाउन को छुट्टी न समझें, परिवार के साथ समय बिताए, बुरी आदतें छोड़ें: सीएम मनोहर लाल
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे लॉकडाउन को छुटटी मानकर न चलें, उन्हें परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिला है। परिवार के सभी लोगों के साथ बातचीत करते रहें। यही नहीं उन्हें योग और कुछ अन्य अच्छे काम करने का संकल्प लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने शाम को पांच बजे अपने नियमित संबोधन के दौरान कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती इसीलिए कोई नई भाषा, किताबें पढ़ी जा सकती हैं। उन्होंने अंग्रेजी, पंजाबी, जर्मन, डच, उर्दू समेत कईं भाषाओं को सीखने, प्रेरणादायक पुस्तकें पढ़ने की शिक्षा दी।
युवाओं से आह्वान किया कि यह अवसर बेहद ही चुनौतीपूर्ण हैं। इस अवसर का पूरा सम्मान करना चाहिए साथ ही इसका सदुपयोग भी जरूरी है। सीएम ने अपने संबोधन के दौरान कोमल पंवार, बहादुरगढ़ के युवा एहलावादी से बातचीत कर लॉकडाउन के दौरान बिताए जा रहे समय के बारे में पूछा।
सीएम ने युवाओं को किसी भी तरह के भ्रम में न रहने की नसीहत भी दी। उन्होंने स्टे एट होम, सैनिटाइज योर सेल्फ, सोशल डिस्टेंसिंग थ्री एस का फार्मूला भी सुझाया। सीएम ने कोरोना की लड़ाई से लड़ने के लिए युवाओं को वालंटियर बनकर भी आगे आने और प्रशासनिक कार्यों में सहयोग की अपील की है।
यह चुनौतीपूर्ण समय है। सुरक्षाकर्मी, पुलिस, सेहत विभाग की टीम, सफाई करने वाले सभी अपने परिवारों को छोड़कर फील्ड में काम कर रहे हैं। सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
रीयल हीरो का करें सम्मान
सीएम ने समाज के लिए अपना घर बार छोड़कर समाज के लिए बाहर निकलने वालों को रीयल हीरो बताया साथ ही कहा कि इनका सम्मान करें और जहां पर जरूरत हो वहां पर सहयोग करें। उन्होंने सोशल मीडिया में फैल रहीं अफवाहों से बचकर रहने की सलाह दी।
साथ ही कहा कि सोशल मीडिया में बहुत कुछ फैल रहा है। कोरोना को लेकर समाज में विघटन की खबरें भी आती हैं। हमें जातिवाद, क्षेत्रवाद, मजहब से ऊपर उठकर काम करना होगा क्योंकि यह हमारा राष्ट्रीय दायित्व है।