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कारपोरेशन बैंक के विलय को लेकर बैंक कर्मियों ने दिया धरना
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सेक्टर-5 स्थित एसबीआई ब्रांच के बाहर बैंक कर्मचारी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए।
- फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला। कॉरपोरेशन बैंक यूनियनों की यूनाइटेड फोरम ने शुक्रवार को सुबह नौ बजे सेक्टर- 5 पंचकूला में उपवास के साथ एक दिन का धरना दिया। कारपोरेशन बैंक को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ विलय करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अंचल के कर्मचारी अच्छी संख्या में एकत्रित हुए और सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित स्थानीय कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ सभी ने धरने में भाग लिया।
केंद्र सरकार ने मुंबई स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ कॉरपोरेशन बैंक के विलय की घोषणा की है। यह कदम 113 साल पुरानी संस्था की पहचान को समाप्त कर देगा । यह न तो अर्थव्यवस्था, ग्राहकों लिए फायदेमंद और न ही कर्मचारियों के लिए। केंद्रसरकार की गलत नीतियां अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के बजाय उसे मारने जा रही हैं।
विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं ने लड़ाई के प्रति एकजुटता व्यक्त की है। उपवास के साथ धरने पर आए लोगों को संबोधित किया। सभा को संबोधित करने वाले नेताओं में कारपोरेशन बैंक के विभिन्न संगठनों के नेता संयुक्त महासचिव सतीश कुमार, कारपोरेशन बैंक अधिकारी संगठन के आंचलिक सचिव नवीन चंद्र, सहायक सचिव सुजॉय, जोनल सेक्रेटरी ज्ञान सिंह, कारपोरेशन बैंक इंप्लाइज यूनियन शामिल रहे। धरने पर अन्य नेता और कार्यकर्ता अंकुर शर्मा, विजयथरेजा, कमलेश, दीनदयाल, विनोद, जगदीप, सुमित मौजूद थे। नेताओं ने विलय के नाम पर बैंकों की हत्या के बुरे प्रभावों पर बात की, इससे अधिक महत्वपूर्ण रूप से ग्राहकों और जनता को प्रभावित करनेवाली स्थिति से रूबरू किया। उन्होंने सभा को सलाह दी कि वे इन कुप्रभावों पर ग्राहकों को जागरूक करें और उनका समर्थन लें।
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केंद्र सरकार ने मुंबई स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ कॉरपोरेशन बैंक के विलय की घोषणा की है। यह कदम 113 साल पुरानी संस्था की पहचान को समाप्त कर देगा । यह न तो अर्थव्यवस्था, ग्राहकों लिए फायदेमंद और न ही कर्मचारियों के लिए। केंद्रसरकार की गलत नीतियां अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के बजाय उसे मारने जा रही हैं।
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विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं ने लड़ाई के प्रति एकजुटता व्यक्त की है। उपवास के साथ धरने पर आए लोगों को संबोधित किया। सभा को संबोधित करने वाले नेताओं में कारपोरेशन बैंक के विभिन्न संगठनों के नेता संयुक्त महासचिव सतीश कुमार, कारपोरेशन बैंक अधिकारी संगठन के आंचलिक सचिव नवीन चंद्र, सहायक सचिव सुजॉय, जोनल सेक्रेटरी ज्ञान सिंह, कारपोरेशन बैंक इंप्लाइज यूनियन शामिल रहे। धरने पर अन्य नेता और कार्यकर्ता अंकुर शर्मा, विजयथरेजा, कमलेश, दीनदयाल, विनोद, जगदीप, सुमित मौजूद थे। नेताओं ने विलय के नाम पर बैंकों की हत्या के बुरे प्रभावों पर बात की, इससे अधिक महत्वपूर्ण रूप से ग्राहकों और जनता को प्रभावित करनेवाली स्थिति से रूबरू किया। उन्होंने सभा को सलाह दी कि वे इन कुप्रभावों पर ग्राहकों को जागरूक करें और उनका समर्थन लें।
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