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उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के साथ महापर्व संपन्न

Thu, 15 Nov 2018 01:52 AM IST
Updated Thu, 15 Nov 2018 01:52 AM IST
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उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के साथ महापर्व संपन्न
उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के साथ ही महापर्व संपन्न
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न्यू लेक सहित शहर में 15 के अन्य भागों में मनाया छठ
सुबह तीन बजे से ही व्रती घाटों पर आना शुरू हो गई थी
सुबह चार बजे दूध व फलों का प्रसाद बांटा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान कर चार दिवसीय सूर्य उपासना और लोक आस्था के महापर्व छठ का बुधवार को समापन हो गया। न्यू लेक सेक्टर-42 सहित शहर में अन्य 15 जगहों में उत्साह के साथ महापर्व मनाया गया। उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के लिए व्रती अपने परिवार के साथ सुबह तीन बजे से ही आना शुरू हो गए थे। पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन और छठ पूजा सेवा समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी रात न्यू लेक के घाट पर ही रहे। सुबह चार बजे दूध व फलों का प्रसाद इन दोनों संस्थाओं के लोग बांटते रहे।
एक ही साथ बड़ी संख्या में जलते जगमग दीये पूजा को आकर्षक बना रहे थे। कई व्रती घाट पर पहुंचने के बाद ही लेक और अन्य जगहों पर बने कृत्रिम सरोवरों में प्रवेश कर सूर्योदय का इंतजार करते रहे। सूर्योदय होने के साथ ही व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया। अर्घ्य प्रदान करने के बाद घाट की पूजा की और फिर प्रसाद से ही पारण किया। उपस्थित लोगों को भी प्रसाद वितरण किया गया।
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पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ के अध्यक्ष डीके सिंह ने छठ पूजा में सहयोग देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन, पुलिस व अन्य श्रद्धालुओं को धन्यवाद किया। छठ पूजा सेवा समिति के संयोजक संजय चौबे ने बताया कि छठ शांति पूर्वक संपन्न हो गया। अगले वर्ष और बेहतर व्यवस्था होगी।
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न्यू लेक के अलावा, रामदरबार, मलोया, धनास, हल्लोमाजरा, कालोनी नंबर चार, दड़वा, बहलाना, रायपुरखुर्द सहित अन्य जगहों पर छठ पूजा की धूम रही। सभी छठ घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।


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सुहागिन महिलाओं को लगाया जोड़ा सिंदूर
पूजा के बाद सुहागिन महिलाओं ने नाक से लेकर अपनी मांग तक सुहाग का सिंदूर लगाया। व्रतियों ने अपने परिवार और अन्य रिश्तेदारों से आए सुहागिन महिलाओं को इसी प्रकार से सिंदूर लगाया। इस प्रकार सिंदूर लगाने को जोड़ा सिंदूर भी कहा जाता है।
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