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सर्वे में खुलासा: पंजाब में 58 फीसदी ग्रामीणों ने हल्के लक्षणों को किया नजरअंदाज, इसी वजह से हुईं ज्यादा मौतें

Sun, 16 May 2021 10:08 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 16 May 2021 10:08 AM IST
सार

पंजाब के ग्रामीण इलाकों में हो रही मौतों के पीछे की वजह ग्रामीणों की लापरवाही है। यह खुलासा एक सर्वे में हुआ है। विशेषज्ञों ने इसे चिंताजनक बताया है और एहतियात बरतने की सलाह दी है। वहीं सरकार को भी गांवों में ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।

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58 percent of villagers ignore mild symptoms in Punjab
फाइल फोटो - फोटो : ANI

विस्तार

पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती मृत्यु दर को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में यह बात सामने आई है कि हल्के लक्षणों में बरती गई लापरवाही के कारण 58 प्रतिशत संक्रमित ग्रामीण गंभीर हालत में पहुंच गए, जिससे उनकी मौत हो गई। चिकित्सकीय विशेषज्ञ ने कहा कि संक्रमण में यह लापरवाही चिंताजनक है। उन्होंने सरकार को गांवों पर फोकस करने की सलाह दी है। अभी भी देर नहीं हुई है।

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ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते संक्रमण के दायरे को देखते हुए पंजाब सरकार अब तक कई सर्वे कर चुकी है। सभी में यह बात सामने आई है कि संक्रमण के दौरान ग्रामीण इलाज में लापरवाही बरत रहे हैं। हाल ही में एक सर्वे हुआ है जिसमें यह खुलासा हुआ कि 58 प्रतिशत ग्रामीण ऐसे थे जिनको संक्रमण के हल्के लक्षण दिखाई दिए लेकिन सही इलाज नहीं लेने और समय से टेस्टिंग नहीं कराने के कारण ग्रामीणों में संक्रमण बिगड़ा और उनकी मौत हो गई। 
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सर्वे में यह भी खुलासा हुआ है कि पंजाब भर के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मालवा क्षेत्र में संक्रमण के केस सामने आए हैं। ऐसे में सरकार अब ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक टेस्टिंग कराने का फैसला कर चुकी है। साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी कार्ययोजना बनाने की तैयारी कर रही है।

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अभी भी नहीं सुधरे हालात

गांवों में अभी भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। यहां पर मृत्यु दर में कोई गिरावट नहीं आई है। शहरों के मुकाबले अभी तक 2.8 फीसदी मृत्यु दर का आंकड़ा स्थिर है। शहरों में यही दर 0.8 प्रतिशत पर स्थिर है।

ये आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। ये हालात सिर्फ ग्रामीणों द्वारा संक्रमण को लेकर बरती जा रही लापरवाही के कारण हुए हैं। ग्रामीणों को अब स्वयं ही इसको लेकर जागरूक होना होगा नहीं तो हालात और भी खराब हो जाएंगे।- डॉ. रमणीक सिंह बेदी, पूर्व अध्यक्ष आईएमए, चंडीगढ़।

 

शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा कम संक्रमण दर होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में 58 प्रतिशत संक्रमण से मौतें दर्ज की गई हैं। संक्रमण के हल्के लक्षणों पर ग्रामीणों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, उन्हें तत्काल स्वास्थ्य संस्थाओं की ओर रुख करना चाहिए। - बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब सरकार।

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