Panchkula: अचानक मरोग गांव पहुंचे सीएम मनोहर लाल, दिवाली की बधाई दी, ग्रामीणों की समस्याओं को जाना
ग्रामीणों ने थाना गांव से मरोग और श्यामू गांव मे पक्की सड़क, मरोग स्कूल को मिडल में अपग्रेड करने, नाईटा पंचायत के गांव दाबसू में नदी पर फुट ओवर ब्रिज बनाने की मांग रखी जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ खुद भी दौरा किया।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को मोरनी के मरोग गांव पहुंचे। लगभग 11 बजे गांव पहुंचे मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और ग्रामीणों की दीपावली की शुभकामनाएं दी। सीएम को मरोग गांव तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर के दुर्गम रास्ते को पार करना पड़ा।
सीआईडी विभाग के एडीजीपी आलोक मित्तल, शिवालिक विकास बोर्ड के वाइस चेयरमैन ओमप्रकाश देवीनगर, कालका की पूर्व विधायक लतिका शर्मा समेत लोकनिर्माण, वन विभाग, बिजली विभाग के अधिकारियों व अन्य नेताओं के अलावा पुलिस विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यक्रम की सूचना मिलने के बाद से ही जिला प्रशासन अलर्ट पर था। तीन दिन से पैदल चलने योग्य रास्ते को जीप लायक बनाया गया। इसके बाद भी बेहद दुर्गम रास्तों से मुख्यमंत्री का काफिला मरोग गांव तक पहुंचा।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने बिजली, पानी और शिक्षा के बारे में बात कर परेशानियों को जाना। मोरनी को टूरिज्म के रूप में उभारने और तकनीकी शिक्षा को उभारने के लिए ग्रामीणों से बात की।
ग्रामीणों ने थाना गांव से मरोग और श्यामू गांव मे पक्की सड़क, मरोग स्कूल को मिडल में अपग्रेड करने, नाईटा पंचायत के गांव दाबसू में नदी पर फुट ओवर ब्रिज बनाने की मांग रखी जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ खुद भी दौरा किया।
वहीं उन्होंने ग्रामीणों से चुनाव के बाद समस्याओं का समाधान करवाने को लेकर बैठक करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर भाजपा नेता पवन धीमान, कनक रेखा, सुखबीर पलासरा, कमलदीप परमार, परमजीत पम्मी, गीत चदेल आदि सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।