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कालका में लावारिस पशुओं के कारण हो रहे हादसे, अधिकारी हैं कि सुनते नहीं

Tue, 21 Sep 2021 01:33 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 01:33 AM IST
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Accidents due to unclaimed animals in Kalka, officials are not listening
पुल पर बैठे लावारिस पशु। - फोटो : PKL OFFICE
कालका। शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों पर झुंड बनाकर बैठने और चलने वाले लावारिस पशु हादसों और जाम का कारण बन रहे हैं। पशुओं की वजह से जहां वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, वहीं लोग भी चोटिल हो रहे हैं। कई बार वाहनों की आवाज सुनकर पशु बिदक जाते हैं, इससे बाजार और सड़कों पर हड़कंप मच जाता है। इस बारे में अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हालात जस के तस हैं। कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। लावारिस पशुओं की वजह से राहगीरों, वाहन चालकों का निकलना तक दूभर हो गया है। कई बार तो हालात यह हो जाते हैं कि लावारिस पशुओं के कारण जाम लग जाता है। रात में स्थिति और विकट हो जाती है। मुख्य मार्ग पर पशुओं के बैठने से कई बार वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होकर चोटिल हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि पिछले लंबे समय से प्रशासन द्वारा कोई ड्राइव नहीं चलाने से जगह-जगह इनका डेरा लगा रहता है।
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इन क्षेत्रों में रहती है भरमार
कालका स्टेडियम के समीप सड़क पर कालका-परवाणू बैरियर वाली सड़क, रामबाग रोड पर बने पुल, रेलवे रोड, गलियों और चौराहों सहित जगह-जगह लावारिस पशुओं की भरमार देखी जा सकती है। इसके अलावा शहर की कालोनियों में दिनभर लावारिस पशु झुंड बनाकर घूमते रहते हैं। इन पशुओं की संख्या सुबह और शाम को ज्यादा हो जाती है। चौराहों या सड़क से गुजरने वाले वाहनों के हॉर्न से कई बार ये बिदक भी जाते हैं। इस वजह से ये रोड पर दौड़ते रहते हैं। अगर समय रहते शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों से मवेशियों को नहीं हटाया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
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सड़क के बीचोंबीच बैठने वाले और घूमने वाले लावारिस पशु हादसों को न्योता दे रहे हैं। कई बार देखा गया है कि सड़क वाहनों के सामने एकदम से पशु आ जाते हैं। उन्हें बचाने के चक्कर में दुर्घटना हो जाती है। - हरीचंद कश्यप, स्थानीय निवासी
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कई बार लावारिस पशुओं ने राहगीरों और वाहन चालकों पर हमला कर उन्हें चोटिल कर दिया, लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। प्रशासन को चाहिए कि जल्द कोई अभियान चलाकर शहरवासियों को इन लावारिस पशुओं से निजात दिलाएं। -जमनादास, संस्थापक, कालका विचार मंच

कोट
लावारिस पशुओं को उठाने का टेंडर 24 सितंबर को खुल रहा है। सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। टेंडर खुलने के बाद लगातार स्पेशल ड्राइव चलाई जाएगी। - सुनील दत्त कौशिक, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद कालका
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