{"_id":"6446b84a35327326ea0e46d6","slug":"the-sarpanch-who-won-the-election-by-filing-fake-affidavit-suspended-palwal-news-c-1-1-461642-2023-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: फर्जी गोदनामा दाखिल कर चुनाव जीतने वाला सरपंच निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: फर्जी गोदनामा दाखिल कर चुनाव जीतने वाला सरपंच निलंबित
विज्ञापन
24श्चड्डद्यश्च1- निलंबित सरपंच दुष्यंत।
गांव निवासी व्यक्ति की शिकायत पर गदपुरी पुलिस ने दर्ज किया था धोखाधड़ी का मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। फर्जी गोदनामा दाखिल कर ग्राम पंचायत धतीर के सरपंच बने दुष्यंत को निलंबित कर दिया गया है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा ने संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच चलने तक बहुमत वाले को ग्राम सरपंच का कार्यभार सौंपा जाएगा। मामले में बीते साल 19 दिसंबर को गांव लखन ने सरपंच के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर आरोपी सरपंच के खिलाफ गदपुरी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था।
दरअसल, गांव धतीर निवासी लखन ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में कहा था कि बीते साल हुए पंचायत चुनाव में गांव धतीर का सरपंच पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। गांव धतीर निवासी दुष्यंत लुहार जाति से संबंध रखता है। दुष्यंत ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र दाखिल कर चुनाव लड़ा और 25 नवंबर 2022 को चुनाव जीत लिया। शिकायत में कहा गया कि दुष्यंत के पिता बुधराम ने गांव धतीर निवासी शांति देवी के साथ अपना फर्जी गोदनामा दिखाया। 21 मार्च 2005 को हुए गोदनामे में कहा गया कि उसे शांति देवी ने गोद लिया है, जिसमें शांति देवी की उम्र 65 वर्ष बताई गई। गोदनामा के समय बुधराम शादीशुदा था और उसकी उम्र 40 वर्ष थी। वर्ष 2005 में बुधराम के तीन बच्चे थे। बड़ी बेटी लवली की जन्मतिथि आठ जुलाई 1992, दूसरे पुत्र दुष्यंत की जन्म तिथि 20 जनवरी 1996 और तीसरे पुत्र अंकित की जन्म तिथि दो अगस्त 1999 है। तीनों बच्चे गोदनामा से पहले पैदा हो चुके थे। बुधराम के स्कूली दस्तावेजों में उसकी जाति लुहार पाई गई। 1989 में 24 वर्ष की उम्र में बुधराम की नौकरी हरियाणा पुलिस में लगी, उस दौरान भी बुधराम ने अपनी जाति लुहार दिखाई। सरपंच दुष्यंत के शैक्षणिक दस्तावेजों ेमें उसकी जाति अलग-अलग दर्शाई गई है।
मामले में कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने सरपंच दुष्यंत को निलंबित कर दिया गया। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा ने बताया कि मामले में सरपंच दुष्यंत का गोदनामा फर्जी पाया गया, जिसके आधार पर सरपंच दुष्यंत को निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव निवासी व्यक्ति की शिकायत पर गदपुरी पुलिस ने दर्ज किया था धोखाधड़ी का मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। फर्जी गोदनामा दाखिल कर ग्राम पंचायत धतीर के सरपंच बने दुष्यंत को निलंबित कर दिया गया है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा ने संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच चलने तक बहुमत वाले को ग्राम सरपंच का कार्यभार सौंपा जाएगा। मामले में बीते साल 19 दिसंबर को गांव लखन ने सरपंच के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर आरोपी सरपंच के खिलाफ गदपुरी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था।
दरअसल, गांव धतीर निवासी लखन ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में कहा था कि बीते साल हुए पंचायत चुनाव में गांव धतीर का सरपंच पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। गांव धतीर निवासी दुष्यंत लुहार जाति से संबंध रखता है। दुष्यंत ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र दाखिल कर चुनाव लड़ा और 25 नवंबर 2022 को चुनाव जीत लिया। शिकायत में कहा गया कि दुष्यंत के पिता बुधराम ने गांव धतीर निवासी शांति देवी के साथ अपना फर्जी गोदनामा दिखाया। 21 मार्च 2005 को हुए गोदनामे में कहा गया कि उसे शांति देवी ने गोद लिया है, जिसमें शांति देवी की उम्र 65 वर्ष बताई गई। गोदनामा के समय बुधराम शादीशुदा था और उसकी उम्र 40 वर्ष थी। वर्ष 2005 में बुधराम के तीन बच्चे थे। बड़ी बेटी लवली की जन्मतिथि आठ जुलाई 1992, दूसरे पुत्र दुष्यंत की जन्म तिथि 20 जनवरी 1996 और तीसरे पुत्र अंकित की जन्म तिथि दो अगस्त 1999 है। तीनों बच्चे गोदनामा से पहले पैदा हो चुके थे। बुधराम के स्कूली दस्तावेजों में उसकी जाति लुहार पाई गई। 1989 में 24 वर्ष की उम्र में बुधराम की नौकरी हरियाणा पुलिस में लगी, उस दौरान भी बुधराम ने अपनी जाति लुहार दिखाई। सरपंच दुष्यंत के शैक्षणिक दस्तावेजों ेमें उसकी जाति अलग-अलग दर्शाई गई है।
विज्ञापन
मामले में कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने सरपंच दुष्यंत को निलंबित कर दिया गया। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा ने बताया कि मामले में सरपंच दुष्यंत का गोदनामा फर्जी पाया गया, जिसके आधार पर सरपंच दुष्यंत को निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन