{"_id":"594c1ce94f1c1be0478b4679","slug":"151498160361-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनास की कच्ची कॉलोनी से हटाए जाएंगे 350 अवैध घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनास की कच्ची कॉलोनी से हटाए जाएंगे 350 अवैध घर
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धनास की कच्ची कॉलोनी से हटाए जाएंगे 350 अवैध घर
27 को एस्टेट आफिस की ओर से चलाया जाएगा अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
धनास की कच्ची कॉलोनी में बनाए गए 350 अवैध घरों पर एस्टेट आफिस कार्रवाई करने जा रहा है। एस्टेट आफिस की एनफोर्समेंट विंग की ओर से 27 जून को धनास में डेमोलिशन ड्राइव की जाएगी। कच्ची कॉलोनी में एस्टेट आफिस ने सबको नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के लिए कहा है। दूसरी ओर कच्ची कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ बगावत शुरू कर दी है। धनास के किसानों की खेती की जमीन में बनी कच्ची बस्ती तोड़ने की प्रशासन की कोशिश फिर से तेज हो गई है। कच्ची बस्ती के करीब एक हजार परिवारों और जमीन मालिक किसानों ने मिलकर प्रशासन का विरोध करने के लिए कमर कस ली है।
वीरवार को कच्ची बस्ती में लोगों ने प्रशासन के इस एक तरफा फैसले के खिलाफ रैली की। रैली में सीपीआई लिबरेशन के सचिव कामरेड कंवलजीत सिंह ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा के सबको घर देने के वादे की पोल खुलने वाली है। धनास की कच्ची बस्ती के लोग जिस घर में बैठे हैं, उसे न तो एक्वायर किया जा रहा है और न ही वह खेती के लायक है। ऐसे में बस्ती गिराने से एक तरफ हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। दूसरी तरफ किसानों को किराए से होने वाली आय भी बंद हो जाएगी।
रैली में सतीश कुमार, ईशा अरोड़ा ने कहा कि उनकी पार्टी आज भी पहले की तरह इस संघर्ष में जनता के साथ खड़ी है। दो साल पहले भी इन्हीं दिनों में प्रशासन ने बस्ती तोड़ने की कोशिश की थी, तब भी लोगों ने सीपीआई (एमएल) लिबरेशन की अगुवाई में जोरदार विरोध किया था। पुलिस और प्रशासन द्वारा महिलाओं और बच्चों पर बर्बरता की बडे़ पैमाने पर निंदा हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
27 को एस्टेट आफिस की ओर से चलाया जाएगा अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
धनास की कच्ची कॉलोनी में बनाए गए 350 अवैध घरों पर एस्टेट आफिस कार्रवाई करने जा रहा है। एस्टेट आफिस की एनफोर्समेंट विंग की ओर से 27 जून को धनास में डेमोलिशन ड्राइव की जाएगी। कच्ची कॉलोनी में एस्टेट आफिस ने सबको नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के लिए कहा है। दूसरी ओर कच्ची कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ बगावत शुरू कर दी है। धनास के किसानों की खेती की जमीन में बनी कच्ची बस्ती तोड़ने की प्रशासन की कोशिश फिर से तेज हो गई है। कच्ची बस्ती के करीब एक हजार परिवारों और जमीन मालिक किसानों ने मिलकर प्रशासन का विरोध करने के लिए कमर कस ली है।
वीरवार को कच्ची बस्ती में लोगों ने प्रशासन के इस एक तरफा फैसले के खिलाफ रैली की। रैली में सीपीआई लिबरेशन के सचिव कामरेड कंवलजीत सिंह ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा के सबको घर देने के वादे की पोल खुलने वाली है। धनास की कच्ची बस्ती के लोग जिस घर में बैठे हैं, उसे न तो एक्वायर किया जा रहा है और न ही वह खेती के लायक है। ऐसे में बस्ती गिराने से एक तरफ हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। दूसरी तरफ किसानों को किराए से होने वाली आय भी बंद हो जाएगी।
विज्ञापन
रैली में सतीश कुमार, ईशा अरोड़ा ने कहा कि उनकी पार्टी आज भी पहले की तरह इस संघर्ष में जनता के साथ खड़ी है। दो साल पहले भी इन्हीं दिनों में प्रशासन ने बस्ती तोड़ने की कोशिश की थी, तब भी लोगों ने सीपीआई (एमएल) लिबरेशन की अगुवाई में जोरदार विरोध किया था। पुलिस और प्रशासन द्वारा महिलाओं और बच्चों पर बर्बरता की बडे़ पैमाने पर निंदा हुई थी।
विज्ञापन