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Palwal News: मारपीट से घायल महिला की 14 दिन बाद मौत, हत्या का आरोप
Sat, 21 Sep 2024 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Sat, 21 Sep 2024 11:09 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर थानांतर्गत श्याम नगर काॅलोनी में सात सितंबर को हुए झगड़े में घायल सुनीता पत्नी दीपक कुमार की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस द्वारा 14 दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई न करने तथा मृतका का पोस्टमार्टम न कराने से नाराज परिजनों ने शनिवार को दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर बस अड्डे के पास जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर डीएसपी तथा शहर थाना प्रभारी रेणु सिंह मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाकर मृतका का पोस्टमार्टम कराया। तब जाकर लोग माने और जाम खोला।
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों से मिलीभगत कर आज तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पुलिस को दी शिकायत में मृतका के पति दीपक ने कहा है कि श्याम नगर काॅलोनी स्थित उनके निवास पर सात सितंबर शाम करीब सात बजे उसके छोटे भाई डिंपल की पत्नी माधुरी, उसके पिता अगवानपुर निवासी टीकम सिंह, भाई अजय और विजय अपने साथ आठ-10 लड़कों को लेकर आए तथा आते ही उसके दूसरे भाई राकेश, उसकी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। यह देख उसकी पत्नी सुनीता उन्हें बचाने गई तो आरोपियों ने सुनीता के साथ भी मारपीट की, जिससे वह घायल हो गई। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। लोगों को एकत्रित देख आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए। उनके जाने के बाद घायल हुई उसकी पत्नी सुनीता को गुरुनानक अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। जहां गंभीर हालत को देखते हुए उसे डॉक्टरों ने फरीदाबाद के लिए रेफर कर दिया।
पीड़ित दीपक ने बताया कि इस बारे में उन्होंने पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की और उसके भाई राकेश की शिकायत पर मारपीट का मामला दर्ज कर मामले को दबाने का प्रयास किया। दीपक ने बताया कि कार्रवाई के लिए उसने कई बार बस अड्डा पुलिस चौकी में कहा, लेकिन पुलिस ने आरोपियों से मिलीभगत कर मुकदमा दर्ज नहीं किया। शनिवार को 14 दिन से उपचाराधीन सुनीता की मौत हो गई। आरोप है कि सुनीता की मौत के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस चौकी प्रभारी से पोस्टमार्टम कराने को कहा, लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी और पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इस बात से नाराज होकर परिजन तथा काॅलोनी के लोगों ने राजमार्ग पर बस अड्डे के पास जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रेणु सिंह मौके पर पहुंच गई तथा लोगों को समझाया। लोग आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की बात पर अड़े रहे। बाद में थाना प्रभारी तथा डीएसपी ने पोस्टमार्टम करा उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बाद में लोगों ने जाम खोल दिया। जाम करीब दो घंटे लगा रहा।
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जाम में फंसे रहे वाहन
मृतका सुनीता के परिजनों द्वारा लगाए गए जाम के कारण काफी वाहन जाम में फंसे रहे। वाहनों की जाम के चलते लंबी कतार लग गई। दो घंटे बाद जाम खुलने पर वाहन चालकों ने राहत की सांस ली तथा वाहन निकले। थाना प्रभारी रेणु सिंह ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की
उधर, आरोपियों ने गिरफ्तारी के डर से अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर करा दी। इस बात की जानकारी मिलते ही मृतक के परिवार की काफी महिलाएं ऑटो में सवार होकर अदालत पहुंच गई। अदालत के बाहर महिलाओं ने काफी हंगामा किया। हालांकि बाद में अदालत ने आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।
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पलवल। शहर थानांतर्गत श्याम नगर काॅलोनी में सात सितंबर को हुए झगड़े में घायल सुनीता पत्नी दीपक कुमार की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस द्वारा 14 दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई न करने तथा मृतका का पोस्टमार्टम न कराने से नाराज परिजनों ने शनिवार को दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर बस अड्डे के पास जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर डीएसपी तथा शहर थाना प्रभारी रेणु सिंह मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाकर मृतका का पोस्टमार्टम कराया। तब जाकर लोग माने और जाम खोला।
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों से मिलीभगत कर आज तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पुलिस को दी शिकायत में मृतका के पति दीपक ने कहा है कि श्याम नगर काॅलोनी स्थित उनके निवास पर सात सितंबर शाम करीब सात बजे उसके छोटे भाई डिंपल की पत्नी माधुरी, उसके पिता अगवानपुर निवासी टीकम सिंह, भाई अजय और विजय अपने साथ आठ-10 लड़कों को लेकर आए तथा आते ही उसके दूसरे भाई राकेश, उसकी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। यह देख उसकी पत्नी सुनीता उन्हें बचाने गई तो आरोपियों ने सुनीता के साथ भी मारपीट की, जिससे वह घायल हो गई। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। लोगों को एकत्रित देख आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए। उनके जाने के बाद घायल हुई उसकी पत्नी सुनीता को गुरुनानक अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। जहां गंभीर हालत को देखते हुए उसे डॉक्टरों ने फरीदाबाद के लिए रेफर कर दिया।
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पीड़ित दीपक ने बताया कि इस बारे में उन्होंने पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की और उसके भाई राकेश की शिकायत पर मारपीट का मामला दर्ज कर मामले को दबाने का प्रयास किया। दीपक ने बताया कि कार्रवाई के लिए उसने कई बार बस अड्डा पुलिस चौकी में कहा, लेकिन पुलिस ने आरोपियों से मिलीभगत कर मुकदमा दर्ज नहीं किया। शनिवार को 14 दिन से उपचाराधीन सुनीता की मौत हो गई। आरोप है कि सुनीता की मौत के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस चौकी प्रभारी से पोस्टमार्टम कराने को कहा, लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी और पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इस बात से नाराज होकर परिजन तथा काॅलोनी के लोगों ने राजमार्ग पर बस अड्डे के पास जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रेणु सिंह मौके पर पहुंच गई तथा लोगों को समझाया। लोग आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की बात पर अड़े रहे। बाद में थाना प्रभारी तथा डीएसपी ने पोस्टमार्टम करा उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बाद में लोगों ने जाम खोल दिया। जाम करीब दो घंटे लगा रहा।
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जाम में फंसे रहे वाहन
मृतका सुनीता के परिजनों द्वारा लगाए गए जाम के कारण काफी वाहन जाम में फंसे रहे। वाहनों की जाम के चलते लंबी कतार लग गई। दो घंटे बाद जाम खुलने पर वाहन चालकों ने राहत की सांस ली तथा वाहन निकले। थाना प्रभारी रेणु सिंह ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की
उधर, आरोपियों ने गिरफ्तारी के डर से अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर करा दी। इस बात की जानकारी मिलते ही मृतक के परिवार की काफी महिलाएं ऑटो में सवार होकर अदालत पहुंच गई। अदालत के बाहर महिलाओं ने काफी हंगामा किया। हालांकि बाद में अदालत ने आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।