फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   संपर्क सेंटर आइए... जमा करिए ई वेस्ट

संपर्क सेंटर आइए... जमा करिए ई वेस्ट

Sun, 30 Jun 2019 02:28 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 30 Jun 2019 02:28 AM IST
विज्ञापन
संपर्क सेंटर आइए... जमा करिए ई वेस्ट
चंडीगढ़। ई-वेस्ट मैटीरियल को कूड़ेदान में डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकारी और गैरसरकारी संस्थानों के साथ घरों और दुकानों में खराब पड़े इलेक्ट्रानिक वेस्ट को संपर्क सेंटरों पर जमा किया जाएगा और सामान की मार्केट वैल्यू के हिसाब से आप रुपये भी ले सकेंगे। एनजीटी के निर्देश पर प्रशासन ने यह पॉलिसी बनाई है, जिसका मकसद शहरवासियों को पॉल्यूशन से बचाना है। बताते चलें कि ई-वेस्ट को जलाने से वायु में जहरीली गैसें घुल जाती हैं, जोकि मानव जीवन के लिए अत्यधिक हानिकारक हैं।
विज्ञापन

इलेक्ट्रानिक वेस्ट मैटीरियल पर्यावरण के लिए खतरा है। प्रशासन ने ई-वेस्ट को खरीदने की पॉलिसी बनाई है, जो अगले माह अमल में आएगी। यूटी प्रशासन के आईटी डिपार्टमेंट ने फाइल तैयार कर ली है। प्रशासन के निर्देश मिलते ही लागू कर दिया जाएगा। बता दें कि एनजीटी की फटकार के बाद यूटी प्रशासन ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है।
विज्ञापन

संपर्क केंद्रों पर लिया जाएगा ई-वेस्ट
लोगों द्वारा यहां वहां फेंका जाने वाला ई-वेस्ट शहर के सभी संपर्क केंद्रों में खरीदा जाएगा। यहां एक अलग काउंटर बनेगा। लोग ई-वेस्ट लेकर आएंगे और मार्केट वैल्यू के अनुसार दाम ले जा सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

अच्छा खासा पैसा मिलेगा
इस ई-वेस्ट को संबंधित कंपनियों को थोक के भाव बेचा जाएगा। इलेक्ट्रानिक सामान का प्रयोग दोबारा हो सकेगा, वहीं लोगों को आय भी होगी। ई-वेस्ट सेल करने वाले सरकारी, गैरसरकारी और आम लोगों का पैसा उनके अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा।
ऐसे पैदा हो रहा मोबाइल से 20 प्रतिशत वेस्ट
वन एवं पर्यावरण विभाग में तैनात एक साइंटिस्ट की मानें तो शहर में मोबाइल से 20 फीसदी से अधिक ई-वेस्ट पैदा हो रहा है। यही वजह है कि प्रशासन ने ई-वेस्ट को खरीदने का प्लान तैयार किया है।

ये हैं ई-वेस्ट के मैटीरियल
कंप्यूटर, मोबाइल, प्रिंटर, रेडियो, कैमरा और एलसीडी सहित कई इलेक्ट्रानिक सामान ई-वेस्ट के अंतर्गत आते हैं। शहर में लगातार बढ़ रहे इलेक्ट्रानिक बाजार से ई-वेस्ट मैटीरियल कई गुना बढ़ता जा रहा है।

खतरनाक गैसें जीवन पर डाल रही प्रभाव
ज्यादातर ई-वेस्ट कूड़े के साथ मिलाकर जला दिया जाता है। इस वेस्ट के जलने से कार्सेनोजेन्स डाई बेंजो पैरा डायोक्सिन एवं न्यूरोटॉक्सिन्स जैसी जहरीली गैसें निकलती हैं। इससे मानव जीवन में प्रजनन की क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
कोट---
सरकारी विभागों के ई-वेस्ट को खरीदने के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं, जबकि अन्य के लिए प्रक्रिया प्रोसेस में हैं।
- आईएएस अर्जुन शर्मा, डायरेक्टर आईटी डिपार्टमेंट यूटी प्रशासन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed