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Palwal News: पानी का इंतजार... सिंचाई का समय नजदीक, माइनरों की सफाई ठप
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35 गांवों के किसानों को रजवाहों व माइनरों की सफाई न होने से सताने लगी चिंता
नहरों से जुड़े रजवाहों में सफाई कार्य लंबित, हजारों एकड़ फसल पर संकट के बादल
रोशनलाल शर्मा
होडल। क्षेत्र के अलावा जिले की विभिन्न नहरों से निकलने वाले रजवाहों व माइनरों की सफाई न होने से किसानों को सिंचाई की चिंता सताने लगी है। धान बिजाई के लिए सिंचाई का समय नजदीक आ गया है और अभी तक जिले के अलावा अन्य क्षेत्रों में किसी भी रजवाहे या माइनर की सफाई का काम शुरू नहीं हुआ है।
प्रति वर्ष जब सिंचाई विभाग माइनरों की सफाई कर पानी छोड़ता है, तब तक किसान अन्य साधनों से सिंचाई का काम पूरा कर लेते हैं। इससे किसान की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। माइनरों की सफाई के बारे में किसानों ने कई बार सिंचाई विभाग व प्रशासन से शिकायत की, लेकिन इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई। क्षेत्र में यमुना नदी से निकलने वाली आगरा व गुरुग्राम नहर पर ज्यादातर किसान सिंचाई पर आश्रित हैं। इन नहरों से रजवाहे निकलते हैं, जिनसे किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
विभाग ने शुरू नहीं किया किसी भी माइनर की सफाई का काम
आगरा कैनाल से पलवल, होडल, हथीन, भंगूरी व हसनपुर रजवाहे निकलते हैं। इन रजवाहों से 32 माइनर किसानों के खेतों तक पहुंचते हैं। इसी प्रकार गुरुग्राम कैनाल से निकलने वाली एक दर्जन से अधिक माइनरों पर हथीन क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था टिकी हुई है। दोनों नहरों से निकलने वाले इन रजवाहों व माइनरों से जिले के हजारों एकड़ फसल की सिंचाई होती है। विभाग की ओर से अभी तक किसी भी माइनर की सफाई का काम शुरू नहीं किया गया है। रजवाहों व माइनरों में बड़ी-बड़ी झाड़ियां व घास उगी हुई हैं। किनारों पर खड़े पेड़ों की डालियां रजवाहों में पड़ी हुई हैं। किसानों द्वारा पानी रोकने के लिए बनाए गए पुराने बंद भी नहीं हटाए गए हैं।
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मानसून में होगी ज्यादा परेशानी
प्रति वर्ष प्रदेश सरकार आखिरी टेल तक पानी पहुंचाने का दावा करती है, परंतु समय पर सफाई का काम न होने से पानी नहीं पहुंच पाता। अभी तक रजवाहों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई है। टेंडर होने के बाद सफाई का काम शुरू होगा। ऐसे में रजवाहों की सफाई न हुई तो मानसून के दौरान और अधिक समस्या बन जाएगी, क्योंकि उस दौरान बिल्कुल भी रजवाहों की सफाई नहीं हो पाएगी।
इन गांवों के किसान हो रहे प्रभावित
रजवाहों की सफाई न होने से हसनपुर रजवाहा, होडल रजवाहा, हथीन रजवाहा और भंगूरी डिस्ट्रीब्यूटरी सभी सूखे पड़े हैं। हसनपुर रजवाहे से कुशक, अच्छेजा, टप्पा, बिल्लोचपुर, जटौली, गुलाबद, करीमपुर, काशीपुर, मोहरू का नंगला, कानपुर नंगला, मछीपुरा, हसनपुर, लिखी, डराना, भैंडोली और भिडूकी गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं। इसी प्रकार होडल रजवाहे से सैलोटी, रूंधी, नांगल, लाडियाका, बाता, रायदासका, बमाडियाका, गुंडवास, अजीजाबाद, पिगौंड, दीघोट, सीहा, गांव सौन्दहद, बंचारी, डाडका, बोराका, गढ़ी पट्टी, होडल की सभी पट्टियां, लोहिना सहित अन्य गांव प्रभावित हो रहे हैं।
धान की बुवाई का समय चल रहा है। उसके लिए खेतों में सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता है, लेकिन रजवाहों में पानी नहीं है। ऐसे में किसानों के आगे खेतों की सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई है, लेकिन सिंचाई विभाग का रजवाहों की सफाई पर कोई ध्यान नहीं है।
— किसान रामनारायण
रजवाहों की सफाई पर सिंचाई विभाग का बिल्कुल ध्यान नहीं है। रजवाहों की सफाई न होने के कारण पानी नहीं पहुंच पाता और किसान सिंचाई से वंचित रह जाता है। अब मानसून आ गया, फिर बिल्कुल भी सफाई नहीं होगी। अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
— किसान गिर्राज
रजवाहों की सफाई जल्द कराई जाएगी। रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की जाएगी। सिंचाई विभाग इसके लिए पूरी तरह तैयार है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। जिले में 13 ड्रेनों की सफाई करवा दी गई है। जल्द माइनरों की सफाई शुरू कर दी जाएगी। -मोहित वशिष्ठ, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग पलवल
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नहरों से जुड़े रजवाहों में सफाई कार्य लंबित, हजारों एकड़ फसल पर संकट के बादल
रोशनलाल शर्मा
होडल। क्षेत्र के अलावा जिले की विभिन्न नहरों से निकलने वाले रजवाहों व माइनरों की सफाई न होने से किसानों को सिंचाई की चिंता सताने लगी है। धान बिजाई के लिए सिंचाई का समय नजदीक आ गया है और अभी तक जिले के अलावा अन्य क्षेत्रों में किसी भी रजवाहे या माइनर की सफाई का काम शुरू नहीं हुआ है।
प्रति वर्ष जब सिंचाई विभाग माइनरों की सफाई कर पानी छोड़ता है, तब तक किसान अन्य साधनों से सिंचाई का काम पूरा कर लेते हैं। इससे किसान की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। माइनरों की सफाई के बारे में किसानों ने कई बार सिंचाई विभाग व प्रशासन से शिकायत की, लेकिन इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई। क्षेत्र में यमुना नदी से निकलने वाली आगरा व गुरुग्राम नहर पर ज्यादातर किसान सिंचाई पर आश्रित हैं। इन नहरों से रजवाहे निकलते हैं, जिनसे किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
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विभाग ने शुरू नहीं किया किसी भी माइनर की सफाई का काम
आगरा कैनाल से पलवल, होडल, हथीन, भंगूरी व हसनपुर रजवाहे निकलते हैं। इन रजवाहों से 32 माइनर किसानों के खेतों तक पहुंचते हैं। इसी प्रकार गुरुग्राम कैनाल से निकलने वाली एक दर्जन से अधिक माइनरों पर हथीन क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था टिकी हुई है। दोनों नहरों से निकलने वाले इन रजवाहों व माइनरों से जिले के हजारों एकड़ फसल की सिंचाई होती है। विभाग की ओर से अभी तक किसी भी माइनर की सफाई का काम शुरू नहीं किया गया है। रजवाहों व माइनरों में बड़ी-बड़ी झाड़ियां व घास उगी हुई हैं। किनारों पर खड़े पेड़ों की डालियां रजवाहों में पड़ी हुई हैं। किसानों द्वारा पानी रोकने के लिए बनाए गए पुराने बंद भी नहीं हटाए गए हैं।
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मानसून में होगी ज्यादा परेशानी
प्रति वर्ष प्रदेश सरकार आखिरी टेल तक पानी पहुंचाने का दावा करती है, परंतु समय पर सफाई का काम न होने से पानी नहीं पहुंच पाता। अभी तक रजवाहों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई है। टेंडर होने के बाद सफाई का काम शुरू होगा। ऐसे में रजवाहों की सफाई न हुई तो मानसून के दौरान और अधिक समस्या बन जाएगी, क्योंकि उस दौरान बिल्कुल भी रजवाहों की सफाई नहीं हो पाएगी।
इन गांवों के किसान हो रहे प्रभावित
रजवाहों की सफाई न होने से हसनपुर रजवाहा, होडल रजवाहा, हथीन रजवाहा और भंगूरी डिस्ट्रीब्यूटरी सभी सूखे पड़े हैं। हसनपुर रजवाहे से कुशक, अच्छेजा, टप्पा, बिल्लोचपुर, जटौली, गुलाबद, करीमपुर, काशीपुर, मोहरू का नंगला, कानपुर नंगला, मछीपुरा, हसनपुर, लिखी, डराना, भैंडोली और भिडूकी गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं। इसी प्रकार होडल रजवाहे से सैलोटी, रूंधी, नांगल, लाडियाका, बाता, रायदासका, बमाडियाका, गुंडवास, अजीजाबाद, पिगौंड, दीघोट, सीहा, गांव सौन्दहद, बंचारी, डाडका, बोराका, गढ़ी पट्टी, होडल की सभी पट्टियां, लोहिना सहित अन्य गांव प्रभावित हो रहे हैं।
धान की बुवाई का समय चल रहा है। उसके लिए खेतों में सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता है, लेकिन रजवाहों में पानी नहीं है। ऐसे में किसानों के आगे खेतों की सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई है, लेकिन सिंचाई विभाग का रजवाहों की सफाई पर कोई ध्यान नहीं है।
— किसान रामनारायण
रजवाहों की सफाई पर सिंचाई विभाग का बिल्कुल ध्यान नहीं है। रजवाहों की सफाई न होने के कारण पानी नहीं पहुंच पाता और किसान सिंचाई से वंचित रह जाता है। अब मानसून आ गया, फिर बिल्कुल भी सफाई नहीं होगी। अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
— किसान गिर्राज
रजवाहों की सफाई जल्द कराई जाएगी। रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की जाएगी। सिंचाई विभाग इसके लिए पूरी तरह तैयार है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। जिले में 13 ड्रेनों की सफाई करवा दी गई है। जल्द माइनरों की सफाई शुरू कर दी जाएगी। -मोहित वशिष्ठ, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग पलवल