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एक्साइज इंस्पेक्टर का बेटा दौड़ा रहा था बीएमडब्ल्यू, साइकिल सवार भाइयों को रौंदा, एक की मौत

चंडीगढ़ सेक्टर-9/10 की डिवाइडिंग रोड के पास एक्साइज इंस्पेक्टर के बेटे ने बीएमडब्ल्यू कार से साइकिल सवार दो चचेरे भाइयों को टक्कर मार दी। इससे साइकिल चालक भाई की मौत हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि साइकिल के दो टुकड़े हो गए, जबकि पीछे बैठे उसके भाई को मामूली चोटें आईं। मरने वाला युवक चंडीगढ़ में नौकरी की तलाश में आया था।

मामले की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने युवक को जीएमएसएच-16 पहुुंचाया। वहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान सेक्टर-18 निवासी बिक्कू कुमार (18) के रूप में हुई है। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने सेक्टर-44 निवासी बीएमडब्ल्यू चालक उदय सिंह भाटिया (21) के खिलाफ 304ए के तहत मामला दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया है।

घटना रविवार शाम करीब पौने छह बजे की है। बिक्कू कुमार मूलरूप से बिहार के जिला जमुई का रहने वाला है। वह चार दिन पहले ही चंडीगढ़ सेक्टर-18 में रहने वाले अपने सगे भाई अरुण कुमार के घर आया था। उसे नौकरी की तलाश थी। रविवार को वह सेक्टर-10 अपने जानकार से मिलने गया था। शाम करीब पौने छह बजे चचेरे भाई लालटू के साथ साइकिल से वापस सेक्टर-18 घर जाने के लिए निकला।

बिक्कू साइकिल चला रहा था, जबकि लालटू पीछे बैठा था। सेक्टर-9/10 डिवाइडिंग रोड के पास पहुंचा तो हाईकोर्ट की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार ने उनकी साइकिल को जबरदस्त टक्कर मार दी। हादसे में बिक्कू उछलकर बीच सड़क पर गिरा। हादसा इतना जबरदस्त था कि साइकिल के दो टुकड़े हो गए। वहीं इस हादसे में लालटू को मामूली चोटें आईं।

पुलिस ने बिक्कू के शव को जीएमएसएच-16 के मोर्चरी में रखवा दिया है। सोमवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी उदय सिंह ग्रेजुएशन कर रहा है और वह शाम को अपने घर सेक्टर-44 जा रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

जेबरा क्रॉसिंग पर हुआ हादसा
पुलिस बयान में लालटू ने बताया कि वह बिक्कू के साथ साइकिल के पीछे बैठा था। सेक्टर-10 की लाइट प्वाइंट से जेबरा लाइन क्रास करते हुए सेक्टर-9 की तरफ बढ़ा तभी हाईकोर्ट की तरफ से मटका चौकी की तरफ जा रही बीएमडब्ल्यू कार ने साइकिल को अपनी चपेट में ले लिया।

हादसे के बाद बिक्कू के सिर पर गंभीर चोटें आई, जबकि वह खुद उछलकर दूसरी ओर गिरा। हादसे के बाद सड़क पर खून फैल गया। साइकिल का अगला चक्का दूर साइकिल ट्रैक पर जा गिरा। आसपास के लोगों की मदद से मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

जनवरी से अब तक छह की जान गई
जनवरी से अब तक शहर में अलग-अलग जगहों पर छह लोगों की जान जा चुकी है। पिछले साल 99 लोगों ने सड़क हादसे में अपनी जान गवाई थी।
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शर्मनाक: दो किशोरियों से बाबा ने आश्रम में किया दुष्कर्म, सोशल मीडिया पर भी सक्रिय है आरोपी

समाज को शर्मसार करने वाला एक मामला जिला पंचकूला में सामने आया है। एक आश्रम के बाबा ने सेवा करने पहुंचीं दो किशोरी बहनों से दुष्कर्म कर डाला। हैरत की बात यह है कि आरोपी बाबा ने किशोरियों को उनके भाइयों से अलग कमरे में रखा और फिर तीन दिन तक उनसे दुष्कर्म करता रहा। 

इसके बाद उसने किशोरियों को धमकी दी कि यदि वे इस बारे में किसी को बताएंगी तो वह उन्हें जान से मार देगा। किशोरियों को घबराया हुआ देखने के बाद आरोपी ने उन्हें आश्रम से जाने दिया। किशोरियों की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने सिविल अस्पताल-6 में उनका मेडिकल कराया। फिर आरोपी बाबा के खिलाफ बुधवार को केस दर्ज किया। आरोपी बाबा को बुधवार देर रात पकड़ कर सिविल अस्पताल से उसका मेडिकल करवाया गया है।

आरोपी आश्रम का स्वामी लक्ष्यनंद है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिसकर्मी उसकी तलाश में जुटे हैं। महिला थाने की एसएचओ नेहा चौहान ने बताया कि किशोरियों ने शिकायत में मामला रायपुररानी के एक के एक आश्रम का बताया है। किशोरियों ने बताया कि वे दोनों बहन हैं। 
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खौफनाकः मोबाइल चार्जर से पत्नी का गला घोंटा फिर ट्रेन के आगे कूदकर पति ने दी जान

राजीव कालोनी सेक्टर-17 में एक युवक ने पहले पत्नी की हत्या की फिर खुद भी ट्रेन से कटकर जान दे दी। युवक मेरठ निवासी फैजान था। पुलिस के मुताबिक, वह अपनी पत्नी शब्बा खैर के चरित्र पर शक करता था। पुलिस के मुताबिक, मेरठ निवासी फैजान अपनी पत्नी शब्बा खैर के साथ काफी समय से झुग्गी नंबर 1588 में रह रहा था। उसे शक था कि उसकी पत्नी के किसी से संबंध हैं। गुरुवार सुबह दोनों में इसी बात को लेकर खूब झगड़ा हुआ। तैश में आकर फैजान ने मोबाइल चार्जर की लीड से पत्नी को गला घोंटकर मार दिया। इसके बाद वहां से निकल गया। 

सुबह करीब दस बजे पड़ोसी झुग्गी में गया तो उसने शब्बा खैर का शव पड़ा देखा। उसने सेक्टर-16 पुलिस चौकी को सूचना दी। तुरंत पुलिसकर्मी झुग्गी में पहुंचे। फोरेंसिक एक्सपर्ट से भी घटनास्थल का मुआयना करवाया गया। पुलिस ने झुग्गी से चार्जर और अन्य चीजों को कब्जे में ले लिया है। अभी पुलिस जांच कर ही रही थी कि सूचना मिली, फैजान ने भी ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली है। बहरहाल, पुलिस ने हत्या की धारा के तहत केस दर्जकर मृतकों के शव मॉर्चरी में रखवा दिए हैं। शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक फैजान पत्नी के चरित्र पर शक करता था। इसी कारण उसने पत्नी की हत्या कर खुदकुशी कर ली।

ट्रैक पर खड़े युवक को देख ड्राइवर ने रोकी ट्रेन, स्पीड बढ़ाई तो आगे कूद गया
अपनी पत्नी की हत्या के बाद फैजान ने अपनी जान देने का पक्का इरादा कर लिया था। यही वजह थी कि वह सीधे रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और ट्रेन का इंतजार करने लगा। करीब 10:30 बजे लखनऊ से चंडीगढ़ सद्भावना एक्सप्रेस ट्रैक पर आ रही थी। ट्रेन जैसे ही सुंदर नगर रेलवे लाइन के पास पहुंची तो गति धीमी हो गई। 

ड्राइवर ने ट्रैक पर युवक को खड़े देखा तो हॉर्न बजाते हुए ब्रेक लगा दिए। जब तक ट्रेन युवक के पास पहुंची तो उसकी स्पीड बेहद कम हो गई। यह देख फैजान दूसरे ट्रैक पर चला गया। इसके बाद जैसे ही ट्रेन की स्पीड बढ़ी तो फैजान दौड़ते हुए आया और ट्रेन के आगे कूद गया। इस बार ड्राइवर भी कुछ न कर सका। पैर कटने के कारण फैजान के शरीर से खून बहने लगा। उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 
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साल भर से बाप कर रहा था दुष्कर्म, बेटी ने मृत बच्ची को दिया जन्म, कमरे में कैद कर रखता था

52 साल का बाप 23 साल की मंदबुद्धि बेटी को एक साल से हवस का शिकार बनाता रहा। मामले का खुलासा तब हुआ जब युवती को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस पर परिजन उसे सरकारी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां युवती ने 9 माह की मृत बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टरों ने मामले की सूचना महिला थाना पुलिस को दी। 

पुलिस की पकड़ से बचने के लिए बाप भाग निकला लेकिन पुलिस ने युवती के बयान दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। महिला थाना पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी पिता का मेडिकल टेस्ट करवाया। अब उसे 16 मई को कोर्ट में पेश किया जाएगा। घटना पंचकूला जिले के एक गांव की है। यह परिवार दूसरे राज्य से आकर यहां रह रहा था। 

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाप कई महीने तक अपनी बेटी को हवस का शिकार बनाता रहा। आरोपी के तीन बेटियां और दो बेटे हैं। पत्नी भी उसके साथ ही रहती है। यह परिवार लगभग सवा साल पहले ही गांव में आया था। मामले की किसी को भनक न लग जाए इसलिए आरोपी बेटी को बाहर नहीं जाने देता था। 
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सांकेतिक तस्वीर। सांकेतिक तस्वीर।

हरियाणा: पंचकूला के खटौली गांव में खूनी संघर्ष, एक का हाथ कटा, छह घायल, दो पीजीआई रेफर

खटौली गांव में सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे मोबाइल पर डाली पोस्ट को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए। एक समुदाय के लोगों ने तेजधार हथियार से दूसरे पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इससे छह लोग गंभीर घायल हो गए। विवाद में दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति की बाजू कट गई जबकि दूसरे व्यक्ति के सिर में गहरी चोट आई है। 

दोनों की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। विवाद की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने घायलों की शिकायत पर 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू की है। आरोपियों की गिरफ्तार के लिए पुलिस छापे मार रही है।

महाराणा प्रताप व परशुराम जयंती को लेकर डाले स्टेट्स पर बहस
जानकारी के अनुसार नगर निगम के वार्ड नंबर-20 के गांव खटौली में दोनों समुदाय के लोग महाराणा प्रताप और परशुराम जयंती के मोबाइल पर डाले गए स्टेट्स को लेकर आमने-सामने हुए। पहले तो दोनों समुदाय के लोग एक-दूसरे से बहस करते रहे लेकिन कुछ ही देर में विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। 

इसमें एक समुदाय ने दूसरे समुदाय के लोगों पर तलवारों, डंडों व ईंट-पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इससे एक समुदाय के जगवीर सिंह, राहुल, कृष्ण पाल, दिग्विजय, सुरेश पाल उर्फ शीश पाल, भीम सेन गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना में जगवीर सिंह की बाजू कट गई जबकि राहुल के सिर में गंभीर चोट लगी, जोकि पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन हैं। वहीं, दिग्विजय, सुरेश पाल उर्फ शीश पाल और भीम सेन सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन हैं। 
हमला करने वाले समुदाय के सुखदेव, रामकरण, आज्ञा राम, गौरव शर्मा, संजीव कुमार, जगदीश चंद, शिवा, सुनीता रानी, रामो, वीना देवी, ममता व लाजो देवी के खिलाफ कृष्ण पाल ने शिकायत दी है। उसके आधार पर आईपीसी की धारा 148, 149, 323, 506, 307, 188, 269 व 270 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -दीपक कुमार, एसएचओ चंडीमंदिर थाना पुलिस
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हरियाणा: रणदीप सुरजेवाला और उनके भाई को मिली धमकी, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

कांग्रेस के प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री रणदीप सुरजेवाला और उनके चचेरे भाई सुदीप सुरजेवाला को गैंगस्टर ने जान से मारने की धमकी दी है। रणदीप सुरजेवाला द्वारा धमकी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपी की पहचान मेरठ निवासी अग्रिम के रूप में हुई है। फिलहाल वह हरियाणा के कैथल में रह रहा था। धमकी के कारणों का पुलिस अभी पता लगा रही है। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।  

रणदीप सुरजेवाला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी ने पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित आवास के लैंडलाइन नंबर पर मोबाइल से कॉल की। उसने एक ही दिन में अलग-अलग समय पर तीन बार कॉल कर धमकी दी। कॉलर ने खुद को यूपी के मुक्तार अंसारी, राजा भइया और पप्पू यादव की गैंग का अग्रिम सदस्य बताया। आरोपी ने कहा था कि दोनों की लोकेशन, मूवमेंट, वाहन, पता और अन्य सभी जानकारी उसके पास है। गैंगस्टर की कॉल के वक्त रणदीप सुरजेवाला घर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर व्यस्त थे।

इससे कुछ देर पहले ही सुबह 9:50 बजे सुरजेवाला के घर उनके पड़ोसी आर कार्तिकेय किसी कानूनी प्रस्ताव को लेकर आए थे। इसके बाद गैंगस्टर की पहली कॉल घर के लैंडलाइन नंबर पर आई। दूसरी कॉल भी उसने अगले एक मिनट बाद की। फिर तीसरी कॉल सुबह 10:15 बजे एक ही मोबाइल नंबर से की।  

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां 
गौरतलब है कि इससे पहले भी रणदीप सुरजेवाला को गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग और उसके भाई के नाम पर धमकियां मिलती रही हैं। इस कारण रणदीप सुरजेवाला ने वर्ष 2016 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सुरक्षा के लिए याचिका दायर की थी। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर रणदीप सुरजेवाला को वाई कैटेगरी की सेंट्रल एजेंसी की सिक्योरिटी दी गई थी। सुरजेवाला ने यह शिकायत एक अप्रैल को की थी।
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रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर की बेटी ने लगाया फंदा, पति समेत तीन गिरफ्तार, दहेज प्रताड़ना का केस

इंडियन आर्मी से रिटायर्ड ऑफिसर की बेटी ने दहेज प्रताड़ना से तंग आकर सेक्टर-44सी स्थित अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मृतका की पहचान मूलरूप से रायबरेली के एकता नगर निवासी अर्चना मिश्रा (26) के रूप में हुई है।

सेक्टर-34 थाना पुलिस ने आईपीसी 304बी और 340 के तहत मामला दर्ज कर मनोज कुमार मिश्रा (पति), सुदामा मिश्रा (सास) और साकेत मिश्रा (ससुर) को गिरफ्तार कर जांच में जुट गई है। पुलिस को दी शिकायत में सत्य भूषण मिश्रा ने बताया कि वह मूलरूप से यूपी के रायबरेली स्थित एकता नगर निवासी हैं और इंडियन आर्मी की इंटेलिजेंस सर्विस से रिटायर्ड हैं। शिकायत में बताया कि उनके तीन बेटे हैं और दो बेटियां हैं।

बीते 17 फरवरी वर्ष 2016 में उनकी बेटी अर्चना मिश्रा की शादी चंडीगढ़ के सेक्टर-44 में रहने वाले मनोज कुमार मिश्रा से हुई थी। आरोप है की शादी में दहेज के तौर पर दस लाख नकद और जेवरात दिए गए थे। शादी के शुरुआती दिनों में तो सब कुछ ठीक रहा लेकिन बाद में ससुराल वालों ने बिजनेस में और पैसा लगाने के लिए बेटी अर्चना पर और दहेज लेने का दबाव डालना शुरू कर दिया।

इसके बाद उन्हें इस संबंध में मनोज कुमार और उनके परिवार से बातचीत कर बेटी को परेशान न करने की गुहार लगाई। आरोप है कि बीती 23 मार्च की रात अर्चना ने फोन पर बताया कि ससुराल वाले लगातार दहेज की खातिर परेशान कर रहे हैं। बाद में किसी तरह बेटी को समझा-बुझाकर मामला शांत करवाया। इसके बाद 24 मार्च की रात पता लगा कि अर्चना ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी है।

शिकायत के आधार पर सेक्टर 34 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है।
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पंचकूलाः जीरकपुर का रास्ता पूछने के बहाने रोका, गर्दन पर छुरा रख पत्रकार को लूटा, कहां है पुलिस

सांकेतिक तस्वीर
पुलिस पेट्रोलिंग की पोल खोलते हुए बाइक सवार दो लुटेरों ने तेजधार छुरे के दम पर एक पत्रकार को लूट लिया। लुटेरों ने एक्टिवा पर जा रहे पत्रकार को जीरकपुर का पता पूछने के बहाने रोका और गर्दन पर छुरा रखकर नगदी और मोबाइल लूट लिया। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। वारदात बुधवार देर रात करीब 2 बजे की है।

धनास निवासी पत्रकार दुर्गाराम चंडीगढ़ से देर रात ड्यूटी खत्म करने के बाद पंचकूला सेक्टर 19 में अपनी बहन के घर जा रहे थे। दुर्गाराम ने बताया कि पंचकूला सेक्टर 11 की ओर से रॉंग साइड से आए बाइक सवार दो लुटेरों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। चलते चलते उन्होंने जीरकपुर का पता पूछा।

दुर्गाराम को उनकी मंशा पर शक हुआ तो उन्होंने एक्टिवा को दौड़ा दिया, लेकिन लुटेरों ने उन्हें अमरटेक्स के पास अभयपुर से पहले इंडस्ट्रियल एरिया में घेर लिया। एक लुटेरे ने उनकी एक्टिवा की चाभी निकाल ली जबकि दूसरा गालियां देने लगा।

अचानक एक लुटेरे ने दुर्गाराम की गर्दन पर तेजधार छुरा रख दिया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद लुटेरों ने उनसे पर्स में रखे 800 रुपये और मोबाइल लूट लिया। धमकी देकर जाते हुए लुटेरे एक्टिवा की चाभी वहीं फेंक गए। इसके बाद दुर्गाराम घर पहुंचे। वारदात के बाद से दुर्गाराम डरे हुए हैं।

रात में कहां होती है पुलिस पेट्रोलिंग
लंबे समय से देर रात वारदातें होने का सबसे बड़ा कारण जिले में नाइट पेट्रोलिंग ड्यूटी का नहीं होना है। हर जगह पुलिस वारदात होने के बाद सूचना मिलने के बाद ही पहुंचती है। लेकिन समय समय पर पेट्रोलिंग करती नहीं दिखती। पुलिस की इस लापरवाही का आपराधिक तत्व भरपूर फायदा उठाकर आमजन के लिए खतरा बने हुए हैं। इससे पहले भी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और अन्य जगहों पर लूट की वारदातें होती रही हैं।
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चंडीगढ़ः गेड़ी मारने के लिए नाबालिग चुराता था दोपहिया वाहन, छह एक्टिवा और बाइक बरामद

दोपहिया वाहन चुराकर उन पर गेड़ी मारने वाले एक नाबालिग लड़के को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी से चोरी की एक्टिवा भी बरामद की गई है।

इतना ही नहीं पुलिस ने पूछताछ के बाद नाबालिग आरोपी से चुराई गई पांच और एक्टिवा व एक बाइक बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह गेड़ी मारने के लिए वाहन चुराता था और पेट्रोल खत्म होने पर आसपास की पार्किंग में वाहन खड़ा कर फरार हो जाता था। रविवार को आरोपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेेट के समक्ष पेश कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया।

सेक्टर-11 थाना पुलिस को दोपहिया वाहन चोरी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। थाना प्रभारी राजीव कुमार की अगुवाई में एक टीम का गठन कर वाहन चोरों की तलाश शुरू की गई। टीम को गुप्त सूचना मिली कि दोपहिया वाहन चोरी करने का आरोपी सेक्टर-11 थाना एरिया के अंतर्गत घूम रहा है।

सूचना पर सब इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह, मेजर सिंह और उनकी टीम ने धनास स्थित कच्चे रास्ते के पास नाका लगाया। इस दौरान एक नाबालिग एक्टिवा (सीएच 01 बीजेड 5673) पर वहां से गुजर रहा था। पुलिस ने आरोपी को रोककर जब कागजात मांगे तो वह आनाकानी करने लगा। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि एक्टिवा चोरी की है, जिसे आरोपी ने सेक्टर-11 थाना अंतर्गत से चुराया है।

वाहन चुराने से पहले करता था रेकी
नाबालिग आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले रेकी करता था और फिर डुप्लीकेट चाबी से दोपहिया वाहन चोरी कर फरार हो जाता था। इसके बाद चोरी के वाहन पर आरोपी गेड़ी मारता था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गेड़ी मारने के लिए ही वाहन चोरी करता था और जब पेट्रोल खत्म हो जाता तो शहर के अलग-अलग भीड़भाड़ वाले पार्किंग में वाहन पार्क कर फरार हो जाता था। आरोपी के कब्जे से छह एक्टिवा और एक बाइक बरामद किया गया है।

मौलीजागरां और नयागांव निवासी पीड़ितों में दर्ज कराया था केस
बता दें कि 12 मार्च को सेक्टर-11 थाना पुलिस ने मौलीजागरां निवासी मनीषा की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। शिकायत में मनीषा ने बताया था कि सुबह 9 बजे अपनी एक्टिवा को सेक्टर-15 के लाला लाजपत भवन में पार्क करके वह पीजीजीसीएच कॉलेज में गई थी।

जब वह शाम को पेपर देने के बाद वापस आई तो उसने देखा कि उसकी एक्टिवा गायब थी। इसके अलावा 18 फरवरी को एक्टिवा चोरी का मामला नयागांव के रघुवीर सिंह ने की शिकायत पर सेक्टर-11 थाने में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह सेक्टर-15 मार्केट में सब्जी लेने गया था। लगभग डेढ़ घंटे के बाद उसने आकर देखा तो उसकी एक्टिवा गायब थी।
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होली पर रंग लगाने से नाराज कांस्टेबल ने साथी पर पिस्टल से की फायरिंग, सस्पेंड और केस दर्ज

चंडीगढ़ सेक्टर 3 थाना अंतर्गत वीआईपी सिक्योरिटी में तैनात एक कांस्टेबल ने होली पर रंग लगाने को लेकर साथी कांस्टेबल पर सर्विस पिस्टल से फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोली कांस्टेबल के सिर पर नहीं लगी। वारदात के बाद मामला आला अफसरों तक पहुंचा। पुलिस विभाग ने कांस्टेबल राजकरण के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज कर सस्पेंड कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार कांस्टेबल राजकरण और प्रदीप वीआईपी सिक्योरिटी में तैनात हैं। बीते दिन दोनों सेक्टर 3 थाना अंतर्गत ड्यूटी दे रहे थे। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान प्रदीप राजकरण को होली के मौके पर रंग लगाना चाहता था, लेकिन राजकरण ने इस पर एतराज जताना शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों के बीच हंगामा शुरू हो गया। इस बीच वहां मौजूद अन्य लोगों ने मामले को शांत करवाने की कोशिश की, लेकिन मामला सुलझने के बजाय और जायदा बिगड़ गया।

कांस्टेबल राजकरण ने प्रदीप पर सर्विस पिस्टल से फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि लोगों के बीच बचाव के कारण गोली प्रदीप के सिर के पास से गुजर गई। प्रदीप बाल-बाल बच गया। वारदात के बाद मामले को दबाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया। इसके बाद राजकरण को सस्पेंड कर दिया गया।

एक राउंड हुई फायरिंग
बताया गया कि गुस्साए राजकरण ने प्रदीप पर एक राउंड फायर किया। अगर बीच बचाव न किया जाता तो और भी फायरिंग हो सकती थी। सूत्रों के अनुसार वारदात के बाद राजकरण वहां से फरार हो गया था। वहीं, सेक्टर 3 थाना पुलिस कांस्टेबल प्रदीप की शिकायत पर मामले की छानबीन में जुट गई है। राजकरण की पिस्टल को जब्त कर लिया गया है। मामले में अभी तक राजकरण की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वहीं, आला अधिकारियों ने मामले को लेकर चुप्पी साधी हुई है।
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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड का सीनियर असिस्टेंट रिश्वत लेते दबोचा, फ्लैट के डुप्लीकेट कागजात की डील

चंडीगढ़ विजिलेंस ने धनास की ईडब्ल्यूएस कॉलोनी के एक फ्लैट के डुप्लीकेट कागजात देने के नाम पर बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हाउसिंग बोर्ड के सीनियर असिस्टेंट जगदीश राज मनचंदा को सेक्टर-22 से गिरफ्तार किया है। विजिलेंस वीरवार को जिला अदालत में पेश कर आरोपी का रिमांड हासिल करेगी।

सोमवार सुबह विजिलेंस को दी शिकायत में इफ्तेखार ने बताया कि वह धनास स्थित ईडब्ल्यूएस कॉलोनी निवासी है। उनके फ्लैट का अलॉटमेंट व पजेशन लेटर गुम हो गया था। वह सेक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में फ्लैट के डुप्लीकेट कागजात के बारे में पता करने गए थे।

उन्होंने बताया कि इस दौरान हाउसिंग बोर्ड में उनकी मुलाकात जगदीश राज मनचंदा से हुई। मनचंदा ने बताया कि वह हाउसिंग बोर्ड में सीनियर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता इफ्तेखार ने जब फ्लैट के डुप्लीकेट कागजात की बात कही तो मनचंदा ने कहा कि कागजात मिल जाएंगे, लेकिन इसके एवज में 50 हजार रुपये देने होंगे।

इसके बाद उन दोनों में 40 हजार रुपयों में सौदा तय हुआ। मनचंदा ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये एडवांस के तौर पर देने को कहा। आरोप है कि मनचंदा ने शिकायतकर्ता इफ्तेखार को सेक्टर-22 में रुपये लेकर आने को कहा। इसके बाद इसकी शिकायत विजिलेंस को कर दी गई।

शिकायत के आधार पर विजिलेंस डीएसपी दीपक यादव की अगुवाई में एक टीम का गठन कर आरोपी को दबोचने के लिए सेक्टर-22 में जाल बिछाया गया। बुधवार सुबह जब शिकायतकर्ता इफ्तेखार 20 हजार मनचंदा को देने पहुंचा तो विजिलेंस की टीम ने आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया।

... और अधिकारियों के नाम आ सकते हैं सामने
टीम ने आरोपी मनचंदा को दबोच कर विजिलेंस ले गई। अब डीएसपी दीपक कुमार की अगुवाई में लगातार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस गोरखधंधे में और भी कई खुलासे हो सकते हैं। कुछ आला अधिकारियों के नाम के भी खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, विजिलेंस ने सेक्टर-45 निवासी आरोपी जगदीश राज मनचंदा के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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पंजाब यूनिवर्सिटी में ठीक नहीं माहौल, तीन नकाबपोशों ने हॉस्टल के गार्ड को धुना, पार्किंग बनी वजह

पंजाब यूनिवर्सिटी में आजकल माहौल ठीक नहीं चल रहा है। कभी छात्र आपस में भिड़ रहे हैं तो कभी टीचर के खिलाफ अभद्रता की शिकायतें हो रही हैं। यहां तक की पीयू की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे गार्ड भी सुरक्षित नहीं हैं। ताजा घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार सुबह 11.00 बजे कार पर स्कूटर के नंबर लगाकर आए तीन नकाबपोश छात्रों ने एक गार्ड की जमकर पिटाई की और फरार हो गए। सुरक्षा कर्मी ने पीयू के सुरक्षा अधिकारियों से शिकायत की है। पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार, 6 फरवरी को पीयू के पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के पीछे बनी पार्किंग में सुरक्षा कर्मी कमलेश कुमार की ड्यूटी थी। ह्ममन राइट विभाग के तीन छात्र गाड़ी लेकर पहुंचे। वह गाड़ी सड़क पर खड़ी कर रहे थे। इसके लिए मना किया तो वह विरोध करने लगे और मारपीट शुरू कर दी। सुरक्षा कर्मी की वर्दी तक फाड़ दी, लेकिन लोग बीचबचाव में आए और मामला रफा दफा हो गया। समझौता भी कराया गया, लेकिन उन्होंने गोली मारने की धमकी दी। इस प्रकरण को पीयू प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए था, लेकिन इसे हवा में उड़ा दिया गया।

शुक्रवार को सुरक्षा कर्मी कमलेश की ड्यूटी ब्वॉयज हॉस्टल नंबर 8 में थी। उसी दौरान कमलेश के पास किसी अनजान नंबर से फोन आया और उन्हें पार्किंग में आने को कहा। कमलेश ने कहा कि वह ड्यूटी पर हैं, कहीं दूसरी जगह नहीं आ सकते। मना करने के दस मिनट बाद तीन नकाबपोश लोग दीवार कूदकर हॉस्टल में घुस गए और कमलेश पर हमला कर दिया। मारपीट के बाद फरार हो गए। सुरक्षा कर्मी को अंदरूनी चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले छात्र अपनी कार पर स्कूटर का नंबर लगाकर आए थे। नंबर की प्लेट बहुत छोटी थी।

कमलेश ने कहा कि उन्हें जान का खतरा है। इस प्रकरण को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है। पुलिस में शिकायत दी है, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई है। नकाबपोश एक छात्र का नकाब चेहरे से हटा तो उन्होंने उसे पहचान लिया। वह ह्यूूमन राइट विभाग का ही है जो पहले मारपीट कर चुके हैं।

ऐसे घटनाओं में तुरंत एक्शन ले पीयू प्रशासन
पीयू में इस समय माहौल खराब है। वीरवार आधी रात को एबीवीपी और एसएफएस के कार्यकर्ता आपस में भिड़े और इसमें दो छात्र घायल हो गए। इस प्रकरण में दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। बेशक बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। लेकिन अभी भी इस घटना से तनातनी बनी हुई है। पीयू प्रशासन को चाहिए कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तुरंत एक्शन ले।

सुरक्षा कर्मी कमलेश के साथ तीन छात्रों ने मारपीट की है। सुरक्षा कर्मी ही यहां सुरक्षित नहीं हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को चिट्ठी लिखी गई है। साथ ही आरोपी छात्रों पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
- डॉ. विशाल शर्मा, वार्डन, ब्वॉयज हॉस्टल नंबर आठ
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पंजाब यूनिवर्सिटी में आधी रात को आपस में भिड़े एबीवीपी-एसएफएस कार्यकर्ता, दो छात्र घायल

पंजाब यूनिवर्सिटी का हॉस्टल नंबर-3 वीरवार की रात अखाड़ा बन गया। एबीवीपी व एसएफएस के कार्यकर्ता भिड़ गए। मारपीट हुई और उसके बाद कुछ छात्र नेता हॉस्टल में डंडा लेकर जा घुसे। आरोप है कि कई घंटे उत्पात मचाया। इस घटना में दोनों पक्षों के दो विद्यार्थी घायल हैं। जानकारों का कहना है कि इस घटना से जेएनयू में हुए बवाल की याद ताजा हो गई।

वहां भी लाठी-डंडों के साथ कुछ विद्यार्थी घुसे थे। वैसा ही यहां भी दिखा है। हालांकि दोनों पक्षों के दोनों पीड़ितों के बीच शुक्रवार शाम समझौता हो गया, लेकिन एबीवीपी ने कहा है कि लाठी-डंडे हॉस्टल में लाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो। जानकारों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस घटना का वायरल वीडियो चर्चा में है।

आरोप-प्रत्यारोप
एसएफएस : छात्र रोहित रैगिंग के खिलाफ चला रहा था, इसलिए एबीवीपी ने की पिटाई
एसएफएस का आरोप है कि कैमिकल इंजीनियरिंग का विद्यार्थी रोहित ब्वॉयज हॉस्टल नंबर तीन में रूम में था। वह अपने विभाग में कुछ दिन से रैगिंग के खिलाफ अभियान चला रहा था। आरोप है कि इसी को लेकर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उसकी पिटाई कर दी। उसके गर्दन में चोट आई है। एसएफएस की ओर से पुलिस में शिकायत की गई।

एबीवीपी : एसएफएस कार्यकर्ताओं ने सौरभ यादव और अभिषेक से की मारपीट
एबीवीपी का आरोप है कि एसएफएस कार्यकर्ताओं की ओर से कैमिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थी सौरभ यादव व अभिषेक के साथ मारपीट की गई। साथ ही कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर हॉस्टल में घुसे। इससे हॉस्टल में दहशत का माहौल बनाया गया। इसके बाद एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल के बाहर प्रदर्शन किया।
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