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नरेगा घोटाला: दो साल में 3227 कार्य दिखाए, विवरण बुक भरी केवल 86 की
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पलवल। नरेगा घोटाला में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। कोरोना काल में 3,227 कार्यों का विवरण ऑनलाइन दर्शाया गया है, जबकि विवरण बुक (मेजरमेंट बुक) केवल 86 कार्यों की भरी गई है। 50 करोड़ से अधिक रुपये के इस घोटाले में अधिकारियों की संलिप्तता भी उजागर हो रही है। सीएम विंडो पर नरेगा घोटाले की शिकायत भी उन्हीं अधिकारियों को सौंपी गई, जिनके खिलाफ शिकायत थी। पिछले दो साल में नरेगा घोटाले में सीएम विंडों पर दी गई। सभी शिकायतों को झूठी बताकर शिकायतों का निपटान दिखा दिया गया। मनरेगा से जुडे़ सभी रिकार्ड को लेने के लिए जल्द ही मुकदमे दर्ज करवाने की भी करवाई जा सकती है।
नाम नहीं लिखने की बात कहते हुए एक अधिकारी ने बताया कि साल 2020-21 में 501 कार्य पूरे किए गए और 1117 पर काम जारी दिखाकर सरकारी खजाने से 25 करोड़ 95 लाख 70 हजार रुपये निकाल लिए। इसी प्रकार साल 2021-22 में 766 कार्य पूरे और 833 कार्य जारी दिखाकर 25 करोड़ 20 लाख 83 हजार रुपये निकाल लिए। रुपये निकालने के दौरान डिजिटल साइन और क्लर्क व चपरासियों के नाम से बनाए गए डोंगल प्रयोग किए गए। जांच के दौरान अभी तक 3227 कार्यों में से केवल 86 कार्यों की मेजरमेंट बुक पाई गई हैं। मेजरमेंट बुक में ठेकेदार व फर्म का नाम, काम शुरू होने और पूरा होने तिथि, काम का विवरण, काम का खर्चा सहित पूरी जानकारी होती है।
सीएम विंडो पर नरेगा घोटाले की सभी शिकायतें ठेके पर लगे आरोपी कर्मचारियों को सौंपी गई। सीएम विंडो की सभी शिकायतों को सुनियोजित तरीके से शिकायतकर्ता को बुलाकर फाइल की गई। सीएम विंडो पर दी गई एक भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले की जांच में जुटे अधिकारियों ने भी सीएम विंडो पर दी गई सभी शिकायतों का विवरण मांगा है। एडीसी उत्तम सिंह ने कहा कि मनरेगा घोटाले की जांच शुरू कर दी गई है और एक-एक कार्य की जांच की जाएगी। वहीं, सोमवार को चंडीगढ़ से आने वाली पंचायत विभाग की बिजिलेंस टीम को लेकर भी लोगों को पूरी जानकारी देने की बात कही गई है।
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नाम नहीं लिखने की बात कहते हुए एक अधिकारी ने बताया कि साल 2020-21 में 501 कार्य पूरे किए गए और 1117 पर काम जारी दिखाकर सरकारी खजाने से 25 करोड़ 95 लाख 70 हजार रुपये निकाल लिए। इसी प्रकार साल 2021-22 में 766 कार्य पूरे और 833 कार्य जारी दिखाकर 25 करोड़ 20 लाख 83 हजार रुपये निकाल लिए। रुपये निकालने के दौरान डिजिटल साइन और क्लर्क व चपरासियों के नाम से बनाए गए डोंगल प्रयोग किए गए। जांच के दौरान अभी तक 3227 कार्यों में से केवल 86 कार्यों की मेजरमेंट बुक पाई गई हैं। मेजरमेंट बुक में ठेकेदार व फर्म का नाम, काम शुरू होने और पूरा होने तिथि, काम का विवरण, काम का खर्चा सहित पूरी जानकारी होती है।
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सीएम विंडो पर नरेगा घोटाले की सभी शिकायतें ठेके पर लगे आरोपी कर्मचारियों को सौंपी गई। सीएम विंडो की सभी शिकायतों को सुनियोजित तरीके से शिकायतकर्ता को बुलाकर फाइल की गई। सीएम विंडो पर दी गई एक भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले की जांच में जुटे अधिकारियों ने भी सीएम विंडो पर दी गई सभी शिकायतों का विवरण मांगा है। एडीसी उत्तम सिंह ने कहा कि मनरेगा घोटाले की जांच शुरू कर दी गई है और एक-एक कार्य की जांच की जाएगी। वहीं, सोमवार को चंडीगढ़ से आने वाली पंचायत विभाग की बिजिलेंस टीम को लेकर भी लोगों को पूरी जानकारी देने की बात कही गई है।
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