चंडीगढ़। हरियाणा के जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों के बहुरंगी बत्तियों का मामला सरकार के पास पहुंच गया है। एडवोकेट हेमंत कुमार की राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, गृह मंत्री, परिवहन मंत्री और मुख्य सचिव को की गई शिकायत पर कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रधान सचिव परिवहन नवदीप सिंह विर्क ने परिवहन आयुक्त राजनारायण कौशिक को शिकायत पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हेमंत ने कहा है कि डीसी, एडीसी, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार आदि आईएएस, एचसीएस और अन्य उच्च अधिकारी अपने सरकारी वाहनों पर बहुरंगी या फिर कई बार केवल नीली बत्ती का प्रयोग कर रहे हैं। यह पीएम नरेंद्र मोदी के वीआईपी संस्कृति को खत्म करने के निर्णय का उल्लंघन है।
दो माह पूर्व 8 मई को इस संबंध में शिकायत की गई थी। बीते 7 जुलाई को परिवहन विभाग के प्रधान सचिव ने आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई और सरकार को सूचित करने बारे लिखा है। चूंकि, 1 मई 2017 के बाद विशेषतौर पर केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित इमरजेंसी और आपातकालीन ड्यूटी सेवाओं में कार्यरत वाहनों ही बहुरंगी अर्थात लाल, नीली और सफेद बत्ती का मिश्रण लगा सकते हैं। डीसी, एडीसी, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार आदि प्रशासनिक अधिकारी इस श्रेणी में नहीं आते, बेशक उन्हें प्रदेश सरकार ने सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता), 1973 के तहत कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ) की शक्तियां प्रदान की हों।