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Panchkula News: पुस्तक मेले में बिक रहीं इतिहास, साहित्य, संस्कृति से जुड़ी किताबें
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित तीसरे पुस्तक मेले में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। मेले में अलग-अलग 100 से अधिक प्रकाशन के पुस्तकों को बेचने के लिए स्टॉल लगाए हैं। दिल्ली से वाणी प्रकाशन ग्रुप, हरियाणा साहित्य अकादमी सहित अन्य प्रकाशनों की किताबें काफी ज्यादा बिक रही हैं।
वाणी प्रकाशन ग्रुप के विक्रेता आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी स्टाॅल पर 100 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की किताबें हैं। लोक साहित्य, इतिहास से जुड़ी किताब खरीदना पसंद कर रहे हैं। इस साल भी लोगों में काफी रुचि देखने को मिल रही है।
हरियाणा साहित्य अकादमी के विक्रेता दिनेश पराशर ने बताया कि उनकी स्टॉल पर किताबों पर 30 से लेकर 75 फीसदी की छूट दी जा रही है। पंडित लख्मीचंद की ग्रंथावली की किताब खरीदने में लोग रुचि दिखा रहे हैं। इसके अलावा हरियाणा साहित्य, शिक्षा, राजनीति, संस्कृति इतिहास की किताबें उनकी स्टॉल पर उपलब्ध हैं। अभी तक उनकी स्टॉल पर 25 हजार रुपये की बिक्री हो चुकी है। स्टॉल पर 15 रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक की किताबें उपलब्ध हैं।
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हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने बताया कि ऐसे मेले साल में कई बार लगने चाहिए। कोई अगर किताब पढ़ना चाहता है तो वह पाठकों तक नहीं पहुंच पाती। पुस्तक मेले से लोग नई पुरानी सभी तरह की किताबों को खरीदकर पढ़ सकते हैं। ज्यादा विक्रेता केंद्र खुलने चाहिए। हरियाणा में साल में दो से तीन पुस्तक मेले लगने चाहिए।
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पंचकूला। सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित तीसरे पुस्तक मेले में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। मेले में अलग-अलग 100 से अधिक प्रकाशन के पुस्तकों को बेचने के लिए स्टॉल लगाए हैं। दिल्ली से वाणी प्रकाशन ग्रुप, हरियाणा साहित्य अकादमी सहित अन्य प्रकाशनों की किताबें काफी ज्यादा बिक रही हैं।
वाणी प्रकाशन ग्रुप के विक्रेता आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी स्टाॅल पर 100 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की किताबें हैं। लोक साहित्य, इतिहास से जुड़ी किताब खरीदना पसंद कर रहे हैं। इस साल भी लोगों में काफी रुचि देखने को मिल रही है।
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हरियाणा साहित्य अकादमी के विक्रेता दिनेश पराशर ने बताया कि उनकी स्टॉल पर किताबों पर 30 से लेकर 75 फीसदी की छूट दी जा रही है। पंडित लख्मीचंद की ग्रंथावली की किताब खरीदने में लोग रुचि दिखा रहे हैं। इसके अलावा हरियाणा साहित्य, शिक्षा, राजनीति, संस्कृति इतिहास की किताबें उनकी स्टॉल पर उपलब्ध हैं। अभी तक उनकी स्टॉल पर 25 हजार रुपये की बिक्री हो चुकी है। स्टॉल पर 15 रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक की किताबें उपलब्ध हैं।
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हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने बताया कि ऐसे मेले साल में कई बार लगने चाहिए। कोई अगर किताब पढ़ना चाहता है तो वह पाठकों तक नहीं पहुंच पाती। पुस्तक मेले से लोग नई पुरानी सभी तरह की किताबों को खरीदकर पढ़ सकते हैं। ज्यादा विक्रेता केंद्र खुलने चाहिए। हरियाणा में साल में दो से तीन पुस्तक मेले लगने चाहिए।